त्वरित लिंक्स
MPTET
1 views
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Cognitive Development Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'विकेंद्रीकरण' (Decentration) की अवधारणा—जिसके तहत पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था की अहमकेन्द्रिता (Egocentrism) से आगे बढ़ते हुए बालक किसी वस्तु या परिस्थिति के केवल एक ही आयाम (Dimension) या पक्ष पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय उसके एकाधिक पहलुओं, आयामों और दृष्टिकोणों को एक साथ देखने और मानसिक रूप से संतुलित करने की क्षमता विकसित करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के बहु-आयामी दृष्टिकोण, तार्किक संरक्षण (Conservation) और संज्ञानात्मक लचीलेपन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत में 'विकेंद्रीकरण' (Decentration) मूर्त-संक्रियात्मक अवस्था (Concrete Operational Stage) की एक अत्यंत महत्वपूर्ण विशेषता है। पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था में बालक 'अहमकेन्द्रिता' (Egocentrism) और 'केंद्रीकरण' (Centration - किसी वस्तु के केवल एक पहलू पर ध्यान केंद्रित करना) से ग्रसित होता है। जब बालक विकेंद्रीकरण की क्षमता हासिल कर लेता है, तो वह किसी वस्तु की लंबाई, चौड़ाई और ऊंचाई या अन्य पहलुओं को एक साथ ध्यान में रख सकता है, जो 'संरक्षण' (Conservation) की समझ के लिए अनिवार्य है।
Related Questions
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, डेविड औसुबेल (David Ausubel) के 'सार्थक मौखिक अधिगम सिद्धांत' (Meaningful Verbal Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'अग्रिम आयोजकों' (Advance Organizers), 'अवरोही और आनुक्रमिक अंतरण' (Progressive Differentiation and Integrative Reconciliation) की अवधारणाओं, तथा 'रटंत अधिगम' (Rote Learning) बनाम 'सार्थक अधिगम' के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में संज्ञानात्मक संरचनाओं के सुदृढ़ीकरण के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, एडवर्ड थॉर्नडाइक (Edward Thorndike) के 'सम्बन्धवाद' (Connectionism) या 'प्रयास एवं त्रुटि सिद्धांत' (Trial and Error Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'तत्परता का नियम' (Law of Readiness)—जिसके तहत जब कोई तंत्रिका मार्ग (Neural Pathway) कार्य करने के लिए पूरी तरह तैयार होता है और उसे ऐसा करने दिया जाता है, तो इससे व्यक्ति को संतोष और आनंद की प्राप्ति होती है, जबकि बाधा उत्पन्न होने पर झुंझलाहट या असंतोष होता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की अधिगम की गति, मानसिक तैयारी, और प्रेरणा के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, डेविड औसुबेल (David Ausubel) के 'सार्थक मौखिक अधिगम सिद्धांत' (Meaningful Verbal Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'अग्रिम आयोजक' (Advance Organizer) की अवधारणा—जिसके तहत किसी नवीन, जटिल और विस्तृत विषयवस्तु को प्रस्तुत करने से ठीक पहले एक उच्च-स्तरीय, समावेशी और अमूर्त शिक्षण सामग्री या रूपरेखा प्रदान की जाती है, जो शिक्षार्थी के संज्ञानात्मक ढांचे में पहले से मौजूद पूर्व-ज्ञान (Prior Knowledge) के साथ नवीन सूचनाओं को जोड़ने या 'एन्करिंग' (Anchoring) करने का कार्य करती है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के तार्किक संगठन, दीर्घकालिक स्मृति और संज्ञानात्मक संरचना के वैज्ञानिक सुदृढ़ीकरण के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) के 'संज्ञानात्मक विकास और खोजपूर्ण अधिगम सिद्धांत' (Discovery Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित **'प्रतीकात्मक अवस्था' (Symbolic Stage - लगभग 7 वर्ष से आगे)** की अवधारणा—जिसके तहत शिक्षार्थी मूर्त वस्तुओं या छवियों से आगे बढ़कर अमूर्त प्रतीकों, भाषा, गणितीय संकेतों और कोड (Codes) के माध्यम से सूचनाओं को संसाधित, संग्रहित और संप्रेषित करना सीखता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के उच्च-स्तरीय अमूर्त चिंतन, तार्किक संगणना और वैचारिक संरचना के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, एडवर्ड थॉर्नडाइक (Edward Thorndike) के 'संबंधवाद (Connectionism) / प्रयास एवं त्रुटि सिद्धांत' (Trial and Error Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित तीन मुख्य नियमों—(1) तत्परता का नियम (Law of Readiness), (2) अभ्यास का नियम (Law of Exercise), और (3) प्रभाव का नियम (Law of Affirmation/Effect)—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के अनुक्रियाओं के समेकन, संतोषजनक परिणामों द्वारा अधिगम को दृढ़ करने, और व्यर्थ की त्रुटियों के शमन के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.