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उत्तर प्रदेश के लोक नृत्यों और उनसे संबंधित क्षेत्रों अथवा जातियों के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सा युग्म सुमेलित नहीं है?

Detailed Explanation

उत्तर प्रदेश के लोक नृत्यों में 'छपेली नृत्य' मुख्य रूप से मिर्जापुर और सोनभद्र (विंध्य क्षेत्र) के साथ-साथ उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में प्रसिद्ध है, जिसमें एक हाथ में रुमाल और दूसरे हाथ में दर्पण लेकर नृत्य किया जाता है। विकल्प 'ए' में इसे 'पूर्वांचल क्षेत्र में अहीरों द्वारा किया जाने वाला युद्ध नृत्य' बताया गया है, जो कि गलत है (पूर्वांचल का प्रमुख अहीर नृत्य 'पाई डंडा' या 'नटवारी' है)। अतः विकल्प (ए) सुमेलित नहीं है। अन्य सभी विकल्प सही हैं: पाई डंडा बुंदेलखंड के अहीरों द्वारा, धुरिया बुंदेलखंड के कुम्हारों द्वारा और चौरसिया नृत्य जौनपुर के कहार समुदाय द्वारा किया जाता है।
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उत्तर प्रदेश की पुरातात्विक स्थलों, प्राचीन नगरों और ऐतिहासिक धरोहरों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. कौशाम्बी (जो प्राचीन काल में वत्स महाजनपद की राजधानी थी) के प्राचीन अवशेषों की पुरातात्विक खुदाई का कार्य मुख्य रूप से प्रोफेसर जी.आर. शर्मा के निर्देशन में किया गया था, जहाँ से 'घोषाराम विहार' के साक्ष्य भी प्राप्त हुए हैं। 2. उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में स्थित 'हुलास' (Hulas) एक प्रमुख हड़प्पाकालीन पुरास्थल है, जो यमुना-हिंडन दोआब क्षेत्र में स्थित है और यहाँ से धान की खेती तथा कृषि अवशेषों के महत्वपूर्ण प्रमाण मिले हैं। 3. 'अतरंजीखेड़ा' एटा जिले में काली नदी के तट पर स्थित एक महत्वपूर्ण स्थल है, जहाँ से उत्तर भारत में सबसे पहले लोहे के प्रयोग (लोह युग) के साक्ष्य प्राप्त हुए हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम की शैलियों और व्यक्तिगत भिन्नताओं' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, डेविड कोल्ब (David Kolb) द्वारा प्रतिपादित 'प्रयोगात्मक अधिगम चक्र' (Experiential Learning Cycle: कंक्रीट एक्सपीरियंस, रिफ्लेक्टिव ऑब्जरवेशन, एब्स्ट्रैक्ट कांसेप्चुलाइजेशन, और एक्टिव एक्सपेरिमेंटेशन) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'संवेदी-प्रेरक कॉर्टेक्स' (Sensorimotor Cortex), 'पूर्ववर्ती सिंगुलेट कॉर्टेक्स' (ACC), 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus), और 'डर्सोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Dorsolateral Prefrontal Cortex) के बीच संवेदी एकीकरण, चिंतनशील विश्लेषण, और मोटर योजना की सक्रियण गतिकी, तथा कार्ल जुंग (Carl Jung) के 'मनोवैज्ञानिक प्रकार' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-एक्सपीरियंशियल ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Experiential Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में अनुभवात्मक चक्र के पूर्ण उपयोग, अनुकूलित शिक्षण विधियों व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सा कथन 'विभेदित अनुदेशन' (Differentiated Instruction) की मूल अवधारणा को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है? जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत (Theory of Cognitive Development) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. पियाजे के अनुसार, पूर्व संक्रियात्मक अवस्था (Pre-operational Stage - लगभग 2 से 7 वर्ष) के दौरान बच्चों में 'संरक्षण' (Conservation) की क्षमता पूरी तरह विकसित हो जाती है, जिससे वे यह समझ जाते हैं कि किसी वस्तु के आकार या रूप बदलने पर उसका द्रव्यमान या आयतन अपरिवर्तित रहता है। 2. मूर्त संक्रियात्मक अवस्था (Concrete Operational Stage - लगभग 7 से 11 वर्ष) में बालक विकेंद्रीकरण (Decentration) की योग्यता अर्जित कर लेता है और वस्तुओं के वर्गीकरण तथा श्रेणीबद्धता (Seriation) जैसे तार्किक संक्रियाओं को भली-भांति समझने लगता है। 3. औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था (Formal Operational Stage - लगभग 11 वर्ष और उससे आगे) में किशोरों के भीतर अमूर्त चिंतन (Abstract Thinking) और परिकल्पनात्मक-निगमनात्मक तर्क (Hypothetico-deductive reasoning) की क्षमता का पूर्ण विकास होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण और पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. पारिस्थितिकी तंत्र में ऊर्जा का प्रवाह सदैव 'एकदिशीय' (Unidirectional) होता है, और लिंडमैन के 'दस प्रतिशत नियम' (10% Law) के अनुसार जब ऊर्जा एक पोषण स्तर से दूसरे पोषण स्तर पर स्थानांतरित होती है, तो उसका केवल 10 प्रतिशत भाग ही अगले स्तर के जीवों द्वारा जैवभार के रूप में संचित किया जाता है, जबकि शेष 90 प्रतिशत ऊर्जा का ह्रास श्वसन, ताप और चयापचय क्रियाओं के दौरान हो जाता है। 2. 'जैव आवर्धन' (Biomagnification) और 'जैविक संचयन' (Bioaccumulation) दोनों एक ही प्रक्रिया को दर्शाते हैं, जिसमें किसी भी पर्यावरण में प्रदूषकों या विषैले पदार्थों (जैसे पारा या डीडीटी) की सांद्रता खाद्य श्रृंखला के प्रत्येक निचले स्तर पर घटती जाती है। 3. वायुमंडल की ओज़ोन परत समताप मंडल (Stratosphere) के ऊपरी हिस्से में पाई जाती है, जो सूर्य से आने वाली हानिकारक पराबैंगनी (UV) किरणों को पृथ्वी तक पहुँचने से रोकती है, और इसकी मोटाई को मापने की इकाई 'डॉब्सन यूनिट' (Dobson Unit) है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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