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MPTET
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत प्रतिपादित **'अस्तित्ववादी बुद्धि' (Existential Intelligence)** की अवधारणा—जिसके तहत व्यक्तियों में मानव अस्तित्व के गहनतम प्रश्नों, जैसे कि जीवन का अर्थ क्या है, मृत्यु क्यों होती है, ब्रह्मांड की उत्पत्ति कैसे हुई और इस विशाल संसार में हमारा स्थान क्या है, पर विचार करने, उन्हें समझने और दार्शनिक चिंतन करने की उच्च क्षमता होती है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के दार्शनिक बोध, अमूर्त चिंतन और समग्र मानवीय दृष्टिकोण के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?

Detailed Explanation

हॉवर्ड गार्डनर के बहु-बुद्धि सिद्धांत में 'अस्तित्ववादी बुद्धि' (Existential Intelligence) को नौवीं बुद्धि के रूप में जोड़ा गया था। यह उन व्यक्तियों में पाई जाती है जो मानव अस्तित्व, जीवन, मृत्यु, और ब्रह्मांड से जुड़े गहन दार्शनिक और अमूर्त प्रश्नों पर विचार करने की क्षमता रखते हैं। कक्षा-कक्ष में ऐसे विद्यार्थियों के लिए चिंतनशील, नैतिक और अंतःविषयक शिक्षण वातावरण प्रदान करना चाहिए ताकि वे अपने व्यापक दृष्टिकोण और आत्म-बोध का संपूर्ण विकास कर सकें।
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