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MPTET
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय आयाम—**'स्थानिक बुद्धि' (Spatial Intelligence)**—जिसे दृश्य-स्थानिक दुनिया को सटीक रूप से देखने, मानसिक रूप से उसका परिवर्तन करने, स्थानिक रूपों की कल्पना करने और त्रिविम (3D) संबंधों को समझने की क्षमता के रूप में परिभाषित किया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्थानिक मानचित्रण (Spatial Mapping), ज्यामितीय बोध, वास्तुकलात्मक कल्पना और दृश्य-श्रव्य अधिगम के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
हॉवर्ड गार्डनर के बहु-बुद्धि सिद्धांत के अनुसार, 'स्थानिक बुद्धि' (Spatial Intelligence) व्यक्ति को दृश्य और स्थानिक संसार को सटीक रूप से समझने और उसमें परिवर्तन करने की क्षमता प्रदान करती है। वास्तुकला, नेविगेशन, मूर्तिकला और ज्यामिति में इसका गहरा उपयोग होता है। कक्षा-कक्षीय शिक्षण में इस बुद्धि को मानचित्रों, चार्ट्स, 3D मॉडल्स और दृश्य-श्रव्य उपकरणों के माध्यम से सफलतापूर्वक विकसित किया जा सकता है।
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, नॉर्मन मंट का ‘गिब्सन और गिब्सन के दृश्य प्रगाढ़ता सिद्धांत’ (Gibson's Theory of Perceptual Development) तथा ‘अडॉप्टिव कॉग्निशन’ (Adaptive Cognition) के सिद्धांतों के अंतर्गत, बच्चों में पर्यावरणीय उद्दीपकों के प्रति ‘प्रत्यक्षदर्शी चयन’ (Direct Perception) और ‘सक्रिय सूचना प्रसंस्करण’ (Active Information Processing) की प्रक्रियाओं के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में ‘संज्ञानात्मक लचीलेपन’ (Cognitive Flexibility) तथा ‘बहु-आयामी स्थानिक समझ’ (Multi-dimensional Spatial Understanding) के विकास के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत 'प्रकृतिवादी बुद्धि' (Naturalistic Intelligence) से युक्त बालकों की पहचान और उनकी संज्ञानात्मक विशेषताओं के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सबसे अधिक उपयुक्त और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, लॉरेंस कोहलवर्ग (Lawrence Kohlberg) के 'नैतिक विकास के सिद्धांत' (Theory of Moral Development) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय अवस्था—**'सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार' (Social Contract and Individual Rights)**—जिसे उत्तर-पारंपरिक नैतिकता (Post-conventional Morality) के स्तर के अंतर्गत परिभाषित किया जाता है, जहाँ व्यक्ति कानून और नियमों को अपरिवर्तनीय और कठोर मानने के बजाय उन्हें लचीले समझौतों के रूप में देखता है, जिनका उद्देश्य समाज के अधिकांश लोगों के कल्याण और मौलिक मानवाधिकारों की रक्षा करना है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के लोकतांत्रिक मूल्यों, आलोचनात्मक नैतिक चिंतन और न्यायोचित दृष्टिकोण के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जॉन बॉल्बी (John Bowlby) के 'संलग्नता सिद्धांत' (Attachment Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'असुरक्षित-प्रतिरोधी या उभयभावी संलग्नता' (Insecure-Resistant / Ambivalent Attachment) की अवधारणा—जिसके तहत शिशु माता-पिता (देखभाल करने वाले) की उपस्थिति में भी अत्यधिक चिपके रहने वाला व्यवहार प्रदर्शित करता है, अन्वेषण करने में असमर्थ होता है, तथा जब देखभाल करने वाला व्यक्ति कमरे से बाहर जाता है तो अत्यधिक तीव्र संकट (Extreme Distress) और रोना व्यक्त करता है, किंतु जब वह वापस लौटता है तो वह क्रोध, विरोध और सांत्वना चाहने के बीच लगातार झूलता रहता है (यानी वह एक ही समय में गले लगना चाहता है और धक्का भी देता है)—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के संवेगात्मक नियमन (Emotional Regulation), विद्यालयी समायोजन और सुरक्षित शिक्षण वातावरण के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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