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MPTET
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत प्रतिपादित 'विकेंद्रीकरण' (Decentration) की अवधारणा—जिसके तहत बच्चा किसी वस्तु या घटना के केवल एक ही आयाम (जैसे केवल लंबाई या केवल चौड़ाई) पर ध्यान केंद्रित करने की अपनी पूर्व प्रवृत्ति (Centration) से ऊपर उठकर एक ही समय में एक से अधिक आयामों, पक्षों या दृष्टिकोणों को एक साथ देखने, मानसिक रूप से समन्वय स्थापित करने और तार्किक विचार करने की क्षमता अर्जित कर लेता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के बहु-आयामी चिंतन, संरक्षण (Conservation) के संप्रत्यय और तार्किक अवबोध के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?

Detailed Explanation

जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, 'विकेंद्रीकरण' (Decentration) वह महत्वपूर्ण संज्ञानात्मक क्षमता है जो आमतौर पर पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था से मूर्त-संक्रियात्मक अवस्था में संक्रमण के दौरान विकसित होती है। इसमें बच्चा किसी वस्तु या स्थिति की केवल एक विशेषता (केंद्रीकरण या Centration) पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय उसके कई आयामों को एक साथ देखने और उनमें समन्वय करने की क्षमता हासिल कर लेता है (उदाहरण के लिए, यह समझना कि बर्तन बदलने से पानी की मात्रा नहीं बदलती, यानी संरक्षण का गुण)। कक्षा-कक्षीय शिक्षण में यह क्षमता छात्रों को किसी भी समस्या के विभिन्न पहलुओं का तार्किक विश्लेषण करने और पूर्वाग्रह-मुक्त होकर बहु-आयामी दृष्टिकोण अपनाने में मदद करती है। अतः विकल्प (b) सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है।
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