BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

UPTET
18 views

उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं भूगर्भीय इतिहास के संदर्भ में, राज्य का सबसे प्राचीन भू-भाग (Ancient Landmass) निम्नलिखित में से किसका हिस्सा माना जाता है?

Detailed Explanation

उत्तर प्रदेश का दक्षिणी पठारी क्षेत्र (बुंदेलखंड का पठार) प्रायद्वीपीय भारत का ही एक उत्तरward विस्तार है, जो भूगर्भीय इतिहास के अनुसार प्राचीन 'गोंडवाना लैंड' (Gondwana Land) का हिस्सा है। उत्तर प्रदेश को मुख्य रूप से तीन भू-प्राकृतिक प्रदेशों में बांटा गया है- उत्तर का पर्वतीय क्षेत्र, मध्य का मैदानी भाग और दक्षिण का पठारी भाग। दक्षिणी पठार प्राचीन रवेदार चट्टानों (ग्रेनीज और नाइस) से निर्मित है जो गोंडवाना लैंड का भाग हैं।
Share:

Related Questions

→ हिंदी भाषा शिक्षण और व्याकरण के अंतर्गत, 'अलंकार' संप्रदाय के प्रवर्तक आचार्य कौन माने जाते हैं तथा उनके द्वारा रचित किस ग्रंथ में अलंकार को काव्य की आत्मा के रूप में सबसे पहले प्रतिष्ठित किया गया था? → समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. समावेशी शिक्षा का मुख्य उद्देश्य सामान्य विद्यालयों में सभी बच्चों (चाहे वे शारीरिक, मानसिक, सामाजिक या आर्थिक रूप से किसी भी वर्ग के हों) को एक साथ समान अवसर प्रदान करना है, ताकि विशेष आवश्यकता वाले बालकों को अलग न किया जाए। 2. भारतीय शिक्षा प्रणाली में 'निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009' (RTE Act) समावेशी शिक्षा की अवधारणा को कानूनी रूप से मजबूत करता है, जिसके तहत 6 से 14 वर्ष के सभी बच्चों के लिए शिक्षा को मौलिक अधिकार बनाया गया है। 3. समावेशी शिक्षा 'एकीकृत शिक्षा' (Integrated Education) का ही एक विस्तारित रूप है, जहाँ बच्चे को अपनी योग्यताओं के अनुसार स्कूल की व्यवस्था में ढलना पड़ता है, न कि स्कूल को बच्चे की व्यक्तिगत जरूरतों के अनुसार बदलना पड़ता है। 4. राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा 2005 (NCF 2005) इस बात पर बल देती है कि समावेशी शिक्षा को सफल बनाने के लिए शिक्षकों के दृष्टिकोण में बदलाव, लचीला पाठ्यक्रम और बाधा-मुक्त (Barrier-free) भौतिक वातावरण का होना अनिवार्य है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक ढांचे, विधानमंडल और प्रमुख संस्थाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश द्विसदनीय विधानमंडल (Bicameral Legislature) वाला राज्य है, जिसमें विधानसभा की कुल निर्वाचित सदस्यों की संख्या 403 है तथा विधान परिषद में सदस्यों की कुल संख्या 100 है। 2. उत्तर प्रदेश में 'राज्य लोक सेवा अधिकरण' (State Public Services Tribunal) की स्थापना लखनऊ में की गई है, जो राज्य सरकार के कर्मचारियों के सेवा संबंधी विवादों का त्वरित समाधान करता है। 3. इलाहाबाद उच्च न्यायालय (वर्तमान में प्रयागराज उच्च न्यायालय) की स्थापना वर्ष 1866 में की गई थी, और इसकी एक आधिकारिक खंडपीठ (Bench) लखनऊ में स्थित है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? → उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम के सिद्धांत और पावलव का शास्त्रीय अनुबंधन (Classical Conditioning)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, इवान पावलव (Ivan Pavlov) द्वारा प्रतिपादित 'अनुकूलित अनुक्रिया सिद्धांत' (Classical Conditioning: यूसीएस, सीएस, यूसीआर, और सीआर) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'अमिकडाला' (Amygdala), 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus), और 'सेरिबैलम' (Cerebellum) के बीच भय और संवेगात्मक अनुबंधन (Emotional Conditioning), सिनैप्टिक प्लास्टिसिटी (Synaptic Plasticity), और संवेदी-मोटर समेकन की सक्रियण गतिकी, तथा जॉन वाटसन (John B. Watson) के 'व्यवहारवाद और भावनात्मक कंडीशनिंग (Little Albert Experiment)' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, एंग्जायटी-रिड्यूसिंग बिहेवियरल पेडागोजी (Anxiety-Reducing Behavioral Pedagogy) और विद्यार्थियों में भय उन्मूलन (Extinction), अनुकूलित अनुक्रिया नियंत्रण व समग्र संवेगात्मक कल्याण के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? → प्राचीन भारतीय शिक्षा प्रणाली और दर्शन के संदर्भ में, मीमांसा (पूर्व मीमांसा) दर्शन और उसके प्रणेता के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. पूर्व मीमांसा दर्शन के संस्थापक महर्षि जैमिनी हैं, जिनका मुख्य उद्देश्य वेदों के कर्मकांडीय हिस्से (ब्राह्मण ग्रंथों) की व्याख्या करना और वैदिक यज्ञों व अनुष्ठानों की अनिवार्यता को स्थापित करना है। 2. इस दर्शन के अनुसार, धर्म ही वह सर्वोच्च नियम है जो मनुष्य को उसके कर्तव्यों का बोध कराता है, और वेदों को 'अपौरुषेय' (किसी पुरुष या देवता द्वारा रचित नहीं बल्कि शाश्वत) माना गया है। 3. उत्तर मीमांसा (वेदांत दर्शन), जिसे बादरायण द्वारा रचित ब्रह्मसूत्र पर आधारित माना जाता है, पूर्व मीमांसा के बिल्कुल विपरीत केवल ज्ञान मार्ग पर बल देती है, जबकि पूर्व मीमांसा कर्म मार्ग पर जोर देती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.