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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत (Theory of Cognitive Development) के संदर्भ में, 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) की सबसे प्रमुख और विशिष्ट मानसिक विशेषता निम्नलिखित में से कौन सी है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था (लगभग 11 वर्ष से वयस्कता तक) की सबसे प्रमुख विशेषता 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-Deductive Reasoning) और अमूर्त चिंतन (Abstract Thinking) की क्षमता है। इस अवस्था में बालक समस्याओं के समाधान के लिए विभिन्न परिकल्पनाएं बनाते हैं और तार्किक रूप से उनका परीक्षण करते हैं। 'वस्तु स्थायित्व' संवेदी-गामक अवस्था (Sensorimotor Stage) की विशेषता है, जबकि 'संरक्षण' मूर्त संक्रियात्मक अवस्था (Concrete Operational Stage) के दौरान विकसित होता है। अतः विकल्प (c) सही उत्तर है।
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1. प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन को अलग-अलग विषयों (विज्ञान और सामाजिक विज्ञान) के रूप में न पढ़ाकर एक अंतःविषयक (Interdisciplinary) उपागम के रूप में छह थीमों (परिवार और मित्र, भोजन, पानी, आश्रय, यात्रा, और चीजें जो हम बनाते और करते हैं) के अंतर्गत संरचित किया गया है।
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3. पर्यावरण अध्ययन की शिक्षा में 'स्थानीय पर्यावरण' को एक प्राथमिक संसाधन के रूप में उपयोग करने की संस्तुति की जाती है, जिससे बच्चे अपने आस-पास के परिवेश का अन्वेषण करके मूर्त अनुभवों से अमूर्त अवधारणाओं की ओर बढ़ सकें।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण में 'पर्यावरणीय नैतिकता' (Environmental Ethics) और सतत विकास (Sustainable Development) की अवधारणा को स्पष्ट करते हुए, 'गैया परिकल्पना' (Gaia Hypothesis) का प्रतिपादन सर्वप्रथम किसने किया था, जिसके अनुसार पृथ्वी को एक स्व-नियमित जीवंत सुपर-ऑर्गेनिज्म के रूप में देखा जाता है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र' के अंतर्गत 'जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास का सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के संदर्भ में, पियाजे द्वारा प्रतिपादित 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage - लगभग 11 वर्ष से वयस्कता तक) की मुख्य विशेषताओं—जैसे 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-Deductive Reasoning), 'अमूर्त चिंतन' (Abstract Thinking), 'संयोजनवादी तर्क' (Combinatorial Reasoning), और 'प्रस्तावनात्मक चिंतन' (Propositional Thought)—के मनोवैज्ञानिक, तार्किक तथा शैक्षिक निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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