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Indian Polity
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लोक लेखा समिति में कितने सदस्य होते हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
लोक लेखा समिति में 22 सदस्य होते हैं।
Related Questions
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भारत के निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) और चुनाव सुधारों से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 324 के अंतर्गत निर्वाचन आयोग एक अखिल भारतीय निकाय है जो संसद, राज्य विधानमंडलों, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के पदों के निर्वाचनों के अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण का संचालन करता है, किंतु मूल संविधान में निर्वाचन आयोग को एक बहु-सदस्यीय (Multi-member) निकाय के रूप में स्थापित किया गया था जिसे बाद में 1989 में एक-सदस्यीय बनाया गया।
2. जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 126 के तहत चुनाव प्रचार पर रोक (Silence Period) के प्रावधान के अंतर्गत मतदान समाप्त होने के लिए निर्धारित समय से ठीक पहले के 48 घंटों की अवधि के दौरान किसी भी सार्वजनिक सभा, जुलूस, या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से चुनाव प्रचार करने पर पूर्ण प्रतिबंध होता है।
3. निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य निर्वाचन आयुक्तों को हटाने की प्रक्रिया और उनके वेतन-भत्ते सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के पूर्णतः समान होते हैं, तथा मुख्य निर्वाचन आयुक्त को उसके पद से हटाने के लिए संसद के दोनों सदनों द्वारा विशेष बहुमत और राष्ट्रपति की संस्वीकृति अनिवार्य होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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संयुक्त अधिवेशन किस अनुच्छेद में है?
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भारतीय संविधान के अंतर्गत केंद्र-राज्य विधाई, प्रशासनिक संबंधों तथा अंतर-राज्यीय परिषद् (Inter-State Council) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 263 के अंतर्गत राष्ट्रपति को लोक हित में अंतर-राज्यीय परिषद् की स्थापना करने की शक्ति प्राप्त है, और इस परिषद् का मुख्य कार्य राज्यों के बीच उत्पन्न विवादों की जाँच करना, ऐसे विषयों पर विचार-विमर्श करना जिनमें राज्यों के साझा हित हों, तथा बेहतर समन्वय के लिए संस्तुतियाँ देना है, किंतु इस परिषद् द्वारा दिए गए निर्णय और संस्तुतियाँ संबंधित राज्य सरकारों पर कानूनी रूप से बाध्यकारी (Legally Binding) होती हैं।
2. सरकारिया आयोग (1983-88) की संस्तुतियों के आधार पर वर्ष 1990 में राष्ट्रपति के आदेश द्वारा स्थायी अंतर-राज्यीय परिषद् का गठन किया गया था, जिसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री करते हैं, और इसके सदस्यों में सभी राज्यों के मुख्यमंत्री, संघ राज्य क्षेत्रों (जहाँ विधानसभाएँ हैं) के मुख्यमंत्री, तथा प्रधानमंत्री द्वारा मनोनीत केंद्रीय मंत्रिपरिषद के कैबिनेट स्तर के छह मंत्री शामिल होते हैं।
3. संविधान के अनुच्छेद 258 के अंतर्गत राष्ट्रपति, किसी राज्य की सरकार की सहमति से उस सरकार को या उसके अधिकारियों को ऐसे कृत्यों को सौंप सकता है जो संघ की कार्यकारी शक्ति के अंतर्गत आते हैं, और इसके विपरीत अनुच्छेद 258A के अनुसार किसी राज्य का राज्यपाल, भारत सरकार की सहमति से उस केंद्र सरकार को अपने राज्य की कार्यकारी शक्ति के अधीन आने वाले कार्य सौंप सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय संविधान के अंतर्गत राजभाषा के प्रावधानों, अनुसूचियों और राजनीतिक दलों की कार्यप्रणाली के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के भाग XVII के अनुच्छेद 348 के अनुसार उच्चतम न्यायालय और प्रत्येक उच्च न्यायालय में सभी कार्रवाइयाँ अंग्रेजी भाषा में होंगी, जब तक कि संसद विधि द्वारा अन्य प्रावधान न करे, और किसी राज्य का राज्यपाल, राष्ट्रपति की पूर्व सहमति से, राज्य के उच्च न्यायालय की कार्रवाइयों में हिंदी भाषा या राज्य के शासकीय प्रयोजनों के लिए प्रयुक्त किसी अन्य भाषा के प्रयोग को प्राधिकृत कर सकता है।
2. संविधान की आठवीं अनुसूची में मूल रूप से 14 भाषाएँ थीं, जिन्हें बाद में विभिन्न संशोधनों के माध्यम से जोड़ा गया; जैसे कि सिंधी भाषा को 21वें संविधान संशोधन द्वारा, कोंकणी, मणिपुरी और नेपाली को 71वें संशोधन द्वारा, तथा बोडो, डोगरी, मैथिली और संथाली को 92वें संविधान संशोधन द्वारा शामिल किया गया, जिससे वर्तमान में इस अनुसूची में कुल 22 भाषाएँ हैं।
3. जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29A के तहत निर्वाचन आयोग द्वारा राजनीतिक दलों का पंजीकरण किया जाता है, किंतु निर्वाचन आयोग के पास किसी राजनीतिक दल को दिए गए पंजीकरण या उसकी मान्यता को वापस लेने या रद्द करने की कोई संविधित (statutory) शक्ति प्राप्त नहीं है, और इसके लिए केवल सिविल न्यायालय में वाद दायर किया जा सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारत में चुनावी वित्तपोषण (Electoral Funding) और राजनीतिक दलों के नियमन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के प्रावधानों के अनुसार, कोई भी राजनीतिक दल किसी व्यक्ति या किसी कंपनी से 20,000 रुपये से अधिक का नकद चंदा प्राप्त नहीं कर सकता है, और यदि कोई दल इस सीमा से अधिक का योगदान प्राप्त करता है, तो उसे आयकर अधिनियम के तहत कर छूट (Tax Exemption) का लाभ नहीं मिलेगा।
2. चुनावी बॉण्ड योजना (Electoral Bonds Scheme), जिसे वर्ष 2018 में अधिसूचित किया गया था, के अंतर्गत कोई भी भारतीय नागरिक या भारत में निगमित संस्था स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की चुनिंदा शाखाओं से बॉण्ड खरीदकर राजनीतिक दलों को चंदा दे सकती थी, तथा इस योजना की यह विशेषता थी कि इसमें दाता (Donor) की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती थी और राजनीतिक दलों को चंदा देने वाले का नाम चुनाव आयोग को बताना अनिवार्य नहीं था।
3. सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अपने ऐतिहासिक निर्णय (एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स बनाम भारत संघ वाद, 2024) में चुनावी बॉण्ड योजना को असंवैधानिक घोषित करते हुए यह स्पष्ट किया गया कि यह योजना सूचना के अधिकार (आरटीआई) और संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) के तहत प्रदत्त वाक् एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार का उल्लंघन करती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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