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सामाजिक अध्ययन (Social Studies) शिक्षण के अंतर्गत इतिहास शिक्षण की 'आलोचनात्मक और प्रत्यक्षवादी पद्धति' (Critical and Positivist Method) के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सा उपागम विद्यार्थियों में 'ऐतिहासिक साक्ष्य आधारित विवेचन' (Historical Evidence-based Reasoning) को सर्वाधिक रूप से प्रोत्साहित करता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
इतिहास शिक्षण में 'आलोचनात्मक और प्रत्यक्षवादी पद्धति' का मुख्य उद्देश्य छात्रों को रटन प्रणाली से दूर ले जाकर 'ऐतिहासिक साक्ष्य आधारित विवेचन' (Historical Evidence-based Reasoning) विकसित करना है। जब छात्र प्राथमिक स्रोतों (Primary Sources) जैसे अभिलेख, सिक्के, और समकालीन दस्तावेजों का प्रत्यक्ष विश्लेषण करते हैं, तो वे इतिहासकार की भांति साक्ष्यों की सत्यता की परख करना सीखते हैं, जो कि उच्च-स्तरीय संज्ञानात्मक कौशल के अंतर्गत आता है।
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम की विधियां और शिक्षण के सूत्र' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, हर्बर्ट स्पेंसर (Herbert Spencer) और जॉन कमेनियस (John Comenius) द्वारा प्रतिपादित 'ज्ञात से अज्ञात की ओर' (From Known to Unknown) तथा 'मूर्त से अमूर्त की ओर' (From Concrete to Abstract) शिक्षण सूत्रों के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus), 'पैरिएटल लोब' (Parietal Lobe), और 'डोसोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (DLPFC) के बीच पूर्व-ज्ञान एकीकरण (Prior Knowledge Integration), स्कीमा रीमैपिंग (Schema Remapping), और वैचारिक अमूर्तन (Conceptual Abstraction) की सक्रियण गतिकी, तथा डेविड असुबेल (David Ausubel) के 'अग्रिम संगठनकर्ता सिद्धांत' (Advance Organizer Theory) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, कॉग्निटिव-स्ट्रक्चर्ड पेडागोजी (Cognitive-Structured Pedagogy) और विद्यार्थियों में संज्ञानात्मक दक्षता, तार्किक जुड़ाव व समग्र ज्ञान निर्माण के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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बुद्ध की शिक्षाओं और उनके द्वारा स्थापित संघ की कार्यप्रणाली के संदर्भ में, बौद्ध धर्म की किस संगीति (Council) के दौरान 'स्थविरवाद' और 'महासांगिक' नामक दो प्रमुख संप्रदायों में विभाजन स्पष्ट रूप से सामने आया था और इसका तात्कालिक कारण क्या था?
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बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के संदर्भ में 'लॉरेंस कोहलवर्ग' (Lawrence Kohlberg) के 'नैतिक विकास के सिद्धांत' (Theory of Moral Development) और इसकी विभिन्न अवस्थाओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. कोहलवर्ग के सिद्धांत के 'पूर्व-पारंपरिक स्तर' (Pre-conventional Level) के अंतर्गत बालक का नैतिक तर्क मुख्य रूप से बाह्य दंड, पुरस्कार और आज्ञापालन पर आधारित होता है, जिसमें 'सापेक्षवादी उन्मुखीकरण' के तहत बच्चा यह समझता है कि जैसे को तैसा या व्यक्तिगत आवश्यकताएँ ही नियम तय करती हैं।
2. 'पारंपरिक स्तर' (Conventional Level) के भीतर 'अच्छा लड़का-अच्छी लड़की उन्मुखीकरण' (Good Boy-Good Girl Orientation) और 'कानून एवं व्यवस्था उन्मुखीकरण' (Law and Order Orientation) आते हैं, जहाँ व्यक्ति समाज की अपेक्षाओं, सामाजिक मानदंडों और नियमों को बनाए रखने को ही सर्वोच्च नैतिकता मानता है।
3. 'उत्तर-पारंपरिक स्तर' (Post-conventional Level) में नैतिकता पूरी तरह से बाहरी कानूनों और सामाजिक दबावों से नियंत्रित होती है, और इस स्तर पर पहुँचने वाला व्यक्ति कभी भी व्यक्तिगत विवेक या सार्वभौमिक मानवीय मूल्यों को कानून से ऊपर नहीं रख सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध लोक संगीत, गायन शैलियों और उनसे जुड़े क्षेत्रों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'कजरी' (Kajri) गायन शैली का मुख्य केंद्र उत्तर प्रदेश का मिर्जापुर जिला है, जिसे मुख्य रूप से वर्षा ऋतु (सावन मास) के दौरान महिलाओं द्वारा गाया जाता है, और इसमें राधा-कृष्ण के प्रेम तथा प्रकृति के सौंदर्य का वर्णन होता है।
2. 'आल्हा' (Alha) बुंदेलखंड क्षेत्र की एक प्रसिद्ध वीरगाथात्मक गायन शैली है, जो मुख्य रूप से आल्हा और ऊदल नामक दो वीर योद्धाओं की वीरता और लड़ाइयों का वर्णन करती है, और इसे सामान्यतः वर्षा ऋतु में गाया जाता है।
3. 'चैती' (Chaiti) गायन शैली का विकास चैत्र मास में होता है, और उत्तर प्रदेश में इसका प्रमुख केंद्र गोरखपुर जिला माना जाता है जहाँ इस शैली के अंतर्गत मुख्य रूप से भगवान शिव की स्तुति की जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बुद्धि के बहु-कारक सिद्धांत' (Multi-Factor Theory of Intelligence) के संदर्भ में, अमेरिकी मनोवैज्ञानिक एडवर्ड ली थार्नडाइक (E.L. Thorndike) द्वारा प्रतिपादित इस सिद्धांत के अनुसार, थार्नडाइक ने बुद्धि के अंतर्गत किन चार प्रमुख गुणों या आयामों (Attributes) का उल्लेख किया है?
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