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हिंदी भाषा शिक्षण और व्याकरण के अंतर्गत 'प्रत्यय' (Suffix) की संरचना के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सा युग्म ऐसा है जिसमें 'कृत प्रत्यय' (Primary Suffix) का प्रयोग करके एक सही तद्भव शब्द का निर्माण किया गया है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कृत प्रत्यय (Primary Suffix) वे प्रत्यय होते हैं जो क्रिया की धातु (Root verb) के साथ जुड़कर नए शब्दों का निर्माण करते हैं, इन्हें 'कृदंत' शब्द भी कहा जाता है। विकल्प 'ए' में 'लिख' एक क्रिया की धातु है और इसमें 'आवट' प्रत्यय जुड़ने से 'लिखावट' (एक कृदंत संज्ञा) का निर्माण हुआ है। जबकि 'सुंदरता' में 'ता' प्रत्यय (तद्धित प्रत्यय) विशेषण के साथ लगा है, 'लुहार' में 'आर' प्रत्यय संज्ञा 'लोहा' के साथ जुड़ा है।
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चे और समावेशन' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, 'अधिगम विकलांगता' के अंतर्गत 'डਿਸग्राफिया' (Dysgraphia) के 'मोटर-ऑर्थोग्राफिक डेफिसिट मॉडल' के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'एन्टेरियर इंट्रापैरिएटल सलकस' (AIPS), 'सुपीरियर पैराइटल लोब' (SPL), और 'बेसल गैंग्लिया' (Basal Ganglia) के बीच दृश्य-स्थानिक समन्वय (Visuo-spatial Coordination), मोटर प्लानिंग (Motor Planning), और हाथ-आँख समन्वय की सक्रियण गतिकी, तथा वर्जीनिया बर्लिंगहम (Virginia Berninger) के 'ऑर्थोग्राफिक-मोटर इंटीग्रेशन हाइपोथैसिस' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, मल्टीसेंसरियल काइनेस्थेटिक पेडागोजी (Multisensory Kinesthetic Pedagogy) और विद्यार्थियों में लेखन दक्षता, सूक्ष्म पेशीय नियंत्रण (Fine Motor Control) व समग्र ग्राफिक अभिव्यक्ति के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं जलवायु संदर्भ में 'अरावली पहाड़ियों के अपशिष्ट अवशेषों' और 'मानसून की वर्षा' के प्रभावों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश के पश्चिमी और दक्षिण-पश्चिमी सीमावर्ती क्षेत्रों (विशेषकर आगरा और मथुरा के आसपास) में दिल्ली रिज (अरावली पर्वतमाला के विस्तार) के छोटे-छोटे अवशेष पाए जाते हैं, जो राज्य के इस क्षेत्र की स्थलाकृति को प्रभावित करते हैं।
2. उत्तर प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की 'बंगाल की खाड़ी की शाखा' (Bay of Bengal branch) राज्य में पूर्व से प्रवेश करती है और जैसे-जैसे यह पश्चिम और उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ती है, वर्षा की मात्रा में क्रमिक रूप से कमी आती जाती है।
3. उत्तर प्रदेश की जलवायु मूल रूप से 'उष्णकटिबंधीय मानसूनी' (Tropical Monsoon) प्रकार की है, जिसमें ग्रीष्मकाल अत्यधिक गर्म और शीतकाल शुष्क तथा ठंडा होता है, तथा राज्य की कुल वार्षिक वर्षा का लगभग 75% से 80% भाग मानसूनी महीनों (जून से सितंबर) के दौरान ही प्राप्त होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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उत्तर प्रदेश की मृदा एवं कृषि प्रणाली के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश के पश्चिमी और मध्यवर्ती मैदानी क्षेत्रों में पाई जाने वाली प्राचीन जलोढ़ मृदा को 'भांगर' (Bhangar) कहा जाता है, जो बाढ़ की पहुँच से दूर होती है और जिसमें कैल्सियम कार्बोनेट के कंकड़ पाए जाते हैं।
2. बुंदेलखंड क्षेत्र में पाई जाने वाली 'मार' (Mar) और 'काबर' (Kabar) मृदाएँ चिकनी और भारी काली मिट्टी के समान होती हैं, जो सूखने पर अत्यंत कठोर हो जाती हैं और जिनमें नमी बनाए रखने की अद्भुत क्षमता होती है।
3. राज्य के पर्वतीय एवं पठारी ढलानों पर पाई जाने वाली 'राँड़' (Randh) मृदा अत्यधिक उपजाऊ और नाइट्रोजनयुक्त होती है, जिसके कारण इसमें बिना किसी रासायनिक उर्वरक के धान की सर्वाधिक उपज प्राप्त होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश के खनिजों, ऊर्जा संसाधनों और उद्योग से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश के सोनभद्र और मिर्जापुर जिलों में 'चूना पत्थर' (Limestone), 'कोयला' और 'नॉन-प्लास्टिक फायर क्ले' जैसे खनिज प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, और सोनभद्र का डल्ला क्षेत्र सीमेंट उद्योग के लिए प्रसिद्ध है।
2. उत्तर प्रदेश में तांबा और यूरेनियम के एकमात्र भंडार क्रमशः ललितपुर जिले में पाए जाते हैं, जहाँ यूरेनियम का उपयोग परमाणु ऊर्जा उत्पादन में किया जाता है।
3. उत्तर प्रदेश का फिरोजाबाद जिला कांच और चूड़ियों के निर्माण के लिए देश भर में प्रसिद्ध है, जिसे 'सुहाग नगरी' भी कहा जाता है, जबकि पीतल के बर्तनों के लिए मुरादाबाद को 'पीतल नगरी' के रूप में जाना जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के संदर्भ में 'अधिगम की अक्षमताएँ' (Learning Disabilities) और उनके विशिष्ट लक्षणों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'डिस्लेक्सिया' (Dyslexia) एक पठन संबंधी विकार है, जिससे ग्रसित बालकों को अक्सर शब्दों, अक्षरों और ध्वनियों को पहचानने, पढ़ने, वर्तनी लिखने तथा शब्दों को उल्टा पढ़ने (जैसे 'saw' को 'was' पढ़ना) में गंभीर कठिनाई होती है।
2. 'डिस्ग्राफिया' (Dysgraphia) एक लेखन संबंधी विकार है, जिसमें बच्चे की लिखावट अत्यंत खराब, अस्पष्ट और अनियमित होती है, तथा उसे पेंसिल पकड़ने, वर्तनी बनाने और विचारों को लिखित रूप में व्यक्त करने में भारी समस्या का सामना करना पड़ता है।
3. 'डिस्कैल्कुलिया' (Dyscalculia) एक पठन या भाषा संबंधी विकार है, जिसके अंतर्गत बालकों को शब्दों का उच्चारण करने और लंबे वाक्यों को याद रखने में कठिनाई होती है, तथा इसका गणितीय गणनाओं से कोई संबंध नहीं होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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