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MPTET
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, रिचर्ड आत्मक (Richard Atkinson) और रिचर्ड शिफ्रिन (Richard Shiffrin) द्वारा प्रतिपादित **'सूचना प्रक्रमण मॉडल' (Information Processing Model / Multi-Store Model of Memory)** के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय घटक—**'संवेदी स्मृति' (Sensory Memory / Sensory Register)**—जिसे बाहरी पर्यावरण से प्राप्त होने वाली समस्त दृश्य, श्रव्य और अन्य संवेदी सूचनाओं को बहुत ही अल्प समय (एक सेकंड से भी कम) के लिए बिना किसी संज्ञानात्मक अर्थ के त्यों का त्यों धारण करने वाले प्रथम मानसिक भंडार के रूप में परिभाषित किया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के चयनात्मक अवधान (Selective Attention), सूचना छनन (Information Filtering) और अल्पकालिक स्मृति (Short-Term Memory) में स्थानांतरण के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
व्याख्या: मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) के बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र पाठ्यक्रम के अंतर्गत 'सूचना प्रक्रमण सिद्धांत' (Information Processing Model) एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है। इस मॉडल के अनुसार, संवेदी स्मृति (Sensory Memory) स्मृति प्रणाली का सबसे पहला चरण है जो पर्यावरण से मिलने वाली अनगिनत संवेदी सूचनाओं (आंखों, कानों आदि के माध्यम से) को अत्यंत सूक्ष्म काल (आमतौर पर 1 सेकंड से भी कम) के लिए रोक कर रखती है। इसकी क्षमता बहुत अधिक होती है, परंतु अवधि नगण्य होती है। यदि शिक्षक कक्षा में शिक्षण के दौरान रोचक, स्पष्ट और लक्षित उद्दीपकों का प्रयोग करता है, तो शिक्षार्थी 'चयनात्मक अवधान' (Selective Attention) का उपयोग करके उन आवश्यक सूचनाओं को अपनी अल्पकालिक स्मृति (Short-Term Memory) में स्थानांतरित कर पाता है; अन्यथा संवेदी रजिस्टर में मौजूद वे सूचनाएं स्वतः नष्ट (Decay) हो जाती हैं। अतः विकल्प (b) इस अवधारणा का सबसे प्रामाणिक और वैज्ञानिक विवरण प्रस्तुत करता है।
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, रॉबर्ट गैग्ने (Robert Gagné) के 'अधिगम के सोपानिकी सिद्धांत' (Conditions of Learning / Hierarchy of Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित सर्वोच्च स्तर के अधिगम—अर्थात 'समस्या-समाधान अधिगम' (Problem Solving Learning)—की अवधारणा, जिसके तहत शिक्षार्थी आंतरिक रूप से नियमों, सिद्धांतों और संकल्पनाओं का उपयोग करके एक नई और जटिल स्थिति में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए संज्ञानात्मक रणनीतियों और चिंतन का उच्च-स्तरीय प्रयोग करता है, के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के आलोचनात्मक चिंतन, तार्किक संश्लेषण, और बौद्धिक स्वायत्तता के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, अल्बर्ट बंडूरा (Albert Bandura) के 'सामाजिक अधिगम सिद्धांत' (Social Learning Theory) / 'सामाजिक संज्ञानात्मक सिद्धांत' के अंतर्गत प्रतिपादित 'अवलोकनयात्मक अधिगम' (Observational Learning / Modeling) की चार परस्पर संबंधित उप-प्रक्रियाओं—(1) अवधान (Attention), (2) धारण (Retention), (3) पुनरुत्पादन (Reproduction), और (4) अभिप्रेरण/पुनर्बलन (Motivation/Reinforcement)—के साथ-साथ 'आत्म-प्रभावीकारिता' (Self-Efficacy) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के अनुकरणीय व्यवहारों के आंतरिककरण, स्व-नियमन (Self-Regulation), और vicarious reinforcement (प्रतिनिधि पुनर्बलन) के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) के 'अधिगम के संज्ञानात्मक सिद्धांत' (Cognitive Theory of Instruction) के अंतर्गत प्रतिपादित 'खोजपूर्ण अधिगम या अन्वेषण अधिगम' (Discovery Learning) की अवधारणा—जिसके तहत शिक्षार्थी को पहले से तैयार या पक्के नियम और सिद्धांत सीधे पढ़ाने के बजाय उसे स्वयं अपने परिवेश, आंकड़ों और क्रियाकलापों के माध्यम से तथ्यों का अन्वेषण करने, परिकल्पनाएं बनाने और स्वयं ज्ञान का निर्माण (Knowledge Construction) करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्वायत्त ज्ञानार्जन, समस्या-समाधान और उच्च-स्तरीय संज्ञानात्मक क्षमताओं के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जॉन बॉल्बी (John Bowlby) के 'लग्नता या आसक्ति सिद्धांत' (Attachment Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'असुरक्षित-प्रतिरोधी आसक्ति' (Insecure-Resistant / Ambivalent Attachment) तथा 'असुरक्षित-अवॉइडेंट आसक्ति' (Insecure-Avoidant Attachment) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के संवेगात्मक नियमन (Emotional Regulation), शिक्षक-विद्यार्थी अंतःक्रिया (Teacher-Student Interaction), और साथियों के साथ सामाजिक समायोजन के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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