त्वरित लिंक्स
UPTET
15 views
सामाजिक अध्ययन (Social Studies) शिक्षण के अंतर्गत इतिहास शिक्षण की 'प्रत्यक्षदर्शी या स्रोत विधि' (Source Method) का मुख्य शैक्षणिक एवं विश्लेषणात्मक उद्देश्य निम्नलिखित में से क्या है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
इतिहास शिक्षण में 'स्रोत विधि' (Source Method) का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को एक निष्क्रिय श्रोता के रूप में नहीं, बल्कि एक छोटे इतिहासकार के रूप में ढालना है। इसके अंतर्गत विद्यार्थी प्राथमिक स्रोतों (जैसे- शिलालेख, सिक्के, पुराने दस्तावेज, अवशेष) और द्वितीयक स्रोतों का अध्ययन एवं आलोचनात्मक परीक्षण (Critical Analysis) करते हैं, जिससे उनमें तार्किक सोच, साक्ष्यों की परख और स्वतंत्र निष्कर्ष निकालने की उच्च-स्तरीय मानसिक क्षमता विकसित होती है।
Related Questions
→
निम्नलिखित में से 'स्वागत' शब्द का सही संधि-विच्छेद क्या होगा?
→
उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं भूगर्भीय संरचना के अंतर्गत 'बुंदेलखंड पठार' की मुख्य विशेषताओं और वहाँ की मृदा प्रणालियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बुंदेलखंड का पठार उत्तर प्रदेश के दक्षिण में स्थित एक प्राचीन क्रिस्टलीय पठार है, जिसका निर्माण मुख्य रूप से प्री-कैंब्रियन युग की 'ग्रेनाइट' और 'नीस' चट्टानों के अपक्षय से हुआ है।
2. इस क्षेत्र में पाई जाने वाली मृदा को स्थानीय रूप से 'मार', 'परवा', 'राँड़' और 'कबर' के नाम से जाना जाता है, जिसमें 'मार' मृदा चिकनी और अत्यधिक उपजाऊ काली मिट्टी जैसी होती है, जबकि 'परवा' मृदा हल्की और रेतीली-दोमट होती है।
3. बुंदेलखंड क्षेत्र में वार्षिक वर्षा राज्य के अन्य क्षेत्रों की तुलना में काफी कम (औसतन 80 सेमी से भी कम) होती है, जिसके कारण यहाँ की कृषि मुख्य रूप से खरीफ की फसलों पर निर्भर है और रबी के मौसम में यहाँ कोई कृषि कार्य नहीं किया जाता है।
4. इस पठारी क्षेत्र की प्रमुख नदियाँ (जैसे चंबल, बेतवा, केन और टोंस) उत्तर की ओर बहते हुए यमुना नदी में मिलती हैं और अपने मार्ग में गहरे कंदराओं (Ravines) का निर्माण करती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'सृजनात्मकता और समस्या समाधान' (Creativity and Problem Solving) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जे.पी. गिलफोर्ड (J.P. Guilford) द्वारा प्रतिपादित 'अपसारी चिंतन' (Divergent Thinking: फ्लुएंसी, फ्लेक्सिबिलिटी, ओरिजिनलिटी और एलैबोरेशन) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डिफ़ॉल्ट मोड नेटवर्क' (Default Mode Network - DMN), 'एक्सेसरी एग्जीक्यूटिव नेटवर्क' (Central Executive Network), और 'सेलिएंस नेटवर्क' (Salience Network) के बीच लचीले विचार संचरण, नवीन साहचर्य निर्माण, और抑制 नियंत्रण (Inhibitory Control) की सक्रियण गतिकी, तथा ग्राहम वालेस (Graham Wallas) के 'सृजनात्मक चिंतन के चार चरण' (Preparation, Incubation, Illumination, Verification) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-क्रिएटिविटी ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Creativity Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में मौलिक उत्पादन, पार्श्व चिंतन (Lateral Thinking) व समग्र संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
जीन पियाजे (Jean Piaget) के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' (Pre-operational Stage - लगभग 2 से 7 वर्ष) के दौरान बालक में 'संरक्षण' (Conservation) की क्षमता का पूर्ण विकास हो जाता है, जिससे वह यह समझ पाता है कि किसी वस्तु के आकार या रूप में परिवर्तन करने पर भी उसकी मात्रा या आयतन अपरिवर्तित रहता है।
2. 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage - लगभग 7 से 11 वर्ष) में बच्चे वस्तुओं और घटनाओं के वर्गीकरण (Classification), उत्क्रमणीयता (Reversibility) और 'विकेंद्रीकरण' (Decentration) की योग्यताओं में पारंगत हो जाते हैं, लेकिन वे अमूर्त तार्किक चिंतन और परिकल्पनात्मक-निगमनात्मक तर्क (Hypothetical-deductive reasoning) का उपयोग करने में असमर्थ होते हैं।
3. पियाजे के अनुसार 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) वह अंतिम चरण है जो किशोरावस्था से प्रारंभ होता है, जिसमें व्यक्ति वैज्ञानिक पद्धति से सोचना सीखता है और विभिन्न संभावनाओं के आधार पर अमूर्त समस्याओं का समाधान कर सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
→
उत्तर प्रदेश की प्रमुख नदियों और उनके उद्गम स्थलों के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. रामगंगा नदी - पौड़ी गढ़वाल (उत्तराखंड) के दूधातोली श्रेणी - यह नदी उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में राज्य में प्रवेश करती है और कन्नौज के निकट गंगा में मिलती है।
2. बेतवा नदी - रायसेन जिला (मध्य प्रदेश) के कुम्हरा गाँव के समीप विंध्याचल पर्वत - यह नदी हमीरपुर के निकट यमुना नदी में मिलती है और इस पर राजघाट बाँध परियोजना स्थित है।
3. केन नदी - सतना जिला (मध्य प्रदेश) के कैमूर पहाड़ियों - यह नदी बांदा जिले के निकट यमुना में मिलती है और इसे 'पन्ना टाइगर रिजर्व' की जीवन रेखा कहा जाता है।
4. सोन नदी - अमरकंटक पठार (मध्य प्रदेश) - यह उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले से बहते हुए सीधे गंगा नदी में मिलती है और इसके तट पर कोई प्रमुख सहायक नदी नहीं है।
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.