BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

Indian Polity
17 views

किस संशोधन से मतदाता की आयु 21 से 18 की गई?

Detailed Explanation

61वें संशोधन द्वारा आयु 18 की गई।
Share:

Related Questions

संविधान का कौन सा भाग 'नागरिकता' (Citizenship) से संबंधित है? भारत के महान्यायवादी (Attorney General) और नियंत्रक-महालेखापरीक्षक (CAG) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. महान्यायवादी को भारत के सभी न्यायालयों में सुनवाई का अधिकार प्राप्त है तथा वह संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही में बोल सकता है और भाग ले सकता है, किंतु उसे संसद के संयुक्त अधिवेशन में मत देने का संवैधानिक अधिकार प्राप्त है। 2. नियंत्रक-महालेखापरीक्षक (CAG) को राष्ट्रपति द्वारा उसके पद से उसी रीति से और उन्हीं आधारों पर हटाया जा सकता है जिस रीति से उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश को हटाया जाता है, जबकि महान्यायवादी राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत पद धारण करता है। 3. सीएजी (CAG) अपनी रिपोर्ट सीधे संसद में प्रस्तुत नहीं करता है, बल्कि वह अपनी लेखा-परीक्षा रिपोर्ट राष्ट्रपति को सौंपता है, जिसे राष्ट्रपति द्वारा संसद के दोनों सदनों के पटल पर रखवाया जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के शासनकाल के दौरान भारत में संवैधानिक विकास और केंद्रीयकरण की प्रक्रिया के संदर्भ में 'चार्टर अधिनियम, 1853' (Charter Act of 1853) की मुख्य विशेषताओं पर विचार कीजिए: 1. इस अधिनियम द्वारा पहली बार गवर्नर-जनरल की परिषद के विधाई और प्रशासनिक कार्यों को अलग किया गया, जिसके तहत परिषद में छह नए पार्षद जोड़े गए जिन्हें 'विधान पार्षद' (Legislative Councillors) कहा गया, और इस प्रकार एक छोटी 'केंद्रीय विधान परिषद' की स्थापना की गई जो संसद की तर्ज पर कार्य करती थी। 2. इस अधिनियम ने सिविल सेवकों की भर्ती एवं चयन के लिए खुली प्रतियोगिता प्रणाली का शुभारंभ किया और मैकाले समिति (1854) की नियुक्ति इसी उद्देश्य से की गई, जिसके परिणामस्वरूप यह परीक्षा भारतीयों के लिए भी सुलभ हो गई। 3. इस अधिनियम के द्वारा कंपनी के भारतीय क्षेत्रों को ब्रिटिश राजशाही के विश्वास (Trust) के तहत दोबारा अगले अनिश्चित काल के लिए सौंप दिया गया, जिससे स्पष्ट हुआ कि कंपनी का शासन जब तक संसद चाहेगी, तब तक और अधिक वर्षों के लिए जारी रह सकता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? भारतीय संविधान के अंतर्गत राज्यों के उच्च न्यायालयों की अधिकारिता, अवमानना की शक्ति तथा अधीनस्थ न्यायपालिका के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 215 के अनुसार प्रत्येक उच्च न्यायालय एक 'अभिलेख न्यायालय' (Court of Record) है और उसे अपनी अवमानना के लिए दंड देने की शक्ति प्राप्त है, जिसमें उच्च न्यायालय के अधीनस्थ न्यायालयों की अवमानना से संबंधित मामलों में दंडित करने की अनन्य शक्ति भी सम्मिलित है। 2. संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत उच्च न्यायालय को मूल अधिकारों के प्रवर्तन के लिए ही नहीं, बल्कि किसी अन्य विधिक अधिकार के प्रवर्तन के लिए भी रिट (Writs) जारी करने की शक्ति प्राप्त है, और उच्च न्यायालय की यह रिट अधिकारिता क्षेत्र (Territorial Jurisdiction) केवल उस राज्य के प्रादेशिक सीमा तक ही सीमित है जिसके अंतर्गत वह उच्च न्यायालय स्थापित है, भले ही वह कारण (Cause of Action) उस राज्य की सीमा से बाहर उत्पन्न हुआ हो। 3. जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति, पोस्टिंग और पदोन्नति से संबंधित संवैधानिक प्रावधान अनुच्छेद 233 के अंतर्गत आते हैं, जिसके अनुसार किसी राज्य में जिला न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति के लिए किसी व्यक्ति की संस्तुति संबंधित राज्य के उच्च न्यायालय द्वारा की जानी अनिवार्य है, और ऐसा व्यक्ति कम से कम सात वर्ष तक अधिवक्ता या प्लीडर रहा हो तथा संघ या राज्य की सेवा में पहले से अधिकारी न हो। 4. संविधान के अनुच्छेद 235 के अनुसार राज्यों के अधीनस्थ न्यायालयों (Subordinate Courts) पर नियंत्रण, जिसमें जिला न्यायालयों और उनके अधीनस्थ न्यायालयों के अधिकारियों की पोस्टिंग, प्रमोशन और छुट्टी का अनुदान शामिल है, संबंधित राज्य के उच्च न्यायालय में निहित होता है, जो न्यायपालिका की स्वतंत्रता के सिद्धांत को सुनिश्चित करता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? संविधान का कौन सा अनुच्छेद 'विशिष्ट दर्जा' प्राप्त राज्यों के प्रावधानों से संबंधित है?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.