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MPTET
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जॉन फ्लेवेल (John Flavell) द्वारा प्रतिपादित और संज्ञानात्मक मनोविज्ञान के क्षेत्र में अत्यधिक महत्वपूर्ण संप्रत्यय—**'अधिज्ञान या अधिसंज्ञाज्ञान' (Metacognition)**—जिसे "ज्ञान के बारे में ज्ञान" या अपनी स्वयं की संज्ञानात्मक प्रक्रियाओं (जैसे- सोचना, सीखना, स्मरण करना और समझना) के बारे में जागरूकता, निगरानी (Monitoring) और स्व-विनियमन (Self-regulation) की उच्च-स्तरीय क्षमता के रूप में परिभाषित किया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्वायत्त अधिगम (Autonomous Learning), समस्या-समाधान रणनीतियों के प्रभावी चयन और आलोचनात्मक चिंतन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?

Detailed Explanation

मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) के दृष्टिकोण से अधिसंज्ञाज्ञान (Metacognition) एक अत्यंत महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक संप्रत्यय है। जॉन फ्लेवेल द्वारा प्रतिपादित इस अवधारणा का अर्थ है—"अपने स्वयं के ज्ञान के बारे में जानना" या अपनी संज्ञानात्मक प्रणालियों (चिंतन, स्मरण, समझ) की निगरानी और विनियमन करना। विकल्प (b) सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है क्योंकि अधिसंज्ञानात्मक कौशल विद्यार्थियों को यह सिखाते हैं कि वे कब, क्यों और कैसे किसी विशिष्ट रणनीति का उपयोग करके अपनी सीखने की प्रक्रिया को बेहतर बना सकते हैं, जिससे वे आत्मनिर्भर (Autonomous) और प्रभावी अधिगमकर्ता बनते हैं। विकल्प a, c और d वैज्ञानिक रूप से गलत और भ्रामक हैं।
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→ मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) के 'अधिगम के संज्ञानात्मक सिद्धांत' (Cognitive Theory of Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित **'अन्वेषण अधिगम या खोज अधिगम' (Discovery Learning)** तथा ज्ञान की तीन निरूपण प्रणालियों—**क्रियात्मक (Enactive), दृश्य-प्रतिमात्मक (Iconic), और प्रतीकात्मक (Symbolic)**—की अवधारणा के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के सक्रिय ज्ञान-निर्माण, संरचनात्मक चिंतन और बौद्धिक परिपक्वता के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? → मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, रॉबर्ट गैग्ने (Robert Gagne) के 'अधिगम के सोपानिकी सिद्धांत' (Conditions of Learning / Hierarchy of Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित सर्वोच्च स्तर की अधिगम प्रकार —'समस्या समाधान अधिगम' (Problem-Solving Learning)— की अवधारणा, जिसके तहत शिक्षार्थी अपने पूर्व-अर्जित नियमों, सिद्धांतों और संप्रत्ययों का उपयोग करके एक जटिल, नवीन और अनूठी समस्या का तार्किक, विश्लेषणात्मक और सृजनात्मक समाधान खोजता है तथा इससे उसकी संज्ञानात्मक क्षमताओं एवं उच्च-स्तरीय बौद्धिक योजनाओं (Cognitive Structures) का स्थायी विस्तार होता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के आलोचनात्मक चिंतन, स्वतंत्र बौद्धिक अन्वेषण और उच्च-कोटि के मानसिक प्रसंस्करण के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? → मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, डेविड औसुबेल (David Ausubel) के 'अर्थपूर्ण मौखिक अधिगम सिद्धांत' (Meaningful Verbal Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'अग्रगामी संगठक या एडवांस ऑर्गेनाइजर' (Advance Organizer)**—जिसे उस pedagogical उपकरण या प्रारंभिक शिक्षण सामग्री के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसे मुख्य और नई विषय-वस्तु को पढ़ाने से ठीक पहले विद्यार्थियों के सामने प्रस्तुत किया जाता है ताकि यह उनके संज्ञानात्मक ढांचे में पहले से मौजूद प्रासंगिक विचारों (Prior Knowledge) और स्कीमा के साथ नए ज्ञान को जोड़ने के लिए एक वैचारिक सेतु (Conceptual Bridge) का कार्य कर सके—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के तार्किक समावेश, अर्थपूर्ण ज्ञान-सर्जन और संज्ञानात्मक संरचना के सुदृढ़ीकरण के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? → मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, बुरुस फ्रेडरिक स्किनर (B. F. Skinner) के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'आंशिक सुदृढ़ीकरण अनुसूची' (Partial / Intermittent Reinforcement Schedule)**—जिसे उस अधिगम प्रक्रिया के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत प्रत्येक सही अनुक्रिया पर सुदृर्र्क (Reinforcer) देने के बजाय, निश्चित या अनिश्चित समय अंतरालों या प्रतिक्रियाओं की संख्या के बाद सुदृढ़ीकरण प्रदान किया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के व्यवहार के विलोपन के प्रति प्रतिरोध (Resistance to Extinction), दीर्घकालिक प्रेरणा और निरंतर अभ्यास के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? → मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) के 'संज्ञानात्मक विकास और खोजपूर्ण अधिगम' (Discovery Learning) सिद्धांत के अंतर्गत प्रतिपादित 'प्रतीकात्मक अवस्था' (Symbolic Stage) की अवधारणा—जिसके तहत बच्चा वस्तुओं या अनुभवों को मानसिक रूप से प्रस्तुत करने के लिए शब्दों, भाषा, गणितीय प्रतीकों और अमूर्त संकेतों का उपयोग करना सीख जाता है, जो इनैक्टिव (क्रियात्मक) और आइकॉनिक (प्रतिबिम्बात्मक) अवस्थाओं से आगे की उच्च-स्तरीय मानसिक प्रक्रिया है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के अमूर्त चिंतन, तार्किक अभिव्यक्ति और उन्नत संज्ञानात्मक संरचनाओं के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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