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UPTET
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समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के संदर्भ में, एक शिक्षक को अपनी कक्षा में विविधता से निपटने के लिए निम्नलिखित में से किस शिक्षण रणनीति को प्राथमिकता देनी चाहिए?

Detailed Explanation

समावेशी शिक्षा का मूल उद्देश्य बिना किसी भेदभाव के सभी बच्चों को एक साथ सामान्य कक्षाओं में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है। चूँकि कक्षा में प्रत्येक बच्चा अपनी सीखने की गति, शैली, पृष्ठभूमि और योग्यताओं में भिन्न होता है (व्यक्तिगत भिन्नता), इसलिए एक शिक्षक को विभिद्दीकृत निर्देश (Differentiated Instruction) और बहुआयामी शिक्षण विधियों का उपयोग करना चाहिए ताकि हर छात्र की विशिष्ट आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके। अतः विकल्प (b) सबसे सटीक और सही उत्तर है।
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं भूगर्भीय संरचना के संदर्भ में, 'बुंदेलखंड के पठारी क्षेत्र' की विशेषताओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. बुंदेलखंड का पठार उत्तर प्रदेश के दक्षिण में स्थित है, जिसका निर्माण प्राचीनतम प्री-कैंब्रियन युग के नाइस (Gneiss), ग्रेनाइट (Granite) और शिस्ट (Schist) चट्टानों से हुआ है। 2. इस क्षेत्र में सामान्यतः लाल और भूरे रंग की हल्की मृदा पाई जाती है, जिसे स्थानीय भाषा में 'परवा', 'मार', 'काबर' और 'रास' के नाम से जाना जाता है, जो कृषि की दृष्टि से कम उपजाऊ होने के कारण मुख्य रूप से वर्षा पर निर्भर होती है। 3. उत्तर प्रदेश का यह पठारी क्षेत्र खनिज संपदा के दृष्टिकोण से अत्यंत समृद्ध है, जहाँ देश के सबसे बड़े ग्रेफाइट, कोयला और पेट्रोलियम के भंडार पाए जाते हैं, जिसके कारण यहाँ भारी उद्योगों का जाल बिछा हुआ है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम की प्रक्रिया और त्रुटियाँ' (Learning Process and Error Analysis) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जॉन फ्लैवेल (John Flavell) द्वारा प्रतिपादित 'मेटाकॉग्निशन या अधिविज्ञान' (Metacognition: मेटाकॉग्निटिव ज्ञान और मेटाकॉग्निटिव विनियमन) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डर्सोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Dorsolateral Prefrontal Cortex - dlPFC), 'रोस्ट्राल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Rostral Prefrontal Cortex - Brodmann Area 10), और 'एंटीरियर सिंगुलेट कॉर्टेक्स' (Anterior Cingulate Cortex - ACC) के बीच स्व-निगरानी (Self-Monitoring), त्रुटि संवेदनशीलता (Error Detection), और संज्ञानात्मक नियंत्रण की सक्रियण गतिकी, तथा लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) और बर्ट्रेंड रसेल के 'चिंतन के नियमन व आंतरिक वाक् नियंत्रण' (Regulation of Thought & Inner Speech Control) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-मेटाकॉग्निटिव ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Metacognitive Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में त्रुटियों के अर्थपूर्ण विश्लेषण (Error as a Learning Opportunity), स्वावलंबन व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं प्रशासनिक ढांचे के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश का वर्तमान पुनर्गठन 1 नवंबर 2000 को हुआ था, जब इसके पहाड़ी और उत्तर-पश्चिमी जिलों को अलग करके एक नया राज्य 'उत्तराखंड' (तत्कालीन उत्तरांचल) बनाया गया था, जिसके परिणामस्वरूप इस राज्य से कुल 13 पर्वतीय जिले अलग हुए थे। 2. क्षेत्रफल की दृष्टि से उत्तर प्रदेश भारत का चौथा सबसे बड़ा राज्य है (राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के बाद), और इसकी सीमाएं देश के कुल 8 राज्यों तथा 1 केंद्र शासित प्रदेश (दिल्ली) के साथ-साथ एक अंतरराष्ट्रीय सीमा नेपाल के साथ भी लगती हैं। 3. उत्तर प्रदेश का सबसे पूर्वी जिला 'बलिया' है, जबकि सबसे पश्चिमी जिला 'शामली' है; इसी प्रकार सबसे उत्तरी जिला 'सहारनपुर' और सबसे दक्षिणी जिला 'सोनभद्र' है, जो चार राज्यों (मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार) की सीमाओं को स्पर्श करता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? जीन पियाजे (Jean Piaget) के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत, 'संवेदी-गामक अवस्था' (Sensorimotor Stage: जन्म से लगभग 2 वर्ष) की निम्नलिखित प्रमुख विशेषताओं पर विचार कीजिए: 1. इस अवस्था में शिशु अपनी ज्ञानेंद्रियों (Senses) और शारीरिक गतिविधियों (Motor Actions) के माध्यम से संसार का अन्वेषण करता है और वस्तुओं को केवल प्रत्यक्ष रूप से अनुभव करता है। 2. इस चरण की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि 'वस्तु स्थायित्व' (Object Permanence) का विकास है, जिसके तहत बालक यह समझने लगता है कि वस्तुएं तब भी अस्तित्व में रहती हैं जब वे उसकी दृष्टि से ओझल हो जाती हैं। 3. इस अवस्था के दौरान बालक में 'प्रतीकात्मक चिंतन' (Symbolic Thought) और भाषा के प्रयोग की पूर्ण क्षमता विकसित हो जाती है, जिससे वह अपने विचारों को शब्दों और संकेतों के माध्यम से व्यक्त करने में सक्षम हो जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं? कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) के नैतिक विकास के सिद्धांत के संदर्भ में, 'उत्तर-रूढ़िगत नैतिकता' (Post-Conventional Morality) के 'सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार' (Social Contract and Individual Rights) चरण की निम्नलिखित विशेषताओं पर विचार कीजिए: 1. इस चरण में व्यक्ति का यह मानना होता है कि नियम और कानून समाज के आपसी समझौते या अनुबंध का परिणाम हैं, इसलिए यदि कोई कानून मानवाधिकारों या समाज के बहुसंख्यक कल्याण की रक्षा करने में असफल रहता है, तो उसे बदला जा सकता है। 2. इस स्तर पर नैतिकता पूरी तरह से बाहरी दंड, पुरस्कार या सामाजिक प्रतिष्ठा की चाह पर आधारित होती है, जहाँ व्यक्ति केवल इसलिए नियमों का पालन करता है ताकि वह कानून और व्यवस्था बनाए रखने वाले अधिकारियों की नजर में अच्छा बन सके। 3. यह चरण कोहलबर्ग के सिद्धांत के स्तर-III (Level III) के अंतर्गत आता है, जो सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांतों (Universal Ethical Principles) से ठीक पहले की अवस्था है, और इसमें वैधानिक कानूनों की तुलना में सामाजिक न्याय एवं व्यक्तिगत स्वतंत्रता अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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