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उत्तर प्रदेश के लोक नृत्यों और उनसे संबंधित क्षेत्रों अथवा जातियों के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सा युग्म सुमेलित नहीं है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
उत्तर प्रदेश के लोक नृत्यों में 'छपेली नृत्य' मुख्य रूप से मिर्जापुर और सोनभद्र (विंध्य क्षेत्र) के साथ-साथ उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में प्रसिद्ध है, जिसमें एक हाथ में रुमाल और दूसरे हाथ में दर्पण लेकर नृत्य किया जाता है। विकल्प 'ए' में इसे 'पूर्वांचल क्षेत्र में अहीरों द्वारा किया जाने वाला युद्ध नृत्य' बताया गया है, जो कि गलत है (पूर्वांचल का प्रमुख अहीर नृत्य 'पाई डंडा' या 'नटवारी' है)। अतः विकल्प (ए) सुमेलित नहीं है। अन्य सभी विकल्प सही हैं: पाई डंडा बुंदेलखंड के अहीरों द्वारा, धुरिया बुंदेलखंड के कुम्हारों द्वारा और चौरसिया नृत्य जौनपुर के कहार समुदाय द्वारा किया जाता है।
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उत्तर प्रदेश की 'लोक कला, संस्कृति और मेलों' के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर और सोनभद्र क्षेत्रों में प्रसिद्ध 'कजरी' लोकगीत मुख्य रूप से वर्षा ऋतु (सावन के महीने) में गाया जाता है, जो प्रकृति के सौंदर्य और राधा-कृष्ण के प्रेम प्रसंगों से जुड़ा हुआ है।
2. उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में लगने वाला 'देवा शरीफ का मेला' प्रसिद्ध सूफी संत हाजी वारिस अली शाह की याद में आयोजित किया जाता है, जो हिन्दू-मुस्लिम एकता और साप्रदायिक सौहार्द का एक अनूठा प्रतीक है।
3. उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में किया जाने वाला 'राई नृत्य' महिलाओं द्वारा केवल विवाह उत्सव के अवसर पर मयूर की भांति पंख पहनकर किया जाने वाला एक शास्त्रीय नृत्य है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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उत्तर प्रदेश के लोकगीतों और उनकी गायन विधाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'कजरी' गीत का मूल उद्गम स्थल मिर्जापुर माना जाता है, जिसे मुख्य रूप से वर्षा ऋतु (सावन के महीने) में गाया जाता है और इसमें राधा-कृष्ण के प्रेम तथा प्रकृति के सौंदर्य का वर्णन होता है।
2. 'चैती' गीत उत्तर प्रदेश के पूर्वी जिलों (विशेषकर वाराणसी और गोरखपुर) में चैत्र के महीने में गाए जाने वाले लोकगीत हैं, जिनका संबंध मुख्य रूप से भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव और वसंत ऋतु के आगमन से है।
3. 'आल्हा' उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र में गाया जाने वाला एक वीर रस से परिपूर्ण लोकगीत है, जो मुख्य रूप से आल्हा और ऊदल नामक दो वीर योद्धाओं की लड़ाइयों और पराक्रम का वर्णन करता है।
4. 'सोहर' गीत उत्तर प्रदेश के पारंपरिक लोकगीतों में शामिल है, जिसे विशेष रूप से बच्चे के जन्म, मुंडन या अन्य मांगलिक संस्कारों के अवसर पर महिलाओं द्वारा गाया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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उत्तर प्रदेश की मृदाओं और कृषि जलवायु प्रदेशों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश को कृषि जलवायु क्षेत्रों (Agro-climatic Zones) के आधार पर कुल 9 प्रमुख जोनों में विभाजित किया गया है, जो राज्य की विभिन्न भौगोलिक और वर्षा संबंधी विविधताओं को दर्शाते हैं।
2. उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में पाई जाने वाली 'मार' और 'काबर' मृदाएं अत्यधिक उपजाऊ चिकनी मिट्टी होती हैं, जिनमें नमी धारण करने की क्षमता बहुत अधिक होती है और सूखने पर इनमें गहरी दरारें पड़ जाती हैं।
3. राज्य के उत्तर-पश्चिमी जिलों में पाई जाने वाली 'भूर' मृदा मूल रूप से कैल्सियम कार्बोनेट के कणों (कंकड़) से युक्त एक अत्यंत उपजाऊ दोमट मिट्टी है, जो धान और गन्ने की बंपर पैदावार के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक विकास के सिद्धांत' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, वाइगोत्स्की द्वारा प्रतिपादित 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) और 'चान्दनिक मचान निर्माण' (Scaffolding) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डर्सोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Dorsolateral Prefrontal Cortex - DLPFC), 'सुपीरियर टेम्पोरल सल्काई' (Superior Temporal Sulcus - STS), और 'लैंग्वेज नेटवर्क' (Broca's and Wernicke's Areas) के बीच सामाजिक मध्यस्थता, कार्यकारी कार्य नियंत्रण (Executive Function Control), और आंतरिक वाक् (Inner Speech) के विकास की सक्रियण गतिकी, तथा जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) के 'स्कैफोल्डिंग अवधारणा' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-सोशियोकॉग्निटिव ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Sociocognitive Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में सहयोगात्मक समस्या-समाधान, सहकर्मी मध्यस्थता (Peer Mediation) व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं भूगर्भीय इतिहास के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश का अधिकांश मैदानी भाग गंगा और उसकी सहायक नदियों द्वारा लाए गए कापंप्रद (Alluvial) निक्षेपों से निर्मित है, जिसकी गहराई दक्षिण के पठारी भाग से उत्तर के तराई क्षेत्र की ओर जाने पर लगातार कम होती जाती है।
2. उत्तर प्रदेश का बुंदेलखंड क्षेत्र प्राचीन प्रायद्वीपीय पठार का उत्तर की ओर झुका हुआ हिस्सा है, जहाँ विंध्यन क्रम की चट्टानों में चूना पत्थर (Limestone), डोलोमाइट और बलुआ पत्थर प्रचुर मात्रा में मिलते हैं, जिनका उपयोग सीमेंट और निर्माण उद्योगों में किया जाता है।
3. उत्तर प्रदेश के बिजनौर, सहारनपुर और मुजफ्फरनगर जिलों में पाई जाने वाली तराई मृदा का निर्माण महीन कणों वाली सिल्ट और चिकनी मिट्टी से हुआ है, जो अत्यधिक नमीयुक्त और घने जंगलों से आच्छादित होने के कारण कृषि के लिए कम उपजाऊ मानी जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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