त्वरित लिंक्स
UPTET
1 views
उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं जलवायु संदर्भ में, 'तराई क्षेत्र' (Terai Region) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. तराई क्षेत्र भाभर पेटी के दक्षिण में स्थित एक संकीर्ण दलदली और नम क्षेत्र है, जहाँ महीन जलोढ़ (कच्छ, सिल्ट और चिकनी मिट्टी) का निक्षेप होता है।
- 2. यहाँ की जलवायु अत्यधिक शुष्क होती है और इस क्षेत्र में वर्षा की मात्रा उत्तर प्रदेश के अन्य मैदानी भागों की तुलना में सबसे कम होती है।
- 3. इस क्षेत्र में प्राकृतिक रूप से सघन वन और ऊँची घास (जैसे हाथी घास) पाई जाती है, तथा यह क्षेत्र मुख्य रूप से धान और गन्ने की कृषि के लिए अनुकूल माना जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
उत्तर प्रदेश के भौगोलिक विभाजन में 'तराई क्षेत्र' भाभर पेटी के ठीक दक्षिण में स्थित एक नम और दलदली पट्टी है। यहाँ नदियों द्वारा लाई गई महीन मिट्टी (सिल्ट और क्ले) का निक्षेप होता है। अत्यधिक नमी और जलभराव के कारण यहाँ प्राकृतिक रूप से सघन वन और लंबी घास पाई जाती है। यह क्षेत्र धान और गन्ने की खेती के लिए अत्यंत उपयुक्त है। अतः कथन 1 और 3 सही हैं। कथन 2 गलत है क्योंकि तराई क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के अन्य हिस्सों की तुलना में वर्षा अधिक होती है और यहाँ की जलवायु शुष्क न होकर अधिक आर्द्र (humid) होती है।
Related Questions
→
उत्तर प्रदेश की ऐतिहासिक, पुरातात्विक और सांस्कृतिक विरासतों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर जिले में स्थित 'लहौरादेवा' (Lahuradeva) नामक पुरास्थल से भारतीय उपमहाद्वीप में प्राचीनतम कृषि साक्ष्य (विशेष रूप से चावल के प्रमाण) प्राप्त हुए हैं, जो मेहरगढ़ से भी पुराने माने जाते हैं।
2. बौद्ध धर्म से जुड़े ऐतिहासिक स्थल 'कौशंबी' (Koshambi) में सम्राट अशोक द्वारा निर्मित घोषाराम विहार स्थित था, तथा यह प्राचीन वत्स महाजनपद की राजधानी हुआ करता था।
3. उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में स्थित 'अटाला मस्जिद' का निर्माण शर्की वंश के शासक इब्राहिम शाह शर्की द्वारा कराया गया था, जो अटाला देवी के मंदिर को तोड़कर बनाई गई थी और इसकी वास्तुकला शर्की शैली की अनूठी मिसाल है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'सृजनात्मकता एवं divergent thinking' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जे.पी. गिलफोर्ड (J.P. Guilford) द्वारा प्रतिपादित 'बुद्धि की संरचना' (Structure of Intellect Model) और 'अपसारी चिंतन' (Divergent Thinking: प्रवाह, लचीलापन, मौलिकता) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डिफ़ॉल्ट मोड नेटवर्क' (Default Mode Network - DMN), 'कार्यकारी नियंत्रण नेटवर्क' (Executive Control Network - ECN), और 'सेलिएंस नेटवर्क' (Salience Network) के बीच वैचारिक लचीलेपन, मस्तिष्क के दो गोलार्द्धों के बीच अंतर-हेमिस्फेरिक समन्वय (Inter-hemispheric Communication via Corpus Callosum), और सहज अंतर्दृष्टि की सक्रियण गतिकी, तथा एडवर्ड डी बोनो (Edward de Bono) के 'पार्श्व चिंतन' (Lateral Thinking) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-क्रिएटिव ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Creative Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में समस्या-समाधान, मौलिक अभिव्यक्ति व समग्र अभिनव कौशल के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'स्मृति और विस्मरण के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों' के संदर्भ में, रिचर्ड एटकिंसन (Richard Atkinson) और रिचर्ड शिफ्रिन (Richard Shiffrin) द्वारा प्रतिपादित 'मल्टी-स्टोर मॉडल' (Multi-Store Model of Memory) के अंतर्गत 'संवेदी स्मृति' (Sensory Memory), 'अल्पकालिक स्मृति' (Short-Term Memory / Working Memory), और 'दीर्घकालिक स्मृति' (Long-Term Memory) के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus) और 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' की समेकन (Consolidation) एवं पुनर्प्राप्ति (Retrieval) की सक्रियण प्रक्रिया, तथा हरमन एबिंगhaus (Hermann Ebbinghaus) द्वारा प्रतिपादित 'विस्मरण वक्र' (Forgetting Curve) के अंतर्गत 'प्रारंभिक तीव्र पतन' और 'पुनरावृत्ति (Rehearsal) के प्रभावों' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, संज्ञानात्मक भार सिद्धांत (Cognitive Load Theory) के प्रभावी अनुप्रयोग और विद्यार्थियों में दीर्घकालिक ज्ञान संग्रहण के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
उत्तर प्रदेश के लोक नृत्यों और उनसे संबंधित क्षेत्रों/संस्कृतियों के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. 'छल नृत्य' - ब्रज क्षेत्र (यह नृत्य मुख्य रूप से दीपावली के अवसर पर मयूर पंख और रंग-बिरंगे वस्त्र पहनकर किया जाता है, जिसमें नर्तक अपने सिर पर कलश रखकर संतुलन बनाते हैं।)
2. 'ढरकिया नृत्य' - बुंदेलखंड क्षेत्र (यह इस क्षेत्र की जनजातियों द्वारा विशेषकर खेतों में कटाई के समय फसल की समृद्धि की कामना के लिए किया जाने वाला एक पारंपरिक नृत्य है।)
3. 'धीवर नृत्य' - पूर्वांचल क्षेत्र (यह कहार जाति के लोगों द्वारा शुभ अवसरों, विशेषकर विवाह के समय किया जाता है, जिसमें नर्तक सिर पर मटका रखकर जल देवता की स्तुति करते हैं।)
4. 'जोगनी नृत्य' - अवध क्षेत्र (यह नृत्य रामनवमी के पावन अवसर पर पुरुषों द्वारा महिलाओं का वेश धारण करके भगवान श्री राम के जन्म की खुशी में मंदिरों और चौराहों पर किया जाता है।)
उपर्युक्त युग्मों में से कौन सा/से सही सुमेलित है/हैं?
→
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के संदर्भ में, दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 (RPWD Act, 2016) और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) के प्रमुख प्रावधानों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. RPWD Act, 2016 के तहत दिव्यांगता के प्रकारों को पहले के 7 से बढ़ाकर 21 कर दिया गया है, और इसके अंतर्गत 'विशिष्ट अधिगम अक्षमता' (Specific Learning Disabilities - जैसे डिस्लेक्सिया) को भी आधिकारिक रूप से दिव्यांगता की श्रेणी में शामिल किया गया है।
2. राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) में यह प्रावधान किया गया है कि गंभीर रूप से दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष आवासीय या गैर-आवासीय विद्यालयों का विकल्प पूरी तरह से समाप्त कर दिया जाएगा और उन्हें केवल और केवल सामान्य विद्यालयों में ही पढ़ना अनिवार्य होगा।
3. NEP 2020 में विद्यालयी शिक्षा के सभी स्तरों पर 'संसाधन केंद्रों' (Resource Centres) की स्थापना, शिक्षकों के विशेष प्रशिक्षण, भारतीय संकेत भाषा (Indian Sign Language - ISL) को मानकीकृत करने तथा विद्यालयों में बाधा-मुक्त बुनियादी ढांचे (Barrier-free Access) के विकास पर विशेष बल दिया गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.