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MPTET
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) के 'अधिगम के संज्ञानात्मक सिद्धांत' (Cognitive Theory of Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित **'अन्वेषण अधिगम या खोज अधिगम' (Discovery Learning)** तथा ज्ञान की तीन निरूपण प्रणालियों—**क्रियात्मक (Enactive), दृश्य-प्रतिमात्मक (Iconic), और प्रतीकात्मक (Symbolic)**—की अवधारणा के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के सक्रिय ज्ञान-निर्माण, संरचनात्मक चिंतन और बौद्धिक परिपक्वता के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
जेरोम ब्रूनर के संज्ञानात्मक विकास और अन्वेषण अधिगम (Discovery Learning) के सिद्धांत के अनुसार, बच्चे सूचनाओं के निष्क्रिय प्राप्तकर्ता नहीं हैं, बल्कि सक्रिय अन्वेषक हैं। ब्रूनर ने ज्ञान के प्रतिनिधित्व के तीन चरण बताए हैं: 1. क्रियात्मक (Enactive - करके सीखना, लगभग 0-1 वर्ष), 2. दृश्य-प्रतिमात्मक (Iconic - चित्रों और मानसिक प्रतिमाओं द्वारा, लगभग 1-6 वर्ष), और 3. प्रतीकात्मक (Symbolic - भाषा और अमूर्त प्रतीकों द्वारा, 7 वर्ष से आगे)। विकल्प (b) इस सिद्धांत के वैज्ञानिक और मनोवैज्ञानिक निहितार्थों की सबसे सटीक व्याख्या करता है, जबकि अन्य विकल्प तथ्यात्मक रूप से गलत हैं।
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