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MPTET
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, कार्ल रोजर्स (Carl Rogers) के 'मानवतावादी अधिगम सिद्धांत' (Humanistic Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'प्रामाणिकता या सहजता' (Realness / Congruence)**—जिसे उस मनोवैज्ञानिक स्थिति के रूप में परिभाषित किया जाता है जहाँ शिक्षक अपने विद्यार्थियों के सामने बिना किसी कृत्रिम मुखौटे या पेशेवर ढोंग के अपने वास्तविक संवेगों, विचारों और संवेदनाओं के साथ पूरी तरह से पारदर्शी और सच्चे रूप में उपस्थित होता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के मनोवैज्ञानिक सुरक्षा (Psychological Safety), आत्म-स्वीकृति (Self-Acceptance) और सार्थक अनुभवात्मक अधिगम (Experiential Learning) के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कार्ल रोजर्स के मानवतावादी उपागम (Humanistic Approach) में 'प्रामाणिकता' या 'समरूपता' (Congruence) का अर्थ है कि शिक्षक अपने आंतरिक अनुभवों और बाह्य व्यवहार में पूरी तरह से सत्य और पारदर्शी हो। जब शिक्षक कक्षा में वास्तविक (Genuine) और प्रामाणिक रूप से व्यवहार करता है, तो छात्र एक सुरक्षित और स्वीकार्य वातावरण का अनुभव करते हैं। इससे छात्रों की रक्षात्मकता (Defensiveness) कम होती है, वे अपनी वास्तविक भावनाओं और त्रुटियों को खुले तौर पर स्वीकार कर पाते हैं, जिससे कार्ल रोजर्स द्वारा प्रतिपादित 'सार्थक अनुभवात्मक अधिगम' (Significant Experiential Learning) और आत्म-वास्तविक Giथ (Self-Actualization) की प्रक्रिया सुगम हो जाती है।
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जॉन डीवी (John Dewey) के 'प्रगतिशील शिक्षा और अनुभवात्मक अधिगम' (Progressive Education and Experiential Learning) के दर्शन के अंतर्गत प्रतिपादित 'रिफ्लेक्टिव थिंकिंग या विचारात्मक चिंतन' (Reflective Thinking) की अवधारणा—जिसके तहत शिक्षार्थी किसी संशयपूर्ण, जटिल या समस्यात्मक परिस्थिति में सक्रिय रूप से संलग्न होकर अपने पूर्व अनुभवों और तार्किक साक्ष्यों के आधार पर सतत् रूप से अपने विचारों, धारणाओं और निष्कर्षों का मूल्यांकन और पुनर्गठन करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के समस्या-समाधान कौशल, तार्किक विश्लेषण और स्वायत्त ज्ञान-निर्माण के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, रॉबर्ट गैग्ने (Robert Gagné) के 'अधिगम के पदानुक्रम सिद्धांत' (Conditions of Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित सर्वोच्च स्तर के अधिगम यानी **'समस्या-समाधान अधिगम' (Problem Solving Learning)** की अवधारणा—जिसके तहत शिक्षार्थी अपने पूर्व-अर्जित नियमों, सिद्धांतों और कौशलों का उपयोग करके किसी नवीन, जटिल और अनसुलझी समस्या के समाधान के लिए आंतरिक वैचारिक नियमों या बौद्धिक रणनीतियों का निर्माण करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के उच्च-स्तरीय संज्ञानात्मक प्रसंस्करण, तार्किक संश्लेषण और स्वतंत्र बौद्धिक निष्पादन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत प्रतिपादित 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) की मुख्य विशेषता—'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-Deductive Reasoning) तथा 'अमूर्त चिंतन' (Abstract Thinking)—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के वैज्ञानिक दृष्टिकोण, बहु-परप्रेक्ष्य विश्लेषण और प्रस्तावणात्मक तर्क (Propositional Logic) के उच्च-स्तरीय संज्ञानात्मक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धिमत्ता सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'अंतःवैयक्तिक बुद्धिमत्ता' (Intrapersonal Intelligence)**—जिसे उस व्यक्तिपरक क्षमता के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके माध्यम से कोई व्यक्ति अपने स्वयं के आंतरिक भावनाओं, संवेगों, प्रेरणाओं, शक्तियों, कमजोरियों और वैचारिक मानचित्र (Self-reflection and self-awareness) को गहराई से समझता है और अपने जीवन को तदनुसार विनियमित करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्व-नियमन (Self-regulation), metacognition (परासंज्ञान), और भावनात्मक स्वायत्तता के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, एडवर्ड थॉर्नडाइक (Edward Thorndike) के 'सम्बन्धवाद या प्रयास एवं त्रुटि सिद्धांत' (Trial and Error Theory of Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित **'तत्परता का नियम' (Law of Readiness)**—जिसके तहत यह स्पष्ट किया जाता है कि जब कोई स्नायु तंत्र (Neural Pathways) कार्य करने के लिए पूरी तरह तैयार होता है, तो कार्य करना संतोषजनक होता है और यदि स्नायु तंत्र तैयार नहीं होता है, तो कार्य करना कष्टदायक या असंतोषजनक होता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की मानसिक तैयारी, प्रेरणा के अनुकूलन और अधिगम पठार (Plateau of Learning) को दूर करने के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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