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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'पर्यावरण अध्ययन' (EVS) के अंतर्गत 'पर्यावरणीय प्रदूषण और नियंत्रण' के संदर्भ में, वर्ष 1981 में अधिनियमित 'वायु (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम' [Air (Prevention and Control of Pollution) Act, 1981] के वैधानिक प्रावधानों, केंद्रीय और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों (CPCB & SPCBs) की शक्तियों तथा कार्यों, इस अधिनियम में वर्ष 1987 में किए गए संशोधनों द्वारा 'ध्वनि प्रदूषण' (Noise Pollution) को इसके दायरे में शामिल किए जाने, तथा राष्ट्रीय परिवेशी वायु गुणवत्ता मानकों (NAAQS) के अंतर्गत निर्धारित प्रमुख वायु प्रदूषकों (जैसे $PM_{2.5}$, $PM_{10}$, $NO_2$, $SO_2$, $CO$, $O_3$, $NH_3$, और $Pb$) के पारिस्थितिकीय, विधिक एवं शैक्षणिक निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
वायु (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम, 1981 को भारत में पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 से पूर्व स्टॉकहोम सम्मेलन (1972) के परिप्रेक्ष्य में वायु प्रदूषण की रोकथाम और नियंत्रण के लिए बनाया गया था। इस अधिनियम के तहत केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (SPCBs) की स्थापना की गई। वर्ष 1987 के संशोधन के माध्यम से 'ध्वनि प्रदूषण' (Noise Pollution) को भी 'वायु' की परिभाषा के अंतर्गत शामिल करके इसके दायरे का विस्तार किया गया। बोर्डों के पास उद्योगों के निरीक्षण, वायु नमूनों के परीक्षण, और प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों/संयंत्रों को बंद करने या उनकी बिजली/पानी की आपूर्ति काटने के निर्देश देने की वैधानिक शक्तियाँ हैं।
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम वक्रीकरण' (Learning Curves) के संदर्भ में, जब सीखने की प्रक्रिया के शुरुआती चरणों में अधिगम की गति अत्यंत तीव्र होती है और जैसे-जैसे अभ्यास बढ़ता है, अधिगम की दर मंद पड़ती जाती है, तो इस प्रकार के उत्तल वक्र (Convex Curve) या 'धनात्मक वृद्धि वक्र' (Positive Acceleration Curve) के विपरीत 'ऋणात्मक वृद्धि वक्र' (Negative Acceleration Curve) के वैज्ञानिक स्वरूप के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं कृषि-जलवायु क्षेत्रों के संदर्भ में, 'मध्य मैदानी क्षेत्र' (Central Plain Zone) की विशेषताओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मध्य मैदानी क्षेत्र के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के लखनऊ, कानपुर, उन्नाव, रायबरेली, सीतापुर और हरदोई जैसे जिले आते हैं, जहाँ मुख्य रूप से गंगा और उसकी सहायक नदियों द्वारा लाई गई उपजाऊ जलोढ़ मिट्टी पाई जाती है।
2. इस क्षेत्र की जलवायु उपोष्ण मानसूनी है और यहाँ वार्षिक वर्षा का औसत लगभग 80 सेमी से 100 सेमी के बीच होता है, जो धान, गेहूँ और गन्ने की सघन कृषि के लिए अत्यधिक उपयुक्त है।
3. इस मैदानी भाग की प्रमुख भू-आकृतिक विशेषता यहाँ के ऊँचे पठारी कगार और गहरी खड्डें हैं, जो चंबल और बेतवा नदियों के प्रभाव के कारण इस मध्य क्षेत्र में बड़े पैमाने पर बीहड़ों का निर्माण करती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश के ऊर्जा संसाधनों, प्रमुख बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजनाओं और परमाणु ऊर्जा केंद्रों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में स्थित 'नरोरा परमाणु ऊर्जा संयंत्र' (Narora Atomic Power Station) देश का एकमात्र ऐसा परमाणु संयंत्र है, जो भारी पानी (Heavy Water) रिएक्टर तकनीक पर आधारित है और इसकी दोनों इकाइयाँ गंगा नदी के तट पर शीतलन जल के लिए निर्भर हैं।
2. उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजना 'रिहंद बांध परियोजना' (Rihand Dam Project) सोन नदी की सहायक नदी रिहंद पर पिपरी (सोंभद्र जिला) में स्थित है, जिसके पीछे बने कृत्रिम जलाशय का नाम 'गोविन्द बल्लभ पंत सागर' है।
3. उत्तर प्रदेश राज्य में वैकल्पिक और नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए 'उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसी' (UPNEDA) की स्थापना वर्ष 1983 में की गई थी, तथा राज्य की पहली सौर ऊर्जा नीति के अंतर्गत सोलर पार्कों के विकास पर विशेष बल दिया गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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भारतीय संविधान की सातवीं अनुसूची के अंतर्गत राज्य सूची (State List) में निम्नलिखित में से कौन सा विषय शामिल है, जो अक्सर UPTET और शिक्षण परीक्षाओं की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है?
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उत्तर प्रदेश की मृदा संरचना और कृषि-जलवायु विशेषताओं के संदर्भ में 'लाल और सघन मृदा' (Red and Mixed Soils) तथा उनके क्षेत्रीय विस्तार के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश के दक्षिणी पठारी और पहाड़ी क्षेत्रों (विशेषकर झाँसी, महोबा, ललितपुर, हमीरपुर और मिर्जापुर के कुछ भागों) में लाल मृदा मुख्य रूप से पाई जाती है, जिसका निर्माण प्राचीन गनीज़ और विंध्यन क्रम की लाल बलुआ पत्थरों के अपक्षय (Weathering) से हुआ है।
2. इस प्रकार की मृदा में नाइट्रोजन, ह्यूमस और फास्फोरस की प्रचुर मात्रा पाई जाती है, जिसके कारण यह क्षेत्र गेहूँ और धान की अत्यधिक सघन खेती के लिए राज्य में सर्वाधिक उपजाऊ माना जाता है।
3. लाल मृदा सामान्यतः हल्की, अम्लीय प्रकृति की और जल धारण क्षमता में कम होती है, जिस कारण यहाँ चने, अरहर और तिलहन जैसी कम पानी की आवश्यकता वाली फसलों का उत्पादन अधिक किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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