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MPTET
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, उरी ब्रॉन्फेनब्रेनर (Urie Bronfenbrenner) के 'पारिस्थितिकी प्रणालियों के सिद्धांत' (Ecological Systems Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'मीसोसिस्टम या मध्यतंत्र' (Mesosystem) की अवधारणा—जिसके तहत विकासशील व्यक्ति की विभिन्न सूक्ष्म प्रणालियों (Microsystems) यानी उसके परिवार, विद्यालय, सहपाठियों और पड़ोस के बीच होने वाले आपसी संबंधों, अंतःक्रियाओं और संपर्कों को शामिल किया जाता है (उदाहरणार्थ, माता-पिता और शिक्षकों के बीच की बैठक या सहपाठियों और परिवार के बीच समन्वय)—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के समग्र विकास, सामाजिक अनुकूलन और संज्ञानात्मक स्थिरता के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?

Detailed Explanation

मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) के दृष्टिकोण से उरी ब्रॉन्फेनब्रेनर का पारिस्थितिकी प्रणालियों का सिद्धांत (Ecological Systems Theory) अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस सिद्धांत के अनुसार 'मीसोसिस्टम' (मध्यतंत्र) विभिन्न सूक्ष्म प्रणालियों (Microsystems) जैसे कि परिवार, विद्यालय, शिक्षक और सहपाठियों के बीच के आपसी संबंधों और अंतःक्रियाओं का एक नेटवर्क है। विकल्प (b) सबसे अधिक प्रामाणिक है क्योंकि जब घर और विद्यालय के बीच सकारात्मक संबंध होते हैं (जैसे पेरेंट्स-टीचर मीटिंग), तो बालक का अधिगम अधिक प्रभावी, सुरक्षित और निरंतर होता है। विकल्प (a) गलत है क्योंकि इसका प्रत्यक्ष प्रभाव होता है। विकल्प (c) 'क्रोनोसिस्टम' से संबंधित है और विकल्प (d) 'एक्सोसिस्टम' को परिभाषित करता है।
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, उरी ब्रॉन्fenbrenner (Urie Bronfenbrenner) के 'पारिस्थितिकी प्रणालियों के सिद्धांत' (Ecological Systems Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संरचनात्मक स्तर—**'मेसोसिस्टम' (Mesosystem)**—जिसे विभिन्न सूक्ष्म प्रणालियों (Microsystems) जैसे कि परिवार, विद्यालय, सहकर्मी समूह और पड़ोस के बीच आपसी अंतःक्रियाओं और संबंधों के रूप में परिभाषित किया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के समग्र विकास, सामाजिक समायोजन और पारिस्थितिकीय समन्वय के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, 'कूपर और हेलर' (Cooper & Heller) तथा अन्य समकालीन मनोवैज्ञानिकों द्वारा प्रतिपादित 'कक्षा प्रबंधन और अनुशासन' (Classroom Management and Discipline) के 'सशक्तिकरण उपागम' (Empowerment Approach) के अनुसार, निम्नलिखित में से कौन सी शिक्षण रणनीति पारंपरिक सत्तावादी (Authoritarian) नियंत्रण के स्थान पर विद्यार्थियों में आंतरिक अनुशासन और स्वायत्तता (Autonomy) विकसित करने के लिए सर्वाधिक प्रभावी मानी जाती है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, अल्बर्ट बंडूरा (Albert Bandura) के 'सामाजिक अधिगम सिद्धांत' (Social Learning Theory) जिसे बाद में 'सामाजिक संज्ञानात्मक सिद्धांत' (Social Cognitive Theory) कहा गया, के अंतर्गत प्रतिपादित 'आत्म-प्रभावकारिता' (Self-Efficacy) की अवधारणा—जिसके तहत किसी विशिष्ट कार्य को सफलताપૂર્વक पूरा करने की अपनी क्षमता के बारे में व्यक्ति का व्यक्तिगत विश्वास और मूल्यांकन शामिल होता है, जो उसके प्रेरणा स्तर, चुनौतियों का सामना करने के दृढ़ संकल्प और शैक्षणिक प्रदर्शन को प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्वायत्तता विकास, लक्ष्य-निर्धारण और शैक्षणिक लचीलेपन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) के 'नैतिक विकास के सिद्धांत' के अंतर्गत प्रतिपादित **'पारंपरिक नैतिकता स्तर' (Conventional Morality Level)** के भीतर निहित **'अधिकार और सामाजिक व्यवस्था बनाए रखने का अभिविन्यास' (Law and Order Orientation - चरण 4)** की अवधारणा—जिसके तहत व्यक्ति का यह नैतिक विश्वास होता है कि सामाजिक व्यवस्था, नियमों और कानूनों का पालन करना पूर्ण कर्तव्य है ताकि समाज में अव्यवस्था न फैले और सामाजिक अनुबंध अक्षुण्ण रहे—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के अनु, अनुशासन, नागरिक दायित्व और संस्थागत मानदंडों के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, अल्बर्ट बंडूरा (Albert Bandura) के 'सामाजिक अधिगम सिद्धांत' (Social Learning Theory) अथवा 'सामाजिक-संज्ञानात्मक सिद्धांत' के अंतर्गत प्रतिपादित 'अवलोकनयात्मक अधिगम' (Observational Learning) की प्रक्रिया के चार प्रमुख घटकों—(1) अवधान (Attention), (2) धारण (Retention), (3) पुनरुत्पादन (Reproduction), और (4) अभिप्रेरण/पुनर्बलन (Motivation/Reinforcement)—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के अनुकरण, स्व-नियमन (Self-Regulation), और विकल्पी सुदृढ़ीकरण (Vicarious Reinforcement) के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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