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बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के संदर्भ में, जीन पियाजे (Jean Piaget) के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत की किस अवस्था में बालक 'संरक्षण' (Conservation), 'विकेंद्रीकरण' (Decentration) और 'क्रमबद्धता' (Seriation) जैसी मानसिक योग्यताओं का पूर्ण विकास प्रदर्शित करता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (लगभग 7 से 11 वर्ष की आयु) वह चरण है जिसमें बालक तार्किक रूप से सोचना शुरू कर देता है और 'संरक्षण' (यह समझना कि किसी वस्तु का रूप बदलने पर उसकी मात्रा या आयतन नहीं बदलता), 'विकेंद्रीकरण' (किसी स्थिति के एक से अधिक पहलुओं पर ध्यान केंद्रित करना) तथा 'क्रमबद्धता' जैसी योग्यताओं में पारंगत हो जाता है। अतः विकल्प 'c' सही है।
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम के स्थानांतरण और मानसिक अनुशासन के सिद्धांतों' के संदर्भ में, विलियम जेम्स और ई.एल. थॉर्नडाइक द्वारा प्रतिपादित 'समान तत्वों का सिद्धांत' (Theory of Identical Elements) के अंतर्गत पूर्व-अधिगम और नवीन अधिगम के बीच समान साक्ष्यों, विधियों और विषय-वस्तु के संचरण के वैज्ञानिक स्वरूप, तथा सी.डब्ल्यू. बागल (C.W. Bagley) द्वारा प्रतिपादित 'सामान्यीकरण और आदर्शों का सिद्धांत' (Theory of Ideals) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक बहु-विषयक कक्षा-कक्ष शिक्षण, संज्ञानात्मक हस्तांतरण और विद्यार्थियों में उच्च-स्तरीय जीवन मूल्यों के निर्माण में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं भू-गर्भीय इतिहास के संदर्भ में, 'बुंदेलखंड पठार' के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. यह क्षेत्र प्राचीनतम 'गोंडवानालैंड' का एक भाग है, जिसका निर्माण मुख्य रूप से प्री-कैम्बियन युग की नीस (Gneiss), ग्रेनाइट और विंध्यन क्रम की बलुआ पत्थरों एवं चूना पत्थर की चट्टानों से हुआ है।
2. इस पठारी क्षेत्र में मिलने वाली अधिकांश नदियाँ (जैसे- चंबल, बेतवा, केन और धसान) वर्षा पर आधारित होने के कारण मौसमी (Non-perennial) प्रकृति की हैं और इन्होंने यहाँ गहरी खड्डों (Ravines) एवं बीहड़ों का निर्माण किया है।
3. इस क्षेत्र की प्रमुख मृदा 'मार' और 'काबर' हैं, जो अत्यधिक उपजाऊ और जल सोखने की क्षमता वाली चिकनी मिट्टी हैं, जिसके कारण यहाँ सिंचाई की आवश्यकता न्यूनतम होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश के लोक नृत्यों और उनसे संबंधित सांस्कृतिक क्षेत्रों के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. पाई डंडा नृत्य - बुंदेलखंड क्षेत्र (यह नृत्य अहीरों द्वारा भगवान श्रीकृष्ण और गोवर्धन पर्वत की पूजा के अवसर पर लाठी-डंडों के साथ युद्ध कला के रूप में किया जाता है।)
2. छपेली नृत्य - पूर्वांचल क्षेत्र (यह एक धार्मिक और आध्यात्मिक नृत्य है जिसमें एक हाथ में रुमाल और दूसरे हाथ में दर्पण लेकर नृत्य किया जाता है।)
3. जोगनी नृत्य - अवध क्षेत्र (यह नृत्य मुख्य रूप से रामनवमी के पावन अवसर पर पुरुषों द्वारा महिलाओं का वेश धारण करके किया जाता है।)
4. राई नृत्य - बुंदेलखंड क्षेत्र (यह महिलाओं द्वारा मयूर के समान नृत्य मुद्रा में श्री कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर किया जाने वाला एक प्रसिद्ध नृत्य है।)
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम में भावनात्मक बुद्धिमत्ता (Emotional Intelligence in Learning)' के संदर्भ में, डेनियल गोलमैन (Daniel Goleman) द्वारा प्रतिपादित 'भावनात्मक बुद्धिमत्ता के पाँच घटकों'—'आत्म-जागरूकता' (Self-Awareness), 'आत्म-नियमन' (Self-Regulation), 'प्रेरणा' (Motivation), 'सहानुभूति' (Empathy), और 'सामाजिक कौशल' (Social Skills)—के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'अमिग्डाला' (Amygdala), 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex), और 'इंसुला' (Insula) के बीच भावनात्मक प्रतिक्रियाओं, आवेग नियंत्रण और सामाजिक-संज्ञानात्मक प्रसंस्करण की सक्रियण गतिकी, तथा जॉन मेयर (John Mayer) और पीटर सालोवे (Peter Salovey) के 'क्षमता मॉडल' (Ability Model) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, सामाजिक-भावनिक अधिगम (SEL) रणनीतियों और विद्यार्थियों में तनाव प्रबंधन व सकारात्मक सहयोगात्मक वातावरण के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम के सिद्धांत' के अंतर्गत एडविन गुथरी (Edwin Guthrie) द्वारा प्रतिपादित 'समीपता का सिद्धांत' (Contiguity Theory of Learning: उद्दीपक और अनुक्रिया के बीच एक ही समय में होने वाले संयोजन पर आधारित) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, मस्तिष्क के 'प्राइमरी मोटर कॉर्टेक्स' (Primary Motor Cortex), 'बेसल गैंग्लिया' (Basal Ganglia), और 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus) के बीच तंत्रिका सिंैप्टिक प्लास्टिसिटी (Synaptic Plasticity), एकल-प्रयास अधिगम (Single-Trial Learning), और काइनेस्थेटिक मार्ग सक्रियण की गतिकी, तथा इवान पावलोव के 'शास्त्रीय अनुबंधन' (Classical Conditioning) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-कंटिग्युटी ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Contiguity Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में तात्कालिक आदत निर्माण, व्यवहार संशोधन व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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