BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

MPTET
1 views

मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, कार्ल रोजर्स (Carl Rogers) के 'मानवतावादी शिक्षण सिद्धांत' (Humanistic Theory of Teaching) के अंतर्गत प्रतिपादित **'प्रयोक्ता-केंद्रित या अनुभवात्मक अधिगम' (Experiential / Student-Centered Learning)** की मुख्य शर्त—**'सहानुभूतिपूर्ण समझ और तदानुभूति' (Empathic Understanding)**—जिसके तहत शिक्षक शिक्षार्थी के आंतरिक संसार और दृष्टिकोण को उसके अपने दृष्टिकोण से देखने तथा उसकी भावनाओं को बिना किसी पूर्व-ग्रह या मूल्य-निर्णय के गहराई से महसूस करने का प्रयास करता है, के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के संवेगात्मक संबल, मनोवैज्ञानिक सुरक्षा और स्व-स्वीकृति के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?

Detailed Explanation

कार्ल रोजर्स के मानवतावादी उपागम (Humanistic Approach) के अनुसार, 'सहानुभूतिपूर्ण समझ' (Empathic Understanding) एक ऐसा शक्तिशाली संवेगात्मक वातावरण तैयार करती है जहाँ शिक्षार्थी स्वयं को पूरी तरह से सुरक्षित महसूस करता है। जब शिक्षक बिना किसी आलोचना या पूर्वाग्रह के छात्र की भावनाओं को समझता है, तो छात्र का 'रक्षात्मक आवरण' (Defensive Posture) कमजोर हो जाता है, उसकी आत्म-स्वीकृति बढ़ती है और वह बाहरी पुरस्कारों या दंडों पर निर्भर रहने के बजाय आंतरिक रूप से प्रेरित होकर 'सार्थक और अनुभवात्मक अधिगम' (Significant / Experiential Learning) की ओर प्रवृत्त होता है। अतः विकल्प (c) मनोवैज्ञानिक रूप से सबसे अधिक प्रामाणिक और मान्य है।
Share:

Related Questions

मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के 'सामाजिक-सांस्कृतिक विकास सिद्धांत' (Socio-Cultural Theory of Development) के अंतर्गत प्रतिपादित 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) की अवधारणा—जिसके तहत वास्तविक विकास स्तर (जो स्वतंत्र रूप से समस्या-समाधान द्वारा निर्धारित होता है) और संभावित विकास स्तर (जो वयस्क मार्गदर्शन या अधिक सक्षम साथी के सहयोग से समस्या-समाधान द्वारा निर्धारित होता है) के बीच का अंतर स्पष्ट किया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के संज्ञानात्मक विस्तार, मचान या पाटन (Scaffolding) और सामाजिक अंतःक्रिया के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, नॉर्मन मनूएल (Norman Munn) एवं अन्य मनोवैज्ञानिकों द्वारा विश्लेषित **'समायोजन की प्रत्यक्ष विधियाँ' (Direct Methods of Adjustment)** के अंतर्गत प्रतिपादित **'लक्ष्य-विश्लेषण और विकल्प अन्वेषण' (Goal Analysis and Alternative Exploration)** की प्रक्रिया—जिसके तहत कोई व्यक्ति किसी आंतरिक या बाह्य बाधा के कारण उत्पन्न कुंठा (Frustration) की स्थिति में, अपनी विफलता के कारणों का तार्किक, बौद्धिक और वस्तुनिष्ठ मूल्यांकन करता है तथा अपने मूल उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए नए वैकल्पिक मार्ग या रणनीतियाँ विकसित करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के समस्या-समाधान कौशल, संवेगात्मक स्थिरता और रचनात्मक अनुकूलन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, इवान पावलोव (Ivan Pavlov) के 'शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत' (Classical Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय मनोवैज्ञानिक संप्रत्यय—**'विलोपन या क्षय' (Extinction)**—जिसे उस प्रक्रिया के रूप में परिभाषित किया जाता है जहाँ अनुबंधित उद्दीपक (Conditioned Stimulus - CS) को बिना अननुबंधित उद्दीपक (Unconditioned Stimulus - US) के बार-बार प्रस्तुत किए जाने पर अनुबंधित अनुक्रिया (Conditioned Response - CR) धीरे-धीरे कम होने लगती है और अंततः समाप्त हो जाती है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के अवांछित व्यवहारों के शमन, आदत में सुधार और अनुकूलित प्रतिक्रियाओं के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, कार्ल रोजर्स (Carl Rogers) के 'मानवतावादी उपागम' (Humanistic Approach) तथा 'अनुभवात्मक अधिगम सिद्धांत' (Experiential Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'सार्थक या अनुभवात्मक अधिगम' (Significant / Experiential Learning) की अवधारणा—जिसके तहत अधिगम में न केवल ज्ञान का संज्ञानात्मक अर्जन बल्कि व्यक्ति की संपूर्णता (संपूर्ण व्यक्तित्व, भावनाएं, और व्यवहार) का समावेश होता है तथा जो तब सबसे अधिक प्रभावी होता है जब शिक्षार्थी स्वयं अपनी इच्छा से सीखता है और अध्ययन विषय को उसकी व्यक्तिगत आवश्यकताओं व आकांशाओं से सीधे तौर पर संबंधित पाया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के छात्र-केंद्रित वातावरण, आत्म-निर्देशित अध्ययन (Self-directed Learning), और भावनात्मक जुड़ाव के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, हैव्हर्स्ट (Robert J. Havighurst) के 'विकासात्मक कार्य सिद्धांत' (Developmental Tasks Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'किशोरावस्था के विकासात्मक कार्य' (Developmental Tasks of Adolescence) की अवधारणा—जिसके तहतशोथ, शारीरिक परिवर्तनों को स्वीकार करना, उम्र के साथियों (सहपाठियों) के साथ नए और परिपक्व संबंध स्थापित करना, अपनी लैंगिक सामाजिक भूमिका को प्राप्त करना और आर्थिक स्वतंत्रता व व्यावसायिक चयन के लिए तैयारी करना जैसे महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक व सामाजिक पड़ाव शामिल होते हैं—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के संवेगात्मक समायोजन, पहचान निर्माण (Identity Formation) और सामाजिक-व्यक्तिगत विकास के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.