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UPTET
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पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण अधिगम के अंतर्गत 'जैव-भू-रासायनिक चक्र' (Biogeochemical Cycles) और 'ऊर्जा प्रवाह' के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 'कार्बन चक्र' एक संपूर्ण रूप से गैसीय चक्र है, जिसके अंतर्गत प्रकाश संश्लेषण द्वारा वायुमंडल से कार्बन डाइऑक्साइड पौधों में जाती है, और यह चक्र केवल स्थलीय पारिस्थितिकी तंत्र तक ही सीमित रहता है, जलीय तंत्र में इसकी कोई भूमिका नहीं होती।
- 2. 'फास्फोरस चक्र' एक 'अवसादी चक्र' (Sedimentary Cycle) का उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसका मुख्य भंडार चट्टानें, मिट्टी और महासागरीय तलछट होते हैं, और इसमें वायुमंडलीय परिसंचरण की कोई प्रमुख भूमिका नहीं होती है।
- 3. किसी भी पारिस्थितिकी तंत्र में ऊर्जा का प्रवाह हमेशा 'एकदिशीय' (Unidirectional) होता है (लिंeman के 10% के नियम के अनुसार), जबकि पोषक तत्वों का प्रवाह 'चक्रीय' (Cyclic) होता है, क्योंकि पोषक तत्व पारिस्थितिकी तंत्र के भीतर बार-बार पुनर्चक्रित होते रहते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 गलत है क्योंकि कार्बन चक्र केवल स्थलीय तंत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि यह महासागरों और जलीय पारिस्थितिकी तंत्र में भी बड़े पैमाने पर संचालित होता है (महासागर कार्बन सिंक के रूप में कार्य करते हैं)। कथन 2 सही है क्योंकि फास्फोरस चक्र एक अवसादी चक्र (Sedimentary cycle) है जिसका मुख्य भंडार पृथ्वी की पपड़ी (चट्टानें) और मिट्टी है, और इसमें वायुमंडलीय चरण नगण्य होता है। कथन 3 सही है क्योंकि पारिस्थितिकी तंत्र में ऊर्जा का प्रवाह सूर्य से उत्पादकों, और फिर उपभोक्ताओं की ओर एकदिशीय (अनावर्ती) होता है, जबकि विभिन्न पोषक तत्व (जैसे कार्बन, नाइट्रोजन, फास्फोरस) चक्रीय रूप से पर्यावरण और जीवों के बीच प्रवाहित होते रहते हैं।
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उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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