त्वरित लिंक्स
UPTET
17 views
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, निम्नलिखित में से कौन सी विशेषता 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage) की एक अनिवार्य और मुख्य खूबी को दर्शाती है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (लगभग 7 से 11 वर्ष की आयु) की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता 'संरक्षण' (Conservation) और वस्तुओं के वर्गीकरण की क्षमता का विकास है। इस अवस्था में बच्चा यह समझ जाता है कि किसी वस्तु का रूप या आकार बदलने पर उसकी मात्रा, आयतन या द्रव्यमान पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता। विकल्प 'a' और 'd' अमूर्त संक्रियात्मक अवस्था (Formal Operational Stage) से संबंधित हैं, जबकि विकल्प 'c' पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था (Pre-operational Stage) की विशेषता है।
Related Questions
→
उत्तर प्रदेश के किस जिले में 'कजरी महोत्सव' मुख्य रूप से आयोजित किया जाता है?
→
उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं भूगर्भीय इतिहास के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश का संपूर्ण मैदानी भाग वास्तव में एक विशाल 'अग्रगर्त' (Foredeep) है, जिसका निर्माण हिमालय पर्वत निर्माण की प्रक्रिया के दौरान टेथिस सागर के अवशेष के रूप में दक्षिण की प्रायद्वीपीय पठार की ओर से लाई गई अवसादों के लगातार निक्षेपण से हुआ है।
2. राज्य के दक्षिणी पठारी और पहाड़ी क्षेत्र (जैसे- बुंदेलखंड और बघेलखंड का भाग) वास्तव में भारतीय प्रायद्वीपीय पठार का ही उत्तरपूर्वी विस्तार हैं, जो प्राचीन अर्कियन काल की ग्रेनाइट, नीस और विंध्यन क्रम की बलुआ पत्थरों से निर्मित हैं।
3. उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्र में अत्यधिक वर्षा, घने जंगलों और नदियों द्वारा लाई गई महीन सिल्ट के जमाव के कारण दलदली और नम जलवायु पाई जाती है, जिसके कारण यह क्षेत्र मलेरिया और कृषि की दृष्टि से पूरी तरह अनुपयुक्त माना जाता है।
4. उत्तर प्रदेश की गंगा-यमुना नदी प्रणाली द्वारा निर्मित जलोढ़ मैदान में पुरानी जलोढ़ मिट्टी (बांगर) की तुलना में नवीन जलोढ़ मिट्टी (खादर) में पोटाश और चूने की मात्रा अधिक होती है, और यह प्रतिवर्ष बाढ़ के पानी द्वारा नवीकृत होती रहती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
→
उत्तर प्रदेश की मृदा संरचना, कृषि जलवायु क्षेत्रों और प्रमुख खाद्यान्न फसलों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश को कृषि और जलवायु की विभिन्नताओं के आधार पर कुल 9 कृषि-जलवायु क्षेत्रों (Agro-climatic Zones) में विभाजित किया गया है, जहाँ तराई क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की सबसे उपजाऊ जलोढ़ मृदा (Alluvial Soil) पाई जाती है।
2. बुंदेलखंड क्षेत्र में पाई जाने वाली 'मार' और 'काबर' मृदाएँ चिकनी और उपजाऊ होती हैं, जिनमें जल धारण करने की उच्च क्षमता होती है और सूखने पर उनमें चौड़ी तथा गहरी दरारें पड़ जाती हैं।
3. राज्य में कुल खाद्यान्न उत्पादन की दृष्टि से उत्तर प्रदेश का देश में प्रथम स्थान है, और यहाँ सर्वाधिक क्षेत्रफल पर बोई जाने वाली फसल गेहूँ है, जबकि उत्पादन में धान का स्थान प्रथम है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम के क्षेत्र एवं सिद्धांत' के संदर्भ में, एडविन गुथरी (Edwin Guthrie) द्वारा प्रतिपादित 'समीप्यता का अधिगम सिद्धांत' (Contiguity Theory of Learning) के मुख्य निष्कर्ष के अनुसार, उद्दीपक (Stimulus) और प्रतिक्रिया (Response) के बीच साहचर्य स्थापित होने के लिए निम्नलिखित में से किस शर्त या कारक को सबसे अधिक अनिवार्य और पर्याप्त माना गया है?
→
उत्तर प्रदेश के हस्तशिल्प, पारंपरिक कलाओं और उनके प्रमुख उत्पादक जिलों (एक जिला, एक उत्पाद योजना - ODOP) के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. 'काष्ठ कला (Wood Carving)' - सहारनपुर जिला (यह अपनी उत्कृष्ट नक्काशी और लकड़ी के फर्नीचर के लिए विश्व प्रसिद्ध है।)
2. 'शहद प्रसंस्करण (Honey Processing)' - मुरादाबाद जिला (यह पीतल नगरी के रूप में विख्यात है और इस योजना के तहत शहद उत्पादन का प्रमुख केंद्र है।)
3. 'हीरा एवं कांच के बर्तन' - फिरोजाबाद जिला (इसे 'सुहाग नगरी' कहा जाता है जो कांच की चूड़ियों और कांच के सामान के निर्माण के लिए जाना जाता है।)
4. 'कालीन बुनीक (Carpet Weaving)' - भदोही जिला (जिसे 'कालीन नगरी' कहा जाता है और यहाँ के हस्तनिर्मित गालिचे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निर्यात किए जाते हैं।)
उपर्युक्त युग्मों में से कौन सा/से सही सुमेलित है/हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.