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UPTET
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सामाजिक अध्ययन (Social Studies) शिक्षण के अंतर्गत इतिहास शिक्षण की 'आलोचनात्मक चिंतन' (Critical Thinking) पद्धति और 'स्रोतों पर आधारित उपागम' (Source-Based Approach) के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सा कथन इस विधि के सबसे प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक शैक्षणिक उद्देश्य को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
इतिहास शिक्षण में 'आलोचनात्मक चिंतन' (Critical Thinking) और 'स्रोतों पर आधारित उपागम' (Source-Based Approach) का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को निष्क्रिय श्रोता या रटने वाले के बजाय सक्रिय अन्वेषक बनाना है। इसके माध्यम से छात्र प्राथमिक (समकालीन दस्तावेज, सिक्के, शिलालेख) और द्वितीयक स्रोतों का गंभीर विश्लेषण करते हैं, इतिहासकारों के पूर्वाग्रहों को समझते हैं और अपने स्वयं के तार्किक निष्कर्ष निकालते हैं।
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम के क्षेत्र और कक्षा-कक्ष शिक्षण' के संदर्भ में, एडविन गथरी (Edwin Guthrie) द्वारा प्रतिपादित 'समीप्यता का अधिगम सिद्धांत' (Contiguity Theory of Learning) के अंतर्गत 'एकल-प्रयास अधिगम' (One-Trial Learning) की अवधारणा और उद्दीपक-अनुक्रिया के बीच केवल एक बार की साहचर्य निकटता के वैज्ञानिक स्वरूप, तथा एडवर्ड टॉलमैन (Edward Tolman) द्वारा प्रतिपादित 'संकेत-Gestalt अधिगम सिद्धांत' या 'प्रतीक-सार्थक अधिगम' (Sign-Gestalt/Purposeful Behaviorism) के अंतर्गत 'अव्यक्त अधिगम' (Latent Learning) और 'संज्ञानात्मक मानचित्र' (Cognitive Map) की संकल्पनाओं के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, उद्देश्यपूर्ण पाठ्यक्रम डिज़ाइन और विद्यार्थियों में स्व-निर्देशित स्थानिक अधिगम के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'भाषा विकास एवं चिंतन' के संदर्भ में, रूसी मनोवैज्ञानिक लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) द्वारा प्रतिपादित 'विचार और भाषा' (Thought and Language) के सिद्धांतों के अनुसार, बाल्यावस्था में बच्चे द्वारा अपने ही व्यवहार को निर्देशित करने, विनियमित करने और नियंत्रित करने के लिए जो उच्च स्वर में स्वयं से बातचीत (Self-Talk) की जाती है, उसे वाइगोत्स्की ने क्या कहा है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बुद्धि के द्विकारक सिद्धांत' (Two-Factor Theory of Intelligence) के संदर्भ में, मनोवैज्ञानिक चार्ल्स स्पीयरमैन (Charles Spearman) द्वारा प्रतिपादित सिद्धांत के अनुसार, निम्नलिखित में से कौन सी विशेषता 'G-Factor' (सामान्य बुद्धि) की सबसे सटीक व्याख्या करती है?
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पारिस्थितिकी तंत्र और जैव-भू-रासायनिक चक्रों (Biogeochemical Cycles) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. नाइट्रोजन चक्र के दौरान, वायुमंडलीय नाइट्रोजन का स्थिरीकरण (Nitrogen Fixation) केवल राइजोबियम जैसे सहजीवी जीवाणुओं द्वारा लेग्यूमिनस पौधों की जड़ों में होता है, और इसमें स्वतंत्र रूप से रहने वाले (Free-living) सूक्ष्मजीवों की कोई भूमिका नहीं होती है।
2. फास्फोरस चक्र एक अवसादी चक्र (Sedimentary Cycle) है, जिसका कोई वायुमंडलीय भंडार नहीं होता है, और यह चक्र मुख्य रूप से चट्टानों के अपक्षय (Weathering) तथा समुद्री तलछट के माध्यम से संचालित होता है।
3. कार्बन चक्र में प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) वायुमंडल से कार्बन डाइऑक्साइड को हटाने का मुख्य प्राकृतिक तंत्र है, जबकि श्वसन और जीवाश्म ईंधनों का दहन इसे वापस वायुमंडल में मुक्त करते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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