BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

MPTET
1 views

मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जॉन डीवी (John Dewey) के 'प्रगतिशील शिक्षा एवं अनुभवात्मक अधिगम सिद्धांत' (Progressive Education and Experiential Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित 'करके सीखना' (Learning by Doing) और 'चिंतनशील चिंतन' (Reflective Thinking) की अवधारणा—जिसके तहत शिक्षा केवल भविष्य की तैयारी नहीं है बल्कि जीवन की एक प्रक्रिया है, और वास्तविक ज्ञान विद्यार्थियों द्वारा वास्तविक जीवन की समस्याओं का सामना करते हुए वैज्ञानिक पद्धति (Scientific Inquiry) के माध्यम से अपने अनुभवों का पुनर्निर्माण (Reconstruction of Experience) करने से प्राप्त होता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के प्रजातांत्रिक मूल्यों, आलोचनात्मक समस्या-समाधान (Critical Problem Solving) और स्वायत्त ज्ञानार्जन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?

Detailed Explanation

जॉन डीवी (John Dewey) का प्रगतिशील शिक्षा और 'करके सीखना' (Learning by Doing) का सिद्धांत इस बात पर जोर देता है कि शिक्षा अनुभव के माध्यम से होती है और अनुभव के लिए होती है। 'चिंतनशील चिंतन' (Reflective Thinking) वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा शिक्षार्थी किसी समस्या का सामना करने पर अपने अनुभवों का विश्लेषण करते हैं, परिकल्पनाएं बनाते हैं और उनका परीक्षण करते हैं, जिससे उनके ज्ञान का सक्रिय पुनर्निर्माण (Reconstruction of Experience) होता है। विकल्प (c) इस मनोवैज्ञानिक और शैक्षणिक प्रक्रिया का सबसे सटीक और प्रामाणिक वैज्ञानिक मूल्यांकन प्रस्तुत करता है।
Share:

Related Questions

मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, कार्ल रोजर्स (Carl Rogers) के 'मानवतावादी उपागम' (Humanistic Approach) तथा 'अनुभवात्मक अधिगम सिद्धांत' (Experiential Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'सार्थक या अनुभवात्मक अधिगम' (Significant / Experiential Learning) की अवधारणा—जिसके तहत अधिगम में न केवल ज्ञान का संज्ञानात्मक अर्जन बल्कि व्यक्ति की संपूर्णता (संपूर्ण व्यक्तित्व, भावनाएं, और व्यवहार) का समावेश होता है तथा जो तब सबसे अधिक प्रभावी होता है जब शिक्षार्थी स्वयं अपनी इच्छा से सीखता है और अध्ययन विषय को उसकी व्यक्तिगत आवश्यकताओं व आकांशाओं से सीधे तौर पर संबंधित पाया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के छात्र-केंद्रित वातावरण, आत्म-निर्देशित अध्ययन (Self-directed Learning), और भावनात्मक जुड़ाव के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, अब्राहम मास्लो (Abraham Maslow) के 'मानवतावादी प्रेरणा सिद्धांत' (Humanistic Theory of Motivation) अर्थात् 'आवश्यकताओं के पदानुक्रम सिद्धांत' (Hierarchy of Needs) के अंतर्गत प्रतिपादित सर्वोच्च स्तर की आवश्यकता—**'आत्म-सिद्धि या आत्म-वास्तविकीकरण' (Self-Actualization)**—जिसके तहत व्यक्ति अपनीिक क्षमताओं, प्रतिभाओं, और आंतरिक संभावनाओं का पूर्ण विकास और अधिकतम उपयोग करते हुए अपने जीवन के सर्वोच्च मानवीय लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रेरित होता है, के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के सृजनात्मक विकास, स्वायत्तता और आंतरिक अभिप्रेरणा के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, डेविड औसुबेल (David Ausubel) के 'सार्थक मौखिक अधिगम सिद्धांत' (Meaningful Verbal Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'अग्रिम आयोजकों' (Advance Organizers), 'अवरोही और आनुक्रमिक अंतरण' (Progressive Differentiation and Integrative Reconciliation) की अवधारणाओं, तथा 'रटंत अधिगम' (Rote Learning) बनाम 'सार्थक अधिगम' के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में संज्ञानात्मक संरचनाओं के सुदृढ़ीकरण के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, कार्ल रोजर्स (Carl Rogers) के 'मानवतावादी उपागम' (Humanistic Approach) तथा 'अनुभवजन्य अधिगम' (Experiential Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित 'सार्थक अधिगम' (Significant Learning) और 'सुगमकर्ता' (Facilitator of Learning) के रूप में शिक्षक की भूमिका के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के आत्म-निर्देशित अध्ययन (Self-directed Learning), संवेगात्मक सहभागिता (Emotional Involvement), और मनोवैज्ञानिक रूप से सुरक्षित वातावरण (Psychologically Safe Environment) के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, बी. एफ. स्किनर (B. F. Skinner) के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'पुनर्बलन अनुसूचियों' (Schedules of Reinforcement) में से 'चर अनुपात अनुसूची' (Variable-Ratio Schedule) की मनोवैज्ञानिक विशेषता तथा कक्षा-कक्ष प्रबंधन एवं शिक्षण अधिगम प्रक्रिया में 'नकारात्मक पुनर्बलन' (Negative Reinforcement) और 'सजा' (Punishment) के बीच तात्विक विभेद के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.