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हिंदी भाषा शिक्षण और व्याकरण के अंतर्गत, जब वाक्य में एक प्रधान उपवाक्य हो और अन्य आश्रित उपवाक्य उसके साथ समुच्चयबोधक अव्यय (जैसे- जो, कि, क्योंकि, यदि...तो आदि) द्वारा जुड़े हों, तो ऐसे वाक्य को संरचना के आधार पर किस श्रेणी में रखा जाता है?
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Detailed Explanation
संरचना या अर्थ के आधार पर वाक्य के तीन प्रमुख भेद होते हैं - सरल वाक्य, संयुक्त वाक्य और मिश्र वाक्य। जिस वाक्य में एक मुख्य या प्रधान उपवाक्य हो और उसके साथ एक या एक से अधिक आश्रित उपवाक्य व्यधिकरण समुच्चयबोधक (जो, कि, क्योंकि, जितना, उतना, यदि, तो आदि) से जुड़े होते हैं, उसे 'मिश्र वाक्य' (Complex Sentence) कहते हैं। इसके विपरीत, संयुक्त वाक्य में दो या दो से अधिक स्वतंत्र या समान स्तर के उपवाक्य समानाधिकरण समुच्चयबोधक (और, एवं, तथा, या, किंतु, परंतु आदि) से जुड़े होते हैं।
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सामाजिक अध्ययन (Social Studies) शिक्षण के अंतर्गत भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के 'सविनय अवज्ञा आंदोलन' (Civil Disobedience Movement) और 'गांधी-इरविन समझौते' (Gandhi-Irwin Pact) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. सविनय अवज्ञा आंदोलन की शुरुआत महात्मा गांधी द्वारा 12 मार्च 1930 को साबरमती आश्रम से प्रसिद्ध 'दांडी मार्च' (Salt March) के साथ की गई थी, जिसके तहत 6 अप्रैल 1930 को दांडी में नमक कानून तोड़कर इस आंदोलन का देशव्यापी विस्तार किया गया था।
2. 5 मार्च 1931 को हस्ताक्षरित 'गांधी-इरविन समझौते' के तहत ब्रिटिश सरकार ने सविनय अवज्ञा आंदोलन के दौरान गिरफ्तार किए गए सभी राजनीतिक बंदियों (हिंसक अपराधों में लिप्त व्यक्तियों को छोड़कर) को रिहा करने और समुद्र तट के किनारे बसे लोगों को बिना कर के अपने घरेलू उपयोग के लिए नमक बनाने की अनुमति देने पर सहमति व्यक्त की थी।
3. कांग्रेस की ओर से महात्मा गांधी ने इस समझौते के बाद कांग्रेस के कराची अधिवेशन (1931) की अध्यक्षता की थी और प्रथम गोलमेज सम्मेलन में भाग लेने के लिए लंदन गए थे, जहाँ उन्होंने सांप्रदायिक पंचाट (Communal Award) के मुद्दे पर दलितों के लिए पृथक निर्वाचन मंडल की मांग का पूर्ण समर्थन किया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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सामाजिक अध्ययन शिक्षण के अंतर्गत भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के 'असहयोग आंदोलन' (Non-Cooperation Movement) के स्थगन और उसके प्रभावों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. फरवरी 1922 में चौरी-चौरा (गोरखपुर, उत्तर प्रदेश) की हिंसक घटना के कारण महात्मा गांधी ने असहयोग आंदोलन को अचानक वापस ले लिया था। 2. आंदोलन के स्थगन से क्षुब्ध होकर चित्तरंजन दास और मोतीलाल नेहरू ने कांग्रेस के भीतर ही रहकर विधानमंडलों में प्रवेश करने के उद्देश्य से वर्ष 1923 में 'स्वराज पार्टी' (Swaraj Party) की स्थापना की थी। 3. इस आंदोलन के दौरान उत्तर प्रदेश (संयुक्त प्रांत) में किसानों का 'एका आंदोलन' (Eka Movement) मुख्य रूप से हरदोई, बहराइच और सीतापुर जिलों में लगान की अधिकता और बेगार के खिलाफ चलाया गया एक प्रमुख किसान आंदोलन था। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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