त्वरित लिंक्स
MPTET
1 views
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत प्रतिपादित **'प्रकृतिवादी बुद्धि' (Naturalistic Intelligence)**—जिसके तहत व्यक्ति में प्राकृतिक दुनिया, पेड़-पौधों, जीव-जंतुओं, मौसम के पैटर्न और पारिस्थितिक तंत्र के सूक्ष्म अंतरों को पहचानने, वर्गीकृत करने और उनके साथ सफलतापूर्वक बातचीत करने की उच्च क्षमता पाई जाती है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के अनुभवात्मक अवलोकन, पर्यावरणीय संवेदनशीलता और स्थानिक-पारिस्थितिक तार्किकता के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
हॉवर्ड गार्डनर के बहु-बुद्धि सिद्धांत के अनुसार, प्रकृतिवादी बुद्धि (Naturalistic Intelligence) उन व्यक्तियों में उच्च होती है जो प्रकृति के साथ गहराई से जुड़ने, वनस्पतियों, जीवों और पारिस्थितिकी तंत्र की सूक्ष्म विशेषताओं को समझने और वर्गीकृत करने में सक्षम होते हैं। MPTET और बाल विकास के दृष्टिकोण से, ऐसे शिक्षार्थियों के लिए अनुभवात्मक अधिगम, क्षेत्र भ्रमण, और व्यावहारिक गतिविधियों (Learning by Doing) का उपयोग उनके संज्ञानात्मक विकास और पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता को सबसे प्रभावी रूप से सुदृढ़ करता है। अतः विकल्प (b) सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य मनोवैज्ञानिक कथन है।
Related Questions
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, एडवर्ड थार्नडाइक (Edward Thorndike) के 'प्रयास एवं त्रुटि सिद्धांत' (Trial and Error Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित **'तत्परता का नियम' (Law of Readiness)**—जिसके तहत यह स्पष्ट किया जाता है कि जब कोई स्नायु तंत्र (Nervous System) कार्य करने के लिए पूरी तरह तैयार होता है और उसे ऐसा करने दिया जाता है, तो उसे संतोष मिलता है तथा जब वह तैयार नहीं होता और उसे जबरन कार्य कराया जाता है, तो उसे झुंझलाहट या असंतोष होता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के प्रेरणा स्तर, शैक्षणिक तत्परता और अनुकूलन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, चार्ल्स स्पीयरमैन (Charles Spearman) के 'बुद्धि के द्वि-कारक सिद्धांत' (Two-Factor Theory of Intelligence) के अंतर्गत प्रतिपादित सामान्य कारक (G-Factor) तथा विशिष्ट कारक (S-Factor) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की बौद्धिक क्षमताओं के समेकन, अंतर-विषयक कौशल हस्तांतरण (Cross-disciplinary Skill Transfer), और संज्ञानात्मक दक्षता के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत प्रतिपादित 'विकेंद्रीकरण' (Decentration) की अवधारणा—जिसके तहत पूर्व संक्रियात्मक अवस्था (Pre-operational Stage) की अहंप्रधानता (Egocentrism) से आगे बढ़ते हुए बच्चा किसी वस्तु, घटना या समस्या के केवल एक ही आयाम या पहलू पर ध्यान केंद्रित न करके उसके साथ-साथ एक से अधिक आयामों या दृष्टिकोणों (जैसे- लंबाई, चौड़ाई और आयतन) पर एक साथ ध्यान केंद्रित करने की संज्ञानात्मक क्षमता प्राप्त कर लेता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के तार्किक चिंतन, बहु-आयामी दृष्टिकोण और संरक्षण (Conservation) के सिद्धांतों को समझने की क्षमता के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, अब्राहम मास्लो (Abraham Maslow) के 'आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत' (Hierarchy of Needs Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित अभाव-आवश्यकताओं (Deficiency Needs - D-needs) तथा वृद्धि-आवश्यकताओं (Growth Needs - B-needs) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के आत्म-यथार्थलीकरण (Self-Actualization), आंतरिक अभिप्रेरण, और मूलभूत संवेगात्मक व शारीरिक सुरक्षा के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) के 'संज्ञानात्मक विकास और खोजपूर्ण अधिगम सिद्धांत' (Discovery Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित प्रतिनिधित्व के तीन रूपों में से एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय स्तर—**'प्रतीकात्मक प्रतिनिधित्व' (Symbolic Representation)**—जिसे भौतिक वस्तुओं या दृश्य छवियों के स्थान पर भाषा, प्रतीकों, और अमूर्त संकेतों (जैसे गणितीय चिह्न, वर्णमाला और वैचारिक सूत्र) के माध्यम से ज्ञान को मानसिक रूप से कोडित करने, संचित करने और संचालित करने की क्षमता के रूप में परिभाषित किया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के अमूर्त चिंतन (Abstract Thinking), उच्च-स्तरीय संज्ञानात्मक प्रसंस्करण और तार्किक प्रतीकात्मक संवाद के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.