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MPTET
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जॉन डीवी (John Dewey) के 'प्रगतिशील शिक्षा और अनुभवात्मक अधिगम' (Progressive Education and Experiential Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय शैक्षणिक संप्रत्यय—**'करके सीखना' (Learning by Doing)**—जिसे उस व्यावहारिक और क्रिया-आधारित अनुदेशात्मक पद्धति के रूप में परिभाषित किया जाता है जहाँ शिक्षार्थी केवल निष्क्रिय श्रोता न बनकर वास्तविक जीवन की परिस्थितियों, समस्याओं और प्रयोगों में सक्रिय रूप से भाग लेकर अपने अनुभवों के माध्यम से ज्ञान का निर्माण करते हैं—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के आलोचनात्मक चिंतन, समस्या-समाधान क्षमताओं और लोकतांत्रिक सामाजिक मूल्यों के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?

Detailed Explanation

जॉन डीवी का 'करके सीखना' (Learning by Doing) का सिद्धांत प्रगतिशील शिक्षा की नींव है। इसके अनुसार, अधिगम एक सक्रिय, अनुभव-जनित और व्यावहारिक प्रक्रिया है जहाँ छात्र वास्तविक समस्याओं का समाधान करते हुए स्वयं ज्ञान का निर्माण करते हैं। यह बाल-केंद्रित शिक्षा, आलोचनात्मक चिंतन और सहयोगात्मक अधिगम को बढ़ावा देता है।
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