त्वरित लिंक्स
Indian Polity
36 views
संविधान का कौन सा अनुच्छेद 'नागरिकता' (Citizenship) से संबंधित है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
संविधान के भाग 2 में अनुच्छेद 5 से 11 तक नागरिकता का प्रावधान है।
Related Questions
→
भारत का राष्ट्रपति त्यागपत्र किसे देता है?
→
राज्य विधानमंडल के अंतर्गत 'विधानसभा' (Legislative Assembly) और 'विधान परिषद' (Legislative Council) की संरचना, गठन तथा उनकी विधाई शक्तियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 171 के प्रावधानों के अनुसार, किसी राज्य की विधान परिषद की कुल सदस्य संख्या उस राज्य की विधानसभा के कुल सदस्यों की संख्या के एक-तिहाई से कम नहीं हो सकती और किसी भी स्थिति में 40 से कम सदस्य नहीं हो सकते हैं।
2. विधान परिषद के कुल सदस्यों का कुल एक-तिहाई भाग राज्य के ऐसे स्नातकों द्वारा निर्वाचित होता है जो कम से कम तीन वर्ष पूर्व ग्रेजुएट हो चुके हैं और उस राज्य में निवास करते हैं।
3. साधारण विधेयक (Ordinary Bill) के मामले में विधान परिषद किसी विधेयक को प्रथम बार में अधिकतम 3 महीने और दूसरी बार में अधिकतम 1 महीने यानी कुल 4 महीने तक ही रोक सकती है, तथा दोनों सदनों के बीच किसी प्रकार के गतिरोध को दूर करने के लिए संसद की भांति 'संयुक्त बैठक' (Joint Sitting) का प्रावधान राज्य विधानमंडल में नहीं किया गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
→
राज्यसभा को विघटित (Dissolve) क्यों नहीं किया जा सकता?
→
भारतीय उच्चतम न्यायालय की अधिकारिता, अवमानना और न्यायिक समीक्षा (Judicial Review) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 137 के तहत उच्चतम न्यायालय को यह शक्ति प्राप्त है कि वह अपने द्वारा दिए गए किसी निर्णय या आदेश का पुनरावलोकन (Review) कर सके, और यह पुनरावलोकन शक्ति केवल संसद द्वारा बनाई गई विधि के अधीन ही प्रयोग की जा सकती है, इसके लिए न्यायालय अपनी स्वविवेक शक्ति का प्रयोग नहीं कर सकता।
2. अनुच्छेद 142 के अंतर्गत उच्चतम न्यायालय अपनी अधिकारिता का प्रयोग करते हुए ऐसा कोई भी 'डिग्री या आदेश' पारित कर सकता है जो किसी मामले में पूर्ण न्याय (Complete Justice) करने के लिए आवश्यक हो, और ऐसा प्रत्येक आदेश पूरे भारत में प्रवर्तनीय होता है।
3. न्यायालय की अवमानना (Contempt of Court) के संदर्भ में, संविधान के अनुच्छेद 129 के तहत उच्चतम न्यायालय एक 'अभिलेख न्यायालय' (Court of Record) है जिसे अपनी अवमानना के लिए दंडित करने की शक्ति प्राप्त है, जिसमें सिविल अवमानना के साथ-साथ आपराधिक अवमानना भी शामिल है, और संसद को इस शक्ति को सीमित करने या समाप्त करने का पूर्ण संवैधानिक अधिकार प्राप्त है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
→
भारतीय संविधान के 73वें संशोधन अधिनियम, 1992 के अंतर्गत पंचायती राज संस्थाओं (PRIs) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के भाग IX के अनुच्छेद 243-G के तहत पंचायतों को आर्थिक विकास और सामाजिक न्याय के लिए योजनाएं तैयार करने तथा ऐसी योजनाएं लागू करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिनमें ग्यारहवीं अनुसूची में सूचीबद्ध 29 विषयों का उल्लेख है।
2. अनुच्छेद 243-I के उपबंधों के अनुसार, प्रत्येक राज्य का राज्यपाल हर पांच वर्ष की समाप्ति पर एक वित्त आयोग का गठन करेगा, जो पंचायतों की वित्तीय स्थिति की समीक्षा करेगा, और इस राज्य वित्त आयोग की रिपोर्ट को राज्यपाल द्वारा संबंधित राज्य के विधानमंडल के समक्ष रखवाया जाता है।
3. 73वें संविधान संशोधन द्वारा पंचायतों में महिलाओं के लिए सभी स्तरों पर कुल सीटों और अध्यक्षों के पदों की कुल संख्या में कम से कम एक-तिहाई (33%) आरक्षण का अनिवार्य प्रावधान किया गया है, किंतु राज्यों को यह संवैधानिक स्वतंत्रता प्राप्त है कि वे कानून बनाकर महिलाओं के लिए इसे 50 प्रतिशत तक बढ़ा सकते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.