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पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण-अधिगम में 'क्षेत्र भ्रमण' (Field Trip) को एक प्रभावी pedagogic tool क्यों माना जाता है, और इसके आयोजन के दौरान एक शिक्षक को प्राथमिक स्तर के विद्यार्थियों के लिए निम्नलिखित में से किस मुख्य उद्देश्य को प्राथमिकता देनी चाहिए?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
पर्यावरण अध्ययन (EVS) प्राथमिक स्तर पर एक एकीकृत विषय है जो विज्ञान, सामाजिक अध्ययन और पर्यावरण शिक्षा के तत्वों को जोड़ता है। 'क्षेत्र भ्रमण' (Field Trip) बच्चों को वास्तविक जीवन की परिस्थितियों के संपर्क में लाता है, जिससे वे अमूर्त अवधारणाओं को मूर्त अनुभवों में बदलकर बेहतर तरीके से सीखते हैं। यह उनकी अवलोकन क्षमता, विश्लेषणात्मक सोच और पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता को विकसित करता है। विकल्प 'a' इस शिक्षण विधि के मूल उद्देश्य को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है।
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बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के अंतर्गत 'लॉरेंस कोहलबर्ग' (Lawrence Kohlberg) के 'नैतिक विकास के सिद्धांत' (Theory of Moral Development) की विभिन्न अवस्थाओं और उनके स्तरों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. कोहलबर्ग के सिद्धांत के 'पूर्व-पारंपरिक नैतिकता' (Pre-conventional Morality) स्तर के अंतर्गत आने वाली पहली अवस्था 'ज्ञानेन्द्रिय-प्रेरक अवस्था' (Sensory-Motor Stage) कहलाती है, जिसमें बालक दूसरों के तर्कों को सुने बिना केवल अपनी शारीरिक इच्छाओं के अनुसार नैतिक निर्णय लेता है।
2. 'पारंपरिक नैतिकता' (Conventional Morality) स्तर के अंतर्गत 'अच्छा लड़का-अच्छी लड़की' (Good Boy-Good Girl) अभिविन्यास और 'कानून एवं व्यवस्था' (Law and Order) अभिविन्यास शामिल हैं, जहाँ व्यक्ति सामाजिक नियमों, अधिकार और समाज की स्वीकृत परंपराओं को बनाए रखने को ही सर्वोच्च नैतिकता मानता है।
3. 'उत्तर-पारंपरिक नैतिकता' (Post-conventional Morality) स्तर की अंतिम अवस्था 'सार्वभौमिक नैतिक अंतःचेतना अभिविन्यास' (Universal Ethical Principle Orientation) है, जिसमें व्यक्ति व्यक्तिगत विवेक और आंतरिक नैतिक सिद्धांतों के आधार पर निर्णय लेता है, भले ही वे नियम या कानून समाज के मौजूदा प्रावधानों या कानूनों के विरुद्ध क्यों न हों।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं कृषि-जलवायु क्षेत्रों (Agro-climatic Zones) के संदर्भ में, राज्य को कुल कितने प्रमुख कृषि-जलवायु क्षेत्रों में विभाजित किया गया है और इस वर्गीकरण का मुख्य आधार क्या है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'नैतिक विकास और संज्ञानात्मक निर्णय के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों' के संदर्भ में, लॉरेंस कोहलवर्ग (Lawrence Kohlberg) द्वारा प्रतिपादित 'नैतिक विकास के चरण' (Stages of Moral Development) के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'वेंट्रोमेडियल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Ventromedial Prefrontal Cortex - vmPFC), 'एंटीरियर इंसुला' (Anterior Insula) और 'एपिडर्मल लिम्बिक सिस्टम' के बीच नैतिक दुविधाओं (Moral Dilemmas), सामाजिक-सांस्कृतिक मानदंडों और भावनात्मक सहानुभूति के प्रसंस्करण की सक्रियण गतिकी, तथा जीन पियाजे (Jean Piaget) द्वारा प्रतिपादित 'नैतिक यथार्थवाद बनाम नैतिक स्वायत्तता' (Moral Realism vs. Moral Autonomy) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, मूल्य-आधारित शिक्षा और विद्यार्थियों में न्याय, परोपकार व तार्किक निर्णय क्षमता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अभिप्रेरणा और अधिगम' (Motivation and Learning) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, अब्राहम मैस्लो (Abraham Maslow) द्वारा प्रतिपादित 'आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत' (Hierarchy of Needs: शारीरिक सुरक्षा से लेकर आत्म-सिद्धि तक) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'वेंट्रिग्ला टेगमेंटल एरिया' (VTA), 'न्यूक्लियस accumbens', और 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex) के बीच आंतरिक प्रेरणा सर्किट, होमियोस्टैटिक तनाव नियमन, और दीर्घकालिक लक्ष्य-निर्देशित व्यवहार की सक्रियण गतिकी, तथा एडवर्ड डेसी (Edward Deci) और रिचर्ड रायन (Richard Ryan) के 'आत्म-निर्णय सिद्धांत' (Self-Determination Theory: स्वायत्तता, सक्षमता और संबद्धता) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-मोटिवेशनल ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Motivational Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में आंतरिक अभिप्रेरणा (Intrinsic Motivation), मनोवैज्ञानिक कल्याण व समग्र संज्ञानात्मक-संवेगात्मक विकास के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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बाल विकास के विभिन्न सिद्धांतों के अंतर्गत, लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) के 'नैतिक विकास के सिद्धांत' के 'उत्तर-रूढ़िगत स्तर' (Post-Conventional Morality) की दूसरी अवस्था अर्थात् 'विवेक और सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत की अवस्था' (Stage 6: Universal Ethical Principles) की सबसे महत्वपूर्ण और मूल विशेषता निम्नलिखित में से कौन सी है?
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