BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

Indian Polity
19 views

किस संशोधन से मतदाता की आयु 21 से 18 की गई?

Detailed Explanation

61वें संशोधन द्वारा आयु 18 की गई।
Share:

Related Questions

भारतीय निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) और चुनाव सुधारों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 324 के अंतर्गत निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य आयुक्तों की नियुक्ति संसद द्वारा बनाई गई विधि के अधीन राष्ट्रपति द्वारा की जाती है, और संविधान में निर्वाचन आयोग के सदस्यों की अहर्ताओं या योग्यताओं का उल्लेख स्पष्ट रूप से किया गया है। 2. 'मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य निर्वाचन आयुक्त (नियुक्ति, सेवा की शर्तें और कार्यालय की अवधि) अधिनियम, 2023' के प्रावधानों के अनुसार, चयन समिति में प्रधानमंत्री, लोकसभा में विपक्ष के नेता (या सबसे बड़े विपक्षी दल के नेता) और प्रधानमंत्री द्वारा नामित एक केंद्रीय कैबिनेट मंत्री शामिल होते हैं। 3. निर्वाचन आयोग को यह संवैधानिक और विधिक अधिकार प्राप्त है कि वह चुनाव के दौरान राजनीतिक दलों द्वारा अपने घोषणापत्रों (Manifesto) में किए जाने वाले वादों की वित्तीय और आर्थिक व्यवहार्यता की अनिवार्य रूप से पूर्व-जांच कर सके तथा अव्यवहारिक वादों को आचार संहिता के उल्लंघन के रूप में प्रतिबंधित कर सके। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? राज्य की कार्यपालिका के संदर्भ में राज्यपाल की अध्यादेश प्रख्यापित करने की शक्ति (अनुच्छेद 213) और मुख्यमंत्री तथा मंत्रिपरिषद के संबंधों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 213 के अनुसार राज्यपाल द्वारा प्रख्यापित अध्यादेश की वही शक्ति और प्रभाव होता है जो राज्य के विधानमंडल के अधिनियम का होता है, किंतु राज्यपाल अपनी इस अध्यादेश निर्माण की शक्ति का प्रयोग उस स्थिति में भी कर सकता है जब राज्य विधानसभा या विधानपरिषद (जहाँ द्विसदनीय व्यवस्था है) में से केवल कोई एक सदन सत्र में न हो। 2. राज्यपाल द्वारा प्रख्यापित अध्यादेश के लिए राज्य विधानमंडल की पुनर्सवेतन बैठक होने के ठीक छह सप्ताह बाद स्वतः निष्प्रभावी होने का प्रावधान है, अथवा यदि इस अवधि से पूर्व राज्य विधानसभा द्वारा उसे अस्वीकार करने वाला संकल्प पारित कर दिया जाता है और विधानपरिषद द्वारा उससे सहमति व्यक्त कर दी जाती है, तो वह उससे पहले ही समाप्त हो जाता है। 3. संविधान के अनुच्छेद 167 के अंतर्गत मुख्यमंत्री का यह कर्तव्य है कि वह राज्य के प्रशासनिक मामलों और विधान के प्रस्तावों से संबंधित मंत्रिपरिषद के सभी विनिश्चय राज्यपाल को संसूचित करे तथा राज्यपाल द्वारा माँगी गई समस्त जानकारी उपलब्ध कराए। अस्पृश्यता (Untouchability) का उन्मूलन किस अनुच्छेद द्वारा किया गया है? भारतीय संविधान के भाग-III (मूल अधिकार) के अंतर्गत प्रदत्त अधिकारों और उनकी विधिक एवं न्यायिक प्रकृति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 13 के अंतर्गत 'विधि' (Law) शब्द की व्यापक परिभाषा दी गई है, जिसके तहत संसद या राज्य विधानमंडलों द्वारा बनाए गए अधिनियमों के अतिरिक्त अध्यादेश, आदेश, उप-विधि, नियम, विनियम तथा रूढ़ि या प्रथा (Custom or Usage) को भी शामिल किया गया है, यदि वे मूल अधिकारों से असंगत हैं तो उनका शून्य होना तय है। 2. अनुच्छेद 33 संसद को यह शक्ति प्रदान करता है कि वह सशस्त्र बलों, अर्धसैनिक बलों, पुलिस बलों और खुफिया एजेंसियों के सदस्यों के मूल अधिकारों पर प्रतिबंध लगा सके या उन्हें समाप्त कर सके ताकि उनके द्वारा अपने कर्तव्यों का उचित निर्वहन और अनुशासन सुनिश्चित किया जा सके, तथा इस प्रकार का कानून बनाने की शक्ति केवल और केवल संसद के पास है, राज्य विधानमंडलों के पास नहीं। 3. अनुच्छेद 34 के तहत संसद को किसी भी क्षेत्र में मार्शल लॉ (Martial Law) लागू होने के दौरान वहां की गई किसी भी राजकीय कार्रवाई या दिए गए दंड को वैध बनाने के लिए 'क्षतिपूर्ति अधिनियम' (Indemnity Act) बनाने का अधिकार प्राप्त है, और यह शक्ति राज्य विधानमंडलों को भी सह-विस्तार रूप में प्राप्त होती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? राज्य विधानमंडल के अंतर्गत विधानसभा और विधान परिषद के गठन, उनकी सदस्यता, तथा विधायी और वित्तीय शक्तियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 171 के अनुसार विधान परिषद के सदस्यों की संरचना एक विशिष्ट प्रकार की होती है, जिसमें कुल सदस्यों का 1/3 भाग स्थानीय निकायों के निर्वाचक मंडल द्वारा, 1/12 भाग स्नातकों द्वारा, 1/12 भाग अध्यापकों द्वारा, 1/3 भाग विधानसभा के सदस्यों द्वारा और शेष 1/6 भाग राज्यपाल द्वारा साहित्य, विज्ञान, कला, सहकारिता आंदोलन और समाज सेवा के क्षेत्र में विशेष ज्ञान या व्यावहारिक अनुभव रखने वाले व्यक्तियों में से मनोनीत किए जाते हैं। 2. साधारण विधियों (Ordinary Bills) के पारित होने की प्रक्रिया में, यदि विधानसभा द्वारा पारित कोई विधेयक विधान परिषद द्वारा अस्वीकार कर दिया जाता है या विधान परिषद उसमें ऐसे संशोधन करती है जिन्हें विधानसभा स्वीकार नहीं करती है, तो विधानसभा उस विधेयक को दोबारा पारित करके विधान परिषद के पास भेज सकती है, और विधान परिषद उसे अधिकतम चार महीने (प्रथम बार में 3 महीने और दूसरी बार में 1 महीना) तक ही और रोक सकती है। 3. राज्य की विधान परिषद को धन विधेयकों (Money Bills) के संबंध में अत्यंत सीमित शक्तियां प्राप्त हैं; विधानसभा द्वारा पारित धन विधेयक जब विधान परिषद के पास भेजा जाता है, तो विधान परिषद को उसे बिना किसी संशोधन के अधिकतम 14 दिनों के भीतर अपनी सिफारिशों के साथ या बिना सिफारिशों के विधानसभा को वापस लौटाना अनिवार्य होता है, और यदि वह ऐसा नहीं करती है तो विधेयक दोनों सदनों द्वारा उस रूप में पारित मान लिया जाता है जिसे विधानसभा ने तय किया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.