BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

UPTET
14 views

उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'उत्तर प्रदेश के भूगोल एवं अर्थव्यवस्था' के संदर्भ में, राज्य की प्रमुख बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजनाओं और सिंचाई प्रणालियों के अंतर्गत, उत्तर प्रदेश की सबसे लंबी नहर प्रणाली—अर्थात 'शारदा नहर प्रणाली' (Sharda Canal System)—का उद्गम स्थल, इसका निर्माण वर्ष, तथा इसके द्वारा सिंचित होने वाले प्रमुख क्षेत्रों (जिलों) के वैज्ञानिक एवं भौगोलिक वितरण के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?

Detailed Explanation

शारदा नहर प्रणाली उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी और सबसे लंबी नहर प्रणाली है। इसका उद्गम स्थल उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र में टनकपुर के निकट शारदा नदी (जिसे महाकाली भी कहा जाता है) से है। इस परियोजना का निर्माण कार्य वर्ष 1928 में पूर्ण हुआ था। यह नहर प्रणाली अपने विस्तृत नेटवर्क के माध्यम से उत्तर प्रदेश के रोहिलखंड और मध्यवर्ती मैदानों के विभिन्न जिलों (जैसे पीलीभीत, बरेली, शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी, हरदोई, उन्नाव, लखनऊ आदि) को बड़े पैमाने पर सिंचाई सुविधा प्रदान करती है।
Share:

Related Questions

→ उत्तर प्रदेश की कृषि, सिंचाई प्रणालियों और प्रमुख नहरों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश में सिंचाई के प्रमुख साधनों में नलकूपों (Tube wells) का स्थान प्रथम है, जिसके बाद दूसरा स्थान नहरों (Canals) का आता है। 2. उत्तर प्रदेश की सबसे लंबी नहर प्रणाली 'शारदा नहर' है, जिसका निर्माण कार्य वर्ष 1928 में पूरा हुआ था और यह मुख्य रूप से पीलीभीत जिले से निकलती है। 3. उत्तर प्रदेश के पश्चिमी भाग में सिंचाई सुविधा बढ़ाने के लिए निर्मित 'पूर्वी यमुना नहर' राज्य की सबसे पुरानी नहर है, जिसका निर्माण अंग्रेजों द्वारा 19वीं शताब्दी के पूर्वार्ध में कराया गया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं? → मानव विकास के किस चरण को 'तूफानी और तनाव की अवस्था' कहा जाता है? → उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं कृषि-जलवायु क्षेत्रों (Agro-Climatic Zones) के संदर्भ में, राज्य को कुल कितने प्रमुख कृषि-जलवायु क्षेत्रों में विभाजित किया गया है और इनमें से किस क्षेत्र में सर्वाधिक वर्षा दर्ज की जाती है? → उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं कृषि-जलवायु क्षेत्रों के संदर्भ में, राज्य की मृदा प्रणालियों और उनकी विशेषताओं से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश की मृदा संरचना में 'भाभर' क्षेत्र की मिट्टी अत्यंत कंकरीली, पथरीली और छिद्रयुक्त होती है, जिसके कारण नियाँ इस क्षेत्र में विलुप्त हो जाती हैं और कृषि की दृष्टि से यह क्षेत्र अनुपयुक्त होता है। 2. 'तराई' क्षेत्र भाभर के दक्षिण में स्थित एक संकीर्ण नम एवं दलदली पेटी है, जहाँ घने जंगल और लंबी घासें पाई जाती हैं, तथा हाल के दशकों में वनों की कटाई के बाद इस क्षेत्र में धान और गन्ने की खेती बड़े पैमाने पर की जाने लगी है। 3. उत्तर प्रदेश के दक्षिणी पठारी (बुंदेलखंड) क्षेत्र में पाई जाने वाली 'राकर' (या राँड़) मिट्टी ढलान वाले और कंकरीले भागों पर मिलती है, जो कम उपजाऊ होती है और क्षरण के प्रति अत्यधिक संवेदनशील होती है। 4. उत्तर प्रदेश के गंगा-यमुना दोआब क्षेत्र में पाई जाने वाली 'भूड़' मृदा मूल रूप से एक प्रकार की उपजाऊ जलोढ़ दोमट मिट्टी है, जो गेहूँ और आलू के उत्पादन के लिए पूरे राज्य में सर्वोच्च स्थान रखती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → उत्तर प्रदेश में 'इत्र नगरी' (City of Perfumes) के नाम से कौन सा जिला प्रसिद्ध है?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.