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UPTET
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उत्तर प्रदेश के लोकायुक्त अधिनियम (Uttar Pradesh Lokayukta Act) के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
उत्तर प्रदेश में लोकायुक्त और उप-लोकायुक्त अधिनियम, 1975 में बनाया गया था। मूल अधिनियम में लोकायुक्त का कार्यकाल 6 वर्ष था। वर्ष 2012 के संशोधन द्वारा इसे बढ़ाकर 8 वर्ष किया गया, और उत्तर प्रदेश लोकायुक्त तथा उप-लोकायुक्त (संशोधन) अधिनियम, 2018 के माध्यम से लोकायुक्त के कार्यकाल को पुनः 8 वर्ष ही स्पष्ट रूप से निर्धारित रखा गया। अतः विकल्प (c) सही कथन है, जबकि अन्य विकल्प तथ्यात्मक रूप से अशुद्ध हैं।
Related Questions
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उत्तर प्रदेश की प्रमुख झीलों और उनके संबंधित जनपदों के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. बखीरा झील - संत कबीर नगर
2. फुलहर झील - पीलीभीत
3. कीठम झील (सूर सरोवर) - आगरा
4. दरधा झील - हरदोई
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं?
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बच्चों के सामाजिक-नैतिक विकास और नैतिक तार्किकता के संदर्भ में, लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) के सिद्धांत की विभिन्न अवस्थाओं तथा कैरोल गिलगन (Carol Gilligan) द्वारा उस पर की गई आलोचना के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के 'उत्तर-रूढ़िगत स्तर' (Post-conventional Level) के अंतर्गत आने वाले सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार (Social contract and individual rights) चरण में व्यक्ति यह मानता है कि नियम और कानून समाज के कल्याण के लिए लचीले सामाजिक समझौते होने चाहिए, न कि अनम्य आदेश।
2. कैरोल गिलगन ने कोहलबर्ग के सिद्धांत की इस आधार पर तीखी आलोचना की कि कोहलबर्ग के शोध का नमूना मुख्य रूप से पुरुषों और लड़कों पर आधारित था, जिसके कारण उनके सिद्धांत में न्याय और अधिकारों के नैतिकता को प्राथमिकता दी गई, जबकि महिलाओं में पाई जाने वाली 'देखभाल और जिम्मेदारी की नैतिकता' (Ethics of care and responsibility) की उपेक्षा की गई।
3. कोहलबर्ग के पारंपरिक स्तर (Conventional Level) के 'अच्छा लड़का-अच्छी लड़की अभिविन्यास' (Good boy-good girl orientation) में बच्चा किसी कार्य का नैतिक मूल्य उस कार्य के परिणाम स्वरूप मिलने वाले शारीरिक दंड या पुरस्कार के आधार पर तय करता है, न कि सामाजिक अनुमोदन या दूसरों की अपेक्षाओं के आधार पर।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम अक्षमता और डिसकैल्कुलिया (Dyscalculia - गणितीय वैकल्य)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों के संदर्भ में, स्टैनिस्लास डीहेन (Stanislas Dehaene) द्वारा प्रतिपादित 'ट्रिपल-कोड मॉडल' (Triple-Code Model: विजुअल अरेबिक नंबर फॉर्म, ऑडिटरी वर्बल वर्ड फॉर्म, और एनालॉग मैग्नीट्यूड रिप्रेजेंटेशन) के अंतर्गत मस्तिष्क के 'इंट्रापैरिएटल सर्कस' (Intraparietal Sulcus - IPS), 'फूसीफॉर्म ग्यारस' (Fusiform Gyrus) और 'पेरीसिलvian क्षेत्रों' के बीच संख्यात्मक परिमाण प्रसंस्करण, स्थानिक-संख्यात्मक प्रतिनिधित्व (Spatial-Numerical Association) और अंकगणितीय डिकोडिंग की सक्रियण विसंगति, तथा ब्रायन बटरवर्थ (Brian Butterworth) द्वारा प्रतिपादित 'कोर नंबर सेंस डेफिसिट हाइपोथेसिस' (Core Number Sense Hypothesis) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, मल्टीसेंसरी न्यूमेरेसी और संरचनात्मक गणितीय शिक्षाशास्त्र (Structured Numeracy Pedagogy) और विद्यार्थियों में मात्रात्मक बोध, संख्यात्मक प्रवाह व समग्र गणितीय दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'सृजनात्मकता' (Creativity) के संदर्भ में, मनोवैज्ञानिक जे.पी. गिलफोर्ड (J.P. Guilford) द्वारा प्रतिपादित 'बुद्धि की संरचना' (Structure of Intellect - SOI) मॉडल और सृजनात्मक चिंतन के विश्लेषण के अंतर्गत, 'अपसारी चिंतन' (Divergent Thinking) की प्रक्रिया में निम्नलिखित में से किस मुख्य बौद्धिक आयाम या योग्यता को सबसे अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है?
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उत्तर प्रदेश की मृदाओं और उनके क्षेत्रीय वितरण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश के दक्षिणी बुंदेलखंड क्षेत्र में पाई जाने वाली 'मार' (Mar) और 'भाट' (Bhat) मृदाओं में से 'मार' मृदा एक चिकनी, काले रंग की अत्यंत उपजाऊ मिट्टी है, जो नमी सोखने पर अत्यधिक चिपचिपी हो जाती है और सूखने पर इसमें गहरी दरारें पड़ जाती हैं।
2. उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल और तराई क्षेत्रों में पाई जाने वाली 'भाट' मृदा मूल रूप से चूनरयुक्त और हल्की दोमट मृदा है, जो गन्ने और धान की कृषि के लिए बहुत उपयुक्त मानी जाती है।
3. उत्तर प्रदेश के गंगा-यमुना दोआब क्षेत्र में पाई जाने वाली प्राचीन जलोढ़ मृदा को 'बांगर' (Bangar) कहा जाता है, जिसमें कैल्सियम कार्बोनेट की ग्रंथियाँ (कंकड़) पाई जाती हैं और यह खादर मृदा की तुलना में कम उपजाऊ होती है क्योंकि यहाँ प्रतिवर्ष बाढ़ का नया जल नहीं पहुँच पाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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