त्वरित लिंक्स
BPSC, CTET, UPSC और सभी सरकारी परीक्षाओं के लिए मुफ़्त प्रश्न व मॉक टेस्ट
BPSC TRE 4.0, Child Development, Indian Polity, General Science सहित सभी विषयों के 6000+ प्रश्न — अभी अभ्यास करें।
जे.पी. गिलफोर्ड ने बुद्धि का त्रि-आयामी (3D) सिद्धांत दिया था, जिसमें उन्होंने बुद्धि को तीन आयामों (संक्रिया, विषय-वस्तु और उत्पाद) में वर्गीकृत किया है।
पावलोव के शास्त्रीय अनुबंधन में, जब प्राणी समान उद्दीपकों के प्रति एक जैसी अनुक्रिया करना सीख जाता है, तो उसे 'उद्दीपक-सामान्यीकरण' कहते हैं।
सीखने के पठार को दूर करने के लिए रुचिपूर्ण शिक्षण विधियों का उपयोग और सीखने के वातावरण में परिवर्तन करना सबसे प्रभावी होता है।
नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, 'बिहार' ने बहुआयामी गरीबी में कमी लाने में देश के अन्य राज्यों की तुलना में सबसे तेजी से प्रगति की है। राज्य में स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर के मानकों में सुधार के कारण करोड़ों लोग गरीबी...
बिहार के 'नवादा' जिले का निर्माण '1973' में हुआ था। यह पहले गया जिले का हिस्सा था। प्रशासनिक कार्यों को सुगम बनाने के लिए कई पुराने जिलों का विभाजन करके नए जिले बनाए गए थे। नवादा अपनी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और प्राकृतिक सुंद...
उपचारात्मक शिक्षण का मुख्य उद्देश्य उन छात्रों की अधिगम संबंधी समस्याओं और कमजोरियों का पता लगाकर उन्हें दूर करना है।
IQ (Intelligence Quotient) शब्द का सर्वप्रथम प्रयोग विलियम स्टर्न (William Stern) द्वारा किया गया था।
आकलन का प्राथमिक गुण यह है कि यह शिक्षण और सीखने की प्रक्रिया में सुधार के लिए आवश्यक जानकारी प्रदान करता है।
अभिप्रेरणा सीखने की प्रक्रिया का आधार है; यह छात्र को लक्ष्य की ओर प्रेरित करती है और उनमें सीखने के प्रति उत्साह पैदा करती है।
शिक्षण के दौरान किया गया आकलन (Formative Assessment) सबसे महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे शिक्षण प्रक्रिया में तुरंत सुधार किया जा सकता है।
संवेदी-पेशीय अवस्था (Sensorimotor Stage) जन्म से 2 वर्ष तक की अवधि है, जिसमें बच्चा इंद्रियों के माध्यम से सीखता है।
समावेशी शिक्षा का मूल आधार यह है कि प्रत्येक बच्चा, चाहे उसकी शारीरिक या मानसिक स्थिति कैसी भी हो, सामान्य कक्षा में पढ़ने का अधिकार रखता है।
कुर्ट लेविन का 'क्षेत्र सिद्धांत' यह बताता है कि अधिगम व्यक्ति के 'जीवन क्षेत्र' (Life Space) और उसके पर्यावरण के बीच की अंतःक्रिया का परिणाम है।
भाटिया बैटरी परीक्षण का उपयोग मुख्य रूप से अशाब्दिक (Non-verbal) बुद्धि को मापने के लिए किया जाता है।
चार्ल्स स्पीयरमैन ने बुद्धि का द्विकारक सिद्धांत प्रतिपादित किया था, जिसमें उन्होंने सामान्य (g) और विशिष्ट (s) कारक बताए थे।
24वें संशोधन द्वारा राष्ट्रपति स्वीकृति के लिए बाध्य हैं।
खोज विधि (Heuristic Method) का श्रेय एच.ई. आर्मस्ट्रांग को जाता है, जो छात्रों को स्वयं के प्रयासों से समाधान खोजने के लिए प्रोत्साहित करती है।
मौन वाचन का उद्देश्य पाठ की विषय वस्तु को शांतिपूर्वक और एकाग्रता से समझना है।
इवान पावलोव ने अपने शास्त्रीय अनुबंधन का प्रयोग कुत्ते (Dog) की पाचन प्रक्रिया और लार के स्राव पर किया था।
पावलोव के सिद्धांत में 'भोजन' (स्वाभाविक उद्दीपन) ही पुनर्बलन की भूमिका निभाता है, जिसे वह उद्दीपक कहता है।