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शिक्षा मनोविज्ञान और बाल विकास के संदर्भ में, लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) के नैतिक विकास के सिद्धांत की किस अवस्था में व्यक्ति 'सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार' (Social Contract and Individual Rights) को मान्यता देता है तथा यह मानता है कि नियम लचीले होते हैं और समाज के कल्याण के लिए बदले जा सकते हैं?

Detailed Explanation

लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के अनुसार, उत्तर-पारंपरिक नैतिकता स्तर (Post-conventional Morality) का दूसरा चरण और कुल मिलाकर छठा चरण 'सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार' (Social Contract and Individual Rights) कहलाता है। इस अवस्था में व्यक्ति यह समझता है कि नियम और कानून सामाजिक अनुबंधों का परिणाम हैं, न कि अनम्य निरपेक्ष आदेश। यदि कोई कानून समाज के अधिकांश सदस्यों के अधिकारों या कल्याण की रक्षा करने में विफल रहता है, तो उसे लोकतांत्रिक तरीकों से बदला जा सकता है। विकल्प (b) इस संदर्भ में सही है।
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