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उत्तर प्रदेश के लोक नृत्यों और सांस्कृतिक परंपराओं के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सा युग्म (नृत्य शैली और उससे संबंधित क्षेत्र/समुदाय) सुमेलित नहीं है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
विकल्प (d) सुमेलित नहीं है क्योंकि 'छोलिया नृत्य' पूर्वांचल के अहीरों का नृत्य नहीं है, बल्कि यह मुख्य रूप से उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र (तथा उत्तर प्रदेश से लगे सीमावर्ती पहाड़ी/पठारी इलाकों) में राजपूत (क्षत्रिय) जातियों द्वारा विवाह और अन्य मांगलिक अवसरों पर तलवार और ढाल के साथ किया जाने वाला एक युद्ध नृत्य (मार्शल डांस) है। पूर्वांचल का प्रसिद्ध नृत्य 'ढोला' या 'पाई डंडा' है। अन्य सभी विकल्प (चर्कुला, कर्मा, और धुरिया) अपने संबंधित क्षेत्रों और समुदायों के साथ पूर्णतः सही सुमेलित हैं।
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं जलवायुगत संदर्भ में, 'भाबर, तराई तथा मैदानी' क्षेत्रों के जल-निकास और भू-आकृतिक लक्षणों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भाबर क्षेत्र में नदियाँ हिमालय से उतरते समय भारी मात्रा में कंकड़, पत्थर और बोल्डर जैसे मोटे अवक्षेपों का निक्षेपण करती हैं, जिसके कारण इस पारगम्य (Permeable) क्षेत्र में अधिकांश छोटी नदियाँ धरातल से विलुप्त होकर भूमिगत रूप से प्रवाहित होती हैं।
2. तराई क्षेत्र भाबर पेटी के ठीक दक्षिण में स्थित एक विस्तृत, नम और दलदली पट्टी है, जहाँ भाबर में भूमिगत हुई नदियाँ पुनः धरातल पर प्रकट हो जाती हैं और इस क्षेत्र में भूमिगत जलस्तर बहुत ऊँचा होता है।
3. उत्तर प्रदेश के दक्षिणी पठारी क्षेत्र की प्रमुख नदियाँ (जैसे- चंबल, बेतवा, केन और टोंस) उत्तर की ओर प्रवाहित होते हुए गंगा या यमुना में मिलती हैं और अपने मार्ग में गहरी खड्डों (Ravines) तथा बीहड़ों का निर्माण करती हैं, जो विशेष रूप से इटावा, औरैया और जालौन जिलों में अत्यधिक दृश्यमान हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'मूल्यांकन और मापन' (Evaluation and Measurement) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, बेंजामिन ब्लूम (Benjamin Bloom) द्वारा प्रतिपादित 'शैक्षिक उद्देश्यों के वर्गीकरण' (Bloom's Taxonomy: ज्ञान, बोध, अनुप्रयोग, विश्लेषण, संश्लेषण और मूल्यांकन) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex), 'एंटिओर सिंगुलेट कॉर्टेक्स' (Anterior Cingulate Cortex), और 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus) के बीच संज्ञानात्मक जटिलता का श्रेणीकरण, त्रुटि संसूचन (Error Detection), और उच्च-स्तरीय कार्यकारी नियंत्रण की सक्रियण गतिकी, तथा नॉर्मन ग्रोनलुंड (Norman Gronlund) के 'रचनात्मक और योगात्मक मूल्यांकन मॉडल' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-मूल्यांकन ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Assessment Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में आलोचनात्मक चिंतन, सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) व समग्र संज्ञानात्मक-संवेगात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के संदर्भ में लेव वायगोत्स्की (Lev Vygotsky) के 'सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत' (Socio-Cultural Theory) और उनके द्वारा दिए गए 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) तथा 'मचान या पाड़' (Scaffolding) की अवधारणाओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ZPD (Zone of Proximal Development) वास्तविक विकास स्तर (जो बच्चा बिना किसी सहायता के अकेले कर सकता है) और संभावित विकास स्तर (जो बच्चा किसी वयस्क या अधिक ज्ञानी अन्य व्यक्ति की मदद से कर सकता है) के बीच का अंतर या क्षेत्र होता है।
2. 'मचान' (Scaffolding) से तात्पर्य उस अस्थायी सहायता या मार्गदर्शन से है जो किसी कुशल व्यक्ति द्वारा बच्चे को सीखने के दौरान दी जाती है, और जैसे-जैसे बच्चा स्वतंत्र रूप से कार्य करना सीख जाता है, इस सहायता को धीरे-धीरे कम या समाप्त कर दिया जाता है।
3. वायगोत्स्की के अनुसार बच्चों में भाषा का विकास मुख्य रूप से उनके अपने व्यक्तिगत विचारों को निर्देशित करने के लिए पहले 'सामाजिक भाषण' के रूप में होता है, जो बाद में 'अन्तर्वाक्' (Inner Speech) में परिवर्तित हो जाता है, और यह संज्ञानात्मक विकास को संचालित करने में केंद्रीय भूमिका निभाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के अंतर्गत लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के 'सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत' (Socio-cultural Theory of Development) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वाइगोत्स्की के अनुसार बालक का संज्ञानात्मक विकास किसी सामाजिक और सांस्कृतिक शून्य में नहीं होता, बल्कि यह सामाजिक अंतःक्रिया (Social Interaction), संस्कृति (Culture) और भाषा (Language) के परस्पर प्रभाव का परिणाम है।
2. 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) उस वास्तविक विकास स्तर और संभावित विकास स्तर के बीच का अंतर है, जिसे बालक स्वतंत्र रूप से प्राप्त कर सकता है और जो किसी वयस्क या अधिक ज्ञानी अन्य (More Knowledgeable Other - MKO) के निर्देशन या सहयोग से प्राप्त किया जा सकता है।
3. वाइगोत्स्की ने जीन पियाजे के विपरीत 'अन्तरभाषण' (Inner Speech) और 'निजी भाषण' (Private Speech) को बालकों के विकास में बाधक माना है, क्योंकि उनके अनुसार बालक जब खुद से बातें करता है तो उसका संज्ञानात्मक भटकाव होता है और इससे आत्म-नियमन की क्षमता समाप्त हो जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बुद्धि के बहुबुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, हावर्ड गार्नर (Howard Gardner) द्वारा प्रतिपादित 'संगीतकीय बुद्धि' (Musical Intelligence) और 'शारीरिक-संवेदी गतिक बुद्धि' (Bodily-Kinesthetic Intelligence) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'सुपीरियर टेम्पोरल गाइरस' (Superior Temporal Gyrus - श्रवण प्रसंस्करण), 'सेरेबेलम' (Cerebellum - मोटर समन्वय और लय नियंत्रण), और 'मोटर कॉर्टेक्स' (Motor Cortex) के बीच श्रवण-मोटर एकीकरण (Auditory-Motor Integration), ताल-मेल (Rhythm Processing), और संवेदी-पेशीय अनुकूली नियंत्रण की सक्रियण गतिकी, तथा रॉबर्ट स्टर्नबर्ग (Robert Sternberg) के 'त्रितंत्र सिद्धांत' (Triarchic Theory of Intelligence) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-मल्टीपल इंटेलिजेंस ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Multiple Intelligence Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में कलात्मक-लयबद्ध क्षमताओं, अनुभवात्मक मोटर कौशल व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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