समाजीकरण की प्रक्रिया में विद्यालय को किस प्रकार की संस्था माना जाता है?
विद्यालय समाजीकरण की एक द्वितीयक (secondary) संस्था है, जहाँ बच्चा परिवार से बाहर आकर सामाजिक नियमों, मानदंडों और औपचारिक शिक्षा को सीखता है।
गांधीजी ने असहयोग आंदोलन की शुरुआत किस वर्ष की थी?
महात्मा गांधी ने 1 अगस्त 1920 को आधिकारिक रूप से असहयोग आंदोलन की शुरुआत की थी, जिसे बाद में चौरी-चौरा कांड के कारण 1922 में वापस ले लिया गया था।
उत्तर प्रदेश का 'बटेश्वर मेला' किस जनपद में आयोजित किया जाता है?
उत्तर प्रदेश के आगरा जनपद में यमुना नदी के तट पर प्रसिद्ध बटेश्वर मेला आयोजित किया जाता है, जो ऊंटों के व्यापार के लिए भी जाना जाता है।
समाजीकरण की प्रक्रिया में परिवार को किस प्रकार की संस्था माना जाता है?
परिवार को समाजीकरण की प्राथमिक (Primary) संस्था माना जाता है, क्योंकि बालक का जन्म होने के बाद सबसे पहले उसका संपर्क परिवार के सदस्यों से होता है।
लेव वायगोत्สกी के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत में 'समीपस्थ विकास क्षेत्र' (ZPD) का तात्पर्य किससे है?
लेव वायगोत्สกी के अनुसार, 'समीपस्थ विकास क्षेत्र' (ZPD) उस अंतर को दर्शाता है जो बच्चा अकेले किसी कार्य को करने में सक्षम है और जो वह किसी वयस्क या अधिक ज्ञानी साथी (More...
उत्तर प्रदेश में 'कथक' नृत्य का एकमात्र घराना कौन सा माना जाता है?
उत्तर प्रदेश में 'कथक' नृत्य का प्रमुख और पारंपरिक घराना लखनऊ घराना माना जाता है, जो इस शास्त्रीय नृत्य शैली के विकास में अत्यंत महत्वपूर्ण है।
भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद में 'ग्राम पंचायतों के संगठन' का प्रावधान किया गया है?
भारतीय संविधान के भाग-4 के अंतर्गत नीति निर्देशक तत्वों में अनुच्छेद 40 में राज्यों को ग्राम पंचायतों के संगठन का निर्देश दिया गया है।
बुद्ध ने अपना पहला उपदेश किस स्थान पर दिया था?
महात्मा बुद्ध ने ज्ञान प्राप्ति के पश्चात अपना पहला उपदेश सारनाथ में अपने पांच शिष्यों को दिया था, जिसे बौद्ध ग्रंथों में 'धर्मचक्रप्रवर्तन' कहा गया है।
उत्तर प्रदेश में 'चर्kula' नृत्य मुख्य रूप से किस क्षेत्र से संबंधित है?
चर्kula नृत्य उत्तर प्रदेश के ब्रज क्षेत्र का एक प्रसिद्ध लोक नृत्य है, जिसमें महिलाएं अपने सिर पर रथ का पहिया रखकर नृत्य करती हैं।
राष्ट्रीय उद्यान 'दुधवा नेशनल पार्क' उत्तर प्रदेश के किस जनपद में स्थित है?
दुधवा नेशनल पार्क उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में स्थित है। यह बाघों और बारहसिंगा के संरक्षण के लिए प्रसिद्ध है।