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Indian Polity
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भारतीय संविधान में 'आपातकाल के दौरान मौलिक अधिकारों का निलंबन' किस देश से लिया गया है?

Detailed Explanation

आपातकाल के दौरान मूल अधिकारों के निलंबन का विचार जर्मनी के वीमर संविधान से प्रेरित है।
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भारतीय संविधान के अंतर्गत भारत के राष्ट्रपति की कार्यकारी, विधायी और विशेषकर 'क्षमादान की शक्तियों' (Pardoning Powers - अनुच्छेद 72) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 72 के तहत राष्ट्रपति को सैन्य न्यायालय (Court Martial) द्वारा दिए गए दंड के मामलों में भी क्षमादान, प्रविलंबन, विराम या परिहार करने की शक्ति प्राप्त है, और यह शक्ति राज्य के राज्यपाल की अनुच्छेद 161 के तहत प्रदत्त क्षमादान शक्ति से इस मायने में व्यापक है कि राज्यपाल को मृत्युदंड के मामलों में क्षमा करने की शक्ति प्राप्त नहीं होती है और न ही उसे सैन्य न्यायालय के निर्णयों पर कोई अधिकार होता है। 2. राष्ट्रपति की क्षमादान शक्ति न्यायपालिका की न्यायिक समीक्षा (Judicial Review) के दायरे से पूरी तरह बाहर है, अर्थात् राष्ट्रपति द्वारा किसी दया याचिका को अस्वीकार करने या निर्णय लेने के विरुद्ध सर्वोच्च न्यायालय में किसी भी आधार पर चुनौती नहीं दी जा सकती है। 3. अनुच्छेद 72 के अधीन राष्ट्रपति द्वारा अपनी शक्तियों का प्रयोग केंद्रीय मंत्रिपरिषद की सलाह के अनुसार ही किया जाता है, किंतु यदि राष्ट्रपति किसी दया याचिका पर निर्णय लेने में अत्यधिक और अस्पष्टीकृत विलम्ब करता है, तो विलम्ब के आधार पर सर्वोच्च न्यायालय द्वारा मृत्युदंड को आजीवन कारावास में बदला जा सकता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? रेगुलेटिंग एक्ट, 1773 तथा पिट्स इंडिया एक्ट, 1784 के प्रावधानों और उनकी संवैधानिक पृष्ठभूमियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. रेगुलेटिंग एक्ट, 1773 के द्वारा बंगाल के गवर्नर को 'बंगाल का गवर्नर-जनरल' पदनाम दिया गया और उसकी सहायता के लिए चार सदस्यीय कार्यकारी परिषद का गठन किया गया, जिसके पहले गवर्नर-जनरल वॉरेन हेस्टिंग्स थे, और इस परिषद के सभी निर्णय बहुमत से लिए जाते थे, जिसमें गवर्नर-जनरल को केवल बराबरी की स्थिति में निर्णायक मत (Casting Vote) देने का अधिकार था। 2. पिट्स इंडिया एक्ट, 1784 के द्वारा कंपनी के राजनीतिक और वाणिज्यिक कार्यों को पृथक् कर दिया गया, जिसके तहत 'बोर्ड ऑफ कंट्रोल' (Board of Control) की स्थापना की गई जो ब्रिटिश कैबिनेट के नियंत्रण में राजनीतिक मामलों को देखता था, जबकि 'कोर्ट ऑफ प्रोपराइटरर्स' (Court of Proprietors) को कंपनी के वाणिज्यिक मामलों के प्रबंधन की जिम्मेदारी सौंपी गई। 3. रेगुलेटिंग एक्ट, 1773 के प्रावधानों के अंतर्गत ही वर्ष 1774 में कलकत्ता के फोर्ट विलियम में एक उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) की स्थापना की गई थी, जिसमें एक मुख्य न्यायाधीश और तीन अन्य न्यायाधीश थे, तथा इसके निर्णयों के विरुद्ध सीधे ब्रिटेन की 'प्रिवी काउंसिल' (Privy Council) में अपील की जा सकती थी। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? भारत में निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) और चुनावी सुधारों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 324 के अंतर्गत निर्वाचन आयोग को संसद, राज्य विधानमंडलों, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के पदों के निर्वाचनों के अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण की शक्ति प्रदान की गई है, तथा यह एक अखिल भारतीय संस्था है जो केंद्र और राज्य दोनों के लिए समान रूप से निर्वाचन आयोजित करती है। 2. दिनेश गोस्वामी समिति (1990) ने चुनाव सुधारों पर अपनी संस्तुति देते हुए यह सिफारिश की थी कि एक व्यक्ति को दो से अधिक निर्वाचन क्षेत्रों से लोकसभा या विधानसभा का चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए, और इसे जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 में संशोधित करके अधिकतम दो निर्वाचन क्षेत्रों की सीमा निर्धारित कर दी गई। 3. निर्वाचन आयोग एक बहु-सदस्यीय निकाय के रूप में स्थायी रूप से वर्ष 1950 से ही कार्य कर रहा है, जिसमें एक मुख्य निर्वाचन आयुक्त और दो अन्य निर्वाचन आयुक्त होते हैं, और इनके निर्णयों में मतभेद होने पर बहुमत के आधार पर निर्णय लिया जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? लेज़र प्रिंटर में किस तरह के लेज़र का प्रयोग किया जाता है? भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 249' के अंतर्गत राज्य सूची के विषयों पर संसद की कानून बनाने की शक्ति (Power of Parliament to legislate with respect to a matter in the State List in the national interest) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संसद को राज्य सूची के किसी विषय पर तब कानून बनाने की शक्ति प्राप्त होती है जब राज्य सभा उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के कम से कम दो-तिहाई बहुमत से एक संकल्प पारित करे कि राष्ट्रीय हित में ऐसा करना आवश्यक या expedient है। 2. इस प्रकार संसद द्वारा पारित कानून अनिश्चितकाल के लिए प्रवृत्त रहता है और तब तक लागू रहता है जब तक कि संसद खुद उसे निरस्त न कर दे, भले ही राज्य सभा द्वारा पारित संकल्प की अवधि समाप्त हो चुकी हो। 3. अनुच्छेद 249 के अंतर्गत राज्य सभा द्वारा पारित ऐसा संकल्प एक बार में अधिकतम दो वर्ष की अवधि के लिए ही प्रवृत्त रहता है, हालांकि इसे आगे बढ़ाने के लिए नए संकल्प बार-बार पारित किए जा सकते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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