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MPTET — Free MCQ Questions & Mock Test
Clear filterमध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए यह एक समर्पित मंच है। यहाँ आपको बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र (Child Development & Pedagogy), पर्यावरण अध्ययन, और विभिन्न विषयों से संबंधित महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) और विस्तृत व्याख्याएं मिलेंगी, जो आपकी सफलता को सुनिश्चित करने में मदद करेंगी।
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, अब्राहम मास्लो (Abraham Maslow) के 'मानवतावादी प्रेरणा सिद्धांत या आवश्यकताओं का पदानुक्रम' (Hierarchy of Needs) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'आत्म-सिद्धि या आत्म-वास्तविकीकरण' (Self-Actualization)**—जिसे उस सर्वोच्च मनोवैज्ञानिक आवश्यकता के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत व्यक्ति अपनी संपूर्ण आंतरिक क्षमताओं, निहित योग्यताओं, सृजनात्मकता और व्यक्तिगत संभावनाओं का अधिकतम विकास और पूर्ण उपयोग करने की स्थिति तक पहुँच जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के समग्र व्यक्तित्व विकास, आंतरिक अभिप्रेरणा और सार्थक अधिगम वातावरण के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) के 'संज्ञानात्मक विकास और खोजपूर्ण अधिगम सिद्धांत' (Discovery Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'सर्पिलाकार पाठ्यक्रम' (Spiral Curriculum)**—जिसे उस शैक्षिक डिज़ाइन के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत किसी भी विषय या जटिल अवधारणा को बच्चे के विकास के विभिन्न चरणों में बार-बार, लेकिन अधिक परिष्कृत, अमूर्त और व्यापक स्तर पर पुनरावृत्ति के साथ प्रस्तुत किया जाता है, ताकि बालक अपने पूर्व अनुभवों के आधार पर ज्ञान की परतों को लगातार विकसित और गहरा कर सके—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के दीर्घकालिक संधारण, स्कीमा के पुनर्गठन और श्रेणीबद्ध बौद्धिक विकास के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, डेविड औसुबेल (David Ausubel) के 'अर्थपूर्ण मौखिक अधिगम सिद्धांत' (Meaningful Verbal Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'अग्रगामी संग्राही या एडवांस ऑर्गेनाइज़र' (Advance Organizer)**—जिसे उस प्रारंभिक शैक्षणिक सामग्री या परिचयात्मक रूपरेखा के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसे शिक्षक किसी नए, जटिल और विस्तृत विषय-वस्तु को पढ़ाने से ठीक पहले विद्यार्थियों के सामने उच्च स्तर की व्यापकता, सामान्यता और समावेशिता के साथ प्रस्तुत करता है, ताकि यह नया ढांचा शिक्षार्थी के संज्ञानात्मक ढांचे में पहले से मौजूद प्रासंगिक विचारों (Inclusive Concepts) के साथ जुड़कर एक सेतु का काम कर सके—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के नए ज्ञान के सार्थक अंतःक्षेपण (Assimilation), स्कीमा के सुदृढ़ीकरण और संज्ञानात्मक संरचना के विकास के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, रॉबर्ट गैग्ने (Robert Gagné) के 'अधिगम के अनुक्रमिक सिद्धांत' (Conditions of Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'संप्रत्यय अधिगम' (Concept Learning)**—जिसे उस जटिल मानसिक प्रक्रिया के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत शिक्षार्थी विभिन्न वस्तुओं, घटनाओं या उद्दीपकों के बीच उनकी सामान्य विशेषताओं (Common Characteristics) या अमूर्त श्रेणियों को पहचानकर उनके वर्ग या श्रेणी के आधार पर प्रतिक्रिया करना सीखता है (अर्थात विशिष्ट उदाहरणों से ऊपर उठकर एक सामान्य नियम या वर्ग को समझना)—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के श्रेणीकरण (Categorization), अमूर्त चिंतन और उच्च-स्तरीय संज्ञानात्मक विकास के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, चार्ल्स स्पीयरमैन (Charles Spearman) के 'बुद्धि के द्विकारक सिद्धांत' (Two-Factor Theory of Intelligence) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'सामान्य बुद्धि या जी-कारक' (General Intelligence / g-factor)**—जिसे उस सार्वभौमिक और अंतर्जात मानसिक ऊर्जा के रूप में परिभाषित किया जाता है जो व्यक्ति के सभी प्रकार के बौद्धिक कार्यों, तार्किक विश्लेषण, समस्या-समाधान और संज्ञानात्मक गतिविधियों में अनिवार्य रूप से समान रूप से उपस्थित रहती है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के शैक्षणिक निष्पादन, बौद्धिक क्षमता के सामान्यीकरण और संज्ञानात्मक लचीलेपन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के 'सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत' (Socio-Cultural Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD)**—जिसे उस वास्तविक विकासात्मक स्तर (जो स्वतंत्र समस्या-समाधान द्वारा निर्धारित होता है) और संभावित विकासात्मक स्तर (जो वयस्क मार्गदर्शन या अधिक सक्षम साथियों के सहयोग से समस्या-समाधान द्वारा निर्धारित होता है) के बीच की दूरी के रूप में परिभाषित किया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के मचान (Scaffolding), सामाजिक मध्यस्थता और संज्ञानात्मक विस्तार के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'प्राकृतिक बुद्धि या नेचुरलिस्ट इंटेलिजेंस' (Naturalist Intelligence)**—जिसे उस विशिष्ट बौद्धिक क्षमता के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत व्यक्ति प्रकृति के विभिन्न रूपों, वनस्पतियों, जीवों, पारिस्थितिकी तंत्र और पर्यावरण के सूक्ष्म अंतरों को पहचानने, वर्गीकृत करने और उनके साथ सफलतापूर्वक संवाद स्थापित करने की उच्च क्षमता प्रदर्शित करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के अनुभवात्मक अवलोकन, पर्यावरण-संवेदनशील अधिगम और क्षेत्र-आधारित अन्वेषण के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, अल्बर्ट बंडूरा (Albert Bandura) के 'सामाजिक अधिगम सिद्धांत' (Social Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'स्वयं की प्रभावकारिता या सेल्फ-इफिकेसी' (Self-Efficacy)**—जिसे उस व्यक्ति की अपनी क्षमताओं में उस आंतरिक विश्वास या धारणा के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके माध्यम से वह किसी विशिष्ट परिस्थिति या चुनौतीपूर्ण कार्य को सफलतापूर्वक निष्पादित करने, अपने व्यवहार को विनियमित करने और अपेक्षित परिणामों को प्राप्त करने के लिए आवश्यक क्रियाओं की योजना बना सकता है और उन्हें क्रियान्वित कर सकता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के लक्ष्य निर्धारण, शैक्षणिक दृढ़ता और आंतरिक अभिप्रेरणा के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, इवान पावलव (Ivan Pavlov) के 'शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत' (Classical Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'विलोपन और स्वतः पुनरावृत्ति' (Extinction and Spontaneous Recovery)**—जिसे उस मनोवैज्ञानिक प्रक्रिया के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत जब किसी अनुबंधित उद्दीपक (Conditioned Stimulus) को बार-बार बिना अस्वाभाविक या अननुबंधित उद्दीपक (Unconditioned Stimulus) के प्रस्तुत किया जाता है, तो अनुबंधित अनुक्रिया धीरे-धीरे क्षीण होकर समाप्त हो जाती है (विलोपन), किंतु कुछ समय के अंतराल के बाद बिना किसी नए प्रशिक्षण के वह अनुक्रिया अचानक पुनः प्रकट हो जाती है (स्वतः पुनरावृत्ति)—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के अवांछित व्यवहार के संशोधन, आदत निर्माण और स्मृति संधारण के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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