त्वरित लिंक्स
MPTET
1 views
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, अब्राहम मास्लो (Abraham Maslow) के 'मानवतावादी प्रेरणा का पदानुक्रम सिद्धांत' (Hierarchy of Needs Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'आत्म-सिद्धि या आत्म-वास्तविकանում (Self-Actualization)'**—जिसे उस सर्वोच्च मनोवैज्ञानिक और विकासात्मक अवस्था के रूप में परिभाषित किया जाता है जहाँ व्यक्ति अपनी पूर्ण क्षमताओं, रचनात्मक संभावनाओं और आंतरिक प्रतिभाओं का पूरी तरह से विकास कर लेता है और अपनी सीमाओं से परे जाकर अपने जीवन के वास्तविक उद्देश्य को प्राप्त करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की आंतरिक अभिप्रेरणा, सर्वांगीण विकास और रचनात्मकता के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
अब्राहम मास्लो के मानवतावादी प्रेरणा सिद्धांत (Hierarchy of Needs) के अनुसार, 'आत्म-सिद्धि' (Self-Actualization) इस पदानुक्रम की सबसे शीर्ष और अंतिम आवश्यकता है, जो तभी प्राप्त होती है जब व्यक्ति की निचली स्तर की आवश्यकताएं (शारीरिक, सुरक्षा, अपनेपन और सम्मान) पूरी हो चुकी होती हैं। शिक्षा के क्षेत्र में, आत्म-सिद्धि का अर्थ विद्यार्थियों को उनकी असीम योग्यताओं, सृजनात्मकता और आत्म-विकास के मार्ग पर आगे बढ़ने के लिए एक ऐसा सुरक्षित और प्रेरक वातावरण प्रदान करना है जहाँ वे अपनी पूरी क्षमता का एहसास कर सकें। विकल्प (c) इस मनोवैज्ञानिक और शैक्षणिक संप्रत्यय की सबसे सटीक और प्रामाणिक व्याख्या करता है।
Related Questions
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत प्रतिपादित 'प्रकृतिवादी बुद्धि' (Naturalist Intelligence) की अवधारणा—जिसके तहत प्रकृति के विभिन्न रूपों, वनस्पतियों, जीवों, पारिस्थितिक तंत्र और पर्यावरण के सूक्ष्म अंतरों को पहचानने, उनका वर्गीकरण करने तथा प्राकृतिक वातावरण के साथ तन्मयता स्थापित करने की उच्च-स्तरीय क्षमता शामिल होती है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के पर्यावरणीय संवेदनशीलता, अनुभवात्मक अधिगम और पारिस्थितिकीय दृष्टिकोण के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जॉन डीवी (John Dewey) के 'प्रगतिशील शिक्षा और अनुभवात्मक अधिगम' के दृष्टिकोण के अंतर्गत प्रतिपादित **'चिंतनशील चिंतन की पाँच अवस्थाएँ' (Five Phases of Reflective Thinking)** में से एक प्रमुख चरण—**'समस्या का बौद्धिकरण या बौद्धिक परिकल्पना निर्माण' (Intellectualization of the Problem into a Hypothesis)**—जिसके तहत शिक्षार्थी किसी अचानक उत्पन्न हुई कक्षा-कक्षीय बाधा या भ्रमित करने वाली उलझन को एक स्पष्ट, सुसंगत और परीक्षण योग्य समस्या में रूपांतरित करता है और संभावित समाधानों के रूप में परिकल्पनाएँ गढ़ता है, के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के वैज्ञानिक दृष्टिकोण, आलोचनात्मक विश्लेषण और स्व-निर्देशित ज्ञान-निर्माण के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, कार्ल रोजर्स (Carl Rogers) के 'मानवतावादी उपागम' (Humanistic Approach) और 'व्यक्तियों-केंद्रित चिकित्सा/अधिगम' (Person-Centered Therapy/Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित 'सार्थक या अनुभवात्मक अधिगम' (Experiential Learning) की अवधारणा—जिसके तहत अधिगम तब वास्तविक और गहरा होता है जब शिक्षार्थी की व्यक्तिगत जिज्ञासा, उसकी अपनी समस्याओं और उसकी संपूर्ण भावनाओं (Affective and Cognitive dimensions) को अध्ययन प्रक्रिया का केंद्रबिंदु बनाया जाता है, तथा शिक्षक एक 'सुगमकर्ता' (Facilitator) के रूप में कार्य करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्व-निर्देशित अधिगम, संवेगात्मक संतुलन और वैचारिक स्वायत्तता के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, डैनियल गोलमैन (Daniel Goleman) के 'संवेगात्मक बुद्धि सिद्धांत' (Emotional Intelligence Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित पांच प्रमुख घटकों—(1) आत्म-जागरूकता (Self-Awareness), (2) आत्म-नियमन (Self-Regulation), (3) अभिप्रेरण (Motivation), (4) सहानुभूति (Empathy), और (5) सामाजिक कौशल (Social Skills)—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के संवेगात्मक संतुलन, तनाव प्रबंधन और पारस्परिक संबंधों के वैज्ञानिक विकास के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, अब्राहम मास्लो (Abraham Maslow) के 'मानवतावादी आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत' (Hierarchy of Needs Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'कमी की आवश्यकताएं' (Deficiency Needs / D-needs) जैसे सुरक्षा एवं अपनेपन की आवश्यकताएं तथा 'विकास की आवश्यकताएं' (Growth Needs / B-needs) जैसे आत्म-सिद्धि (Self-Actualization) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के आंतरिक अभिप्रेरण (Intrinsic Motivation) और समग्र विकास के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.