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उत्तर प्रदेश की ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक विरासतों के संदर्भ में, राज्य के किस जनपद में 'अछत्र' (Ahichchhatra) नामक प्राचीन ऐतिहासिक स्थल स्थित है, जो प्राचीन काल में किस महाजनपद की राजधानी हुआ करता था?
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Detailed Explanation
अछत्र (आधुनिक रामनगर, बरेली जिला) प्राचीन काल में उत्तर पंचाल महाजनपद की राजधानी थी। इस पुरातात्विक स्थल की खुदाई से चित्रित धूसर मृदभांड (PGW) संस्कृति और गुप्त काल से संबंधित महत्वपूर्ण अवशेष प्राप्त हुए हैं। कौशाम्बी वत्स महाजनपद की, वाराणसी काशी की और कुशीनगर/पावा मल्ल महाजनपद की राजधानी थे।
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उत्तर प्रदेश के भौतिक विभाजनों, भूगर्भिक संरचना और प्रमुख भौगोलिक विशेषताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश का भू-भाग मुख्य रूप से प्राचीन गोंडवाना लैंड का एक हिस्सा है, जिसका दक्षिणी पठारी भाग प्रायद्वीपीय भारत के उत्तर-पूर्वी विस्तार (विंध्यन क्रम की चट्टानें) के अंतर्गत आता है।
2. राज्य के उत्तर में स्थित 'भाबर' क्षेत्र शिवालिक पहाड़ियों के ठीक नीचे कंकड़-पत्थर और मोटे बालू से निर्मित एक संकीर्ण पट्टी है, जहाँ नियाँ विलुप्त (अदृदृश्य) होकर प्रवाहित होती हैं।
3. 'तराई' क्षेत्र भाबर के ठीक दक्षिण में स्थित एक नम, दलदली और घने जंगलों वाला क्षेत्र है, जहाँ भूमि के नीचे विलुप्त हुई नदियाँ पुनः धरातल पर प्रकट होती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम की रणनीतियाँ और मेटाकॉग्निशन' (Metacognition and Learning Strategies) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जॉन फ्लैवेल (John Flavell) द्वारा प्रतिपादित 'मेटाकॉग्निशन' (Metacognitive Knowledge and Regulation) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डॉर्सोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Dorsolateral Prefrontal Cortex - dlPFC), 'ेंटेरियर सिंगुलेट कॉर्टेक्स' (Anterior Cingulate Cortex - ACC) और 'पैरिएटल लोब' के बीच स्व-निगरानी (Self-Monitoring), त्रुटि संसूचन और कार्यकारी नियंत्रण की सक्रियण गतिकी, तथा एन ब्राउन (Ann Brown) द्वारा प्रतिपादित 'स्व-नियमित अधिगम' (Self-Regulated Learning - SRL) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, मेटाकॉग्निटिव और चिंतनशील शिक्षाशास्त्र (Reflective Pedagogy) और विद्यार्थियों में स्व-मूल्यांकन क्षमता, संज्ञानात्मक लचीलेपन व उच्च-क्रम की समस्या-समाधान दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'पर्यावरण अध्ययन' (EVS) के अंतर्गत जैव विविधता संरक्षण के न्यूरो-संज्ञानात्मक और पारिस्थितिक संदर्भ में, 'हॉटस्पॉट' (Biodiversity Hotspots - नॉर्मन मेयर्स द्वारा प्रतिपादित अवधारणा) की पहचान के लिए आवश्यक मानदंडों (जैसे न्यूनतम 1.5 व्यापक स्थानिक पैमाने पर स्थानिक प्रजातियों की उच्च स्थानिक बहुलता (Endemism) और कम से कम 70% प्राथमिक आवास का क्षरण) तथा मस्तिष्क के 'डorsolateral Prefrontal Cortex' (DLPFC - पारिस्थितिकीय नीति-निर्माण और दीर्घकालिक योजना), 'Ventral Striatum' (पर्यावरणीय संसाधनों के संरक्षण और जैव-सस्टेनेबिलिटी के प्रति रिवार्ड प्रोसेसिंग), तथा 'Posterior Cingulate Cortex' (PCC - प्रकृति के साथ आत्म-पहचान और पारिस्थितिकीय समरूपता का बोध) के बीच सहयोगात्मक न्यूरोनल सिंक्रनाइजेशन तथा इको-कॉग्निटिव पेडागोजी के अंतर्संबंधों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश की मृदा संरचना, कृषि-जलवायु क्षेत्रों तथा प्रमुख फसलों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में पाई जाने वाली 'मार' (Mar) और 'काबर' (Kabar) मृदाएं चिकनी और अत्यधिक उपजाऊ होती हैं, जिनमें नमी धारण करने की विशेष क्षमता होती है, जो चना और मटर जैसी रबी फसलों के लिए अत्यंत अनुकूल मानी जाती हैं।
2. उत्तर प्रदेश में कृषि विभाग द्वारा राज्य को कुल 20 कृषि-जलवायु क्षेत्रों (Agro-climatic Zones) में विभाजित किया गया है, जो यहाँ की वर्षा, तापमान और मिट्टी की विविधता को स्पष्ट करते हैं।
3. उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्र में पाई जाने वाली मिट्टी मुख्य रूप से उपजाऊ कछारी और नम प्रकार की होती है, जहाँ धान और गन्ने की बंपर पैदावार होती है, लेकिन यह क्षेत्र बाजरे की खेती के लिए राज्य में सबसे प्रसिद्ध माना जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं भू-गर्भीय इतिहास के संदर्भ में, 'रुहेलखंड मैदान' की विशेषताओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. रुहेलखंड का मैदान मुख्य रूप से गंगा और उसकी सहायक नदियों (जैसे- रामगंगा, गार और शर्धा) द्वारा लाए गए जलोढ़ निक्षेपों से निर्मित है, जो उत्तर में तराई क्षेत्र और दक्षिण में गंगा-यमुना दोआब के बीच स्थित है।
2. इस मैदानी क्षेत्र की मिट्टी मुख्य रूप से उपजाऊ जलोढ़ (खादर और भाँगर) प्रकार की है, लेकिन इसके पश्चिमी और उत्तर-पश्चिमी भागों (विशेषकर बिजनौर और मुरादाबाद के पास) में कुछ स्थानों पर 'रूर' या खारी एवं रेह (Reh) मिट्टी की समस्या पाई जाती है, जो अत्यधिक सिंचाई और जलभराव के कारण उत्पन्न होती है।
3. रुहेलखंड मैदान की जलवायु पूर्णतः शुष्क और मरुस्थलीय प्रकार की है, जहाँ वार्षिक वर्षा 50 सेंटीमीटर से भी कम होती है और यह क्षेत्र केवल बाजरा तथा ज्वार की खेती के लिए जाना जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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