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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बुद्धि के समकालीन और बहुआयामी सिद्धांतों' के संदर्भ में, हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) द्वारा प्रतिपादित 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत 'प्रकृतिवादी बुद्धि' (Naturalist Intelligence) और 'अस्तित्ववादी बुद्धि' (Existentialist Intelligence) के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'पैराइटल' और 'फ्रंटल लोब्स' की विशिष्ट कार्यात्मक भूमिका, तथा रॉबर्ट स्टर्नबर्ग (Robert Sternberg) द्वारा प्रतिपादित 'बुद्धि का त्रितंत्र सिद्धांत' (Triarchic Theory of Intelligence) के अंतर्गत 'घटकीय या विश्लेषणात्मक बुद्धि' (Analytic Intelligence), 'अनुभवात्मक या सृजनात्मक बुद्धि' (Creative Intelligence), और 'व्यावहारिक या प्रासंगिक बुद्धि' (Practical Intelligence) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, विभेदित मूल्यांकन (Differentiated Assessment) और विद्यार्थियों में बहुआयामी क्षमताओं के संतुलित विकास में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?

Detailed Explanation

हॉवर्ड गार्डनर का बहु-बुद्धि सिद्धांत (जिसमें प्रकृतिवादी और अस्तित्ववादी बुद्धियाँ शामिल हैं) और रॉबर्ट स्टर्नबर्ग का त्रितंत्र सिद्धांत (विश्लेषणात्मक, सृजनात्मक और व्यावहारिक बुद्धि) दोनों ही बुद्धि की पारंपरिक एकल-कारक (Unitary) अवधारणा को खारिज करते हैं। ये सिद्धांत यह दर्शाते हैं कि प्रत्येक बालक में विभिन्न प्रकार की बौद्धिक क्षमताएँ होती हैं। आधुनिक समावेशी कक्षाओं में इन सिद्धांतों का उपयोग शिक्षकों को 'विभेदित अनुदेशन' (Differentiated Instruction) और 'बहुसंवेदी शिक्षण रणनीतियों' को अपनाने में मदद करता है, जिससे प्रत्येक छात्र की विशिष्ट क्षमता के अनुसार उसका मूल्यांकन और विकास किया जा सके।
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→ भारतीय शिक्षा आयोग (हंटर आयोग, 1882) और लार्ड कर्जन के शैक्षिक सुधारों तथा प्राथमिक शिक्षा के विकास के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. हंटर आयोग (1882) ने प्राथमिक शिक्षा के प्रसार और सुधार की जिम्मेदारी मुख्य रूप से नवनिर्मित स्थानीय निकायों (District Boards और Municipalities) को सौंपने की संस्तुति की थी, तथा प्राथमिक शिक्षा स्थानीय भाषाओं (Vernacular Languages) के माध्यम से दिए जाने पर विशेष बल दिया था। 2. लॉर्ड कर्जन ने अपने कार्यकाल के दौरान वर्ष 1904 में 'भारतीय विश्वविद्यालय अधिनियम' (Indian Universities Act) पारित किया, जिसका उद्देश्य विश्वविद्यालयों पर सरकारी नियंत्रण को कड़ा करना, सीनेट के आकार को सीमित करना और उच्च शिक्षा में उच्च कोटि के अनुसंधान (Research) को बढ़ावा देना था। 3. वर्ष 1929 में स्थापित 'हार्टोग समिति' (Hartog Committee) ने भारत में प्राथमिक शिक्षा के अत्यधिक अपव्यय (Wastefulness) और ठहराव (Stagnation) की समस्या पर गंभीर चिंता व्यक्त की थी और यह सुझाव दिया था कि प्राथमिक शिक्षा का विस्तार जल्दबाजी में करने के बजाय इसके गुणात्मक सुधार और समेकन (Consolidation) पर ध्यान दिया जाना चाहिए। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? → उत्तर प्रदेश के प्रमुख लोकगीतों, गायन शैलियों और उनसे संबंधित सांस्कृतिक क्षेत्रों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'बिरहा' पूर्वांचल क्षेत्र (विशेषकर वाराणसी, गाजीपुर, जौनपुर और बलिया) का एक प्रमुख लोकगीत है, जो मुख्यतः पेशेवर गायकों द्वारा एकल या समूह में गाया जाता है तथा इसमें सामाजिक, ऐतिहासिक और समसामयिक विषयों का यथार्थवादी वर्णन मिलता है। 2. 'आल्हा' बुंदेलखंड क्षेत्र का एक वीररस प्रधान लोकगीत है, जो वर्षा ऋतु में विशेष रूप से गाया जाता है और इसमें महोबा के प्रसिद्ध योद्धाओं आल्हा व ऊदल की वीरतापूर्ण लड़ाइयों (परमाल रासो पर आधारित) का सजीव चित्रण किया जाता है। 3. 'कजरी' मिर्जापुर और वाराणसी क्षेत्र का एक प्रसिद्ध मौसमी लोकगीत है, जिसे विशेष रूप से सावन के महीने में महिलाएं झूला झूलते समय और भगवान कृष्ण व राधा के प्रेम प्रसंगों को आधार बनाकर गाती हैं। 4. 'चैती' लोकगीत मुख्य रूप से ब्रज क्षेत्र में होली के तुरंत बाद और चैत्र मास के आगमन पर गाया जाने वाला एक भक्ति और प्रेम प्रधान गीत है, जिसका संबंध भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं से होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के संदर्भ में 'बुद्धि के द्विकारक सिद्धांत' (Two-Factor Theory of Intelligence) और 'बहुकारक सिद्धांत' (Multi-Factor Theory) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. बुद्धि के द्विकारक सिद्धांत का प्रतिपादन वर्ष 1904 में प्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक चार्ल्स स्पीयरमैन (Charles Spearman) द्वारा किया गया था, जिनके अनुसार प्रत्येक मानसिक गतिविधि में दो प्रकार की मानसिक योग्यताएँ कार्य करती हैं—सामान्य कारक ('G' Factor) जो जन्मजात और सार्वभौमिक होता है, तथा विशिष्ट कारक ('S' Factor) जो अर्जित और व्यक्ति के विशेष कौशल पर निर्भर करता है। 2. ई. एल. थॉर्नडाइक (E. L. Thorndike) ने स्पीयरमैन के सिद्धांत की आलोचना करते हुए 'बहुकारक सिद्धांत' दिया, जिसके अनुसार बुद्धि किसी एक या दो कारकों का परिणाम नहीं है, बल्कि यह स्वतंत्र और असंगठित मानसिक योग्यताओं (तत्वों) का एक समूह है, और उन्होंने बुद्धि के चार प्रमुख atributos—स्तर (Level), क्षेत्र (Area), ऊंचाई (Altitude), और गति (Speed) का उल्लेख किया है। 3. स्पीयरमैन ने अपने सिद्धांत के समर्थन में सांख्यिकीय विधि 'कारक विश्लेषण' (Factor Analysis) का व्यापक उपयोग किया था, जबकि थॉर्नडाइक ने बुद्धि की तुलना विभिन्न प्रकार के ताले और चाबियों से करते हुए यह स्पष्ट किया कि व्यक्ति की बौद्धिक क्षमता उसके पास मौजूद तत्वों की संख्या पर निर्भर करती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? → पर्यावरण अध्ययन (EVS) के अंतर्गत 'पारिस्थितिक तंत्र' (Ecosystem) में ऊर्जा के प्रवाह और खाद्य श्रृंखला (Food Chain) के संदर्भ में 'दस प्रतिशत का नियम' (10% Law) किसने प्रतिपादित किया था तथा इस नियम के अनुसार पारिस्थितिक तंत्र के एक पोषण स्तर (Trophic Level) से अगले पोषण स्तर तक कितनी ऊर्जा स्थानांतरित होती है? → समावेशी शिक्षा में मुख्य रूप से किस पर जोर दिया जाता है?
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