लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के अनुसार, किस स्तर पर बालक का नैतिकता से संबंधित निर्णय बाह्य पुरस्कारों या दंडों पर आधारित होता है?
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के प्रथम चरण यानी पूर्व-पारंपरिक स्तर (Pre-conventional Level) में बालक के नैतिक निर्णय बाहरी परिणामों, जैसे पुरस्कार और दंड पर...
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, 'अमूर्त चिंतन' की अवस्था कौन सी है?
जीन पियाजे के सिद्धांत के अनुसार, औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था (11 वर्ष से ऊपर) में बालक में अमूर्त चिंतन और तार्किक रूप से सोचने की क्षमता विकसित हो जाती है।
भारतीय संविधान में मौलिक कर्तव्यों को किस देश के संविधान से लिया गया है?
भारतीय संविधान में मौलिक कर्तव्यों को स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिश पर 42वें संविधान संशोधन 1976 द्वारा पूर्व सोवियत संघ (USSR) के संविधान से लिया गया है।
लेव वायगोस्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत के अनुसार, विकास में सबसे महत्वपूर्ण कारक कौन सा है?
लेव वायगोस्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत के अनुसार, बच्चे का विकास समाज और संस्कृति की अंतःक्रिया के माध्यम से होता है, इसलिए संस्कृति और समाज सबसे महत्वपूर्ण कारक है...
गार्डनर के बहुबुद्धि सिद्धांत के अनुसार, 'संगीतकीय बुद्धि' से क्या तात्पर्य है?
हॉवर्ड गार्डनर के बहुबुद्धि सिद्धांत के अनुसार, संगीतकीय बुद्धि (Musical Intelligence) वाले व्यक्तियों में लय, ताल, सुर और ध्वनियों के प्रति गहरी संवेदनशीलता और उन्हें पह...
बुद्ध और धम्म पुस्तक के लेखक निम्नलिखित में से कौन हैं?
'बुद्ध और उनका धम्म' (The Buddha and His Dhamma) पुस्तक के रचयिता डॉ. भीमराव अम्बेडकर हैं।
भारतीय संविधान की प्रस्तावना में 'समाजवादी' शब्द किस संविधान संशोधन द्वारा जोड़ा गया था?
भारतीय संविधान की प्रस्तावना में 'समाजवादी', 'धर्मनिरपेक्ष' और 'अखंडता' शब्द वर्ष 1976 में हुए 42वें संविधान संशोधन के माध्यम से जोड़े गए थे।
समास के कितने मुख्य भेद माने जाते हैं?
हिंदी व्याकरण में समास के मुख्य रूप से छः भेद माने जाते हैं - अव्ययीभाव, तत्पुरुष, कर्मधारय, द्विगु, द्वंद्व और बहुव्रीहि समास।
उत्तर प्रदेश में 'बटेश्वर मेला' किस जनपद में आयोजित किया जाता है?
बटेश्वर मेला उत्तर प्रदेश के आगरा जनपद में यमुना नदी के तट पर आयोजित होने वाला एक प्रसिद्ध ऊंट और पशु मेला है।
पारिस्थितिकी तंत्र में ऊर्जा का प्रवाह सदैव किस प्रकार का होता है?
पारिस्थितिकी तंत्र में ऊर्जा का प्रवाह सदैव एकदिशीय (Unidirectional) होता है, जिसमें ऊर्जा सूर्य से उत्पादकों और फिर उपभोक्ताओं की ओर प्रवाहित होती है तथा ऊष्मा के रूप मे...