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सामाजिक अध्ययन (Social Studies) शिक्षण के अंतर्गत भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के 'सविनय अवज्ञा आंदोलन' (Civil Disobedience Movement) और 'गो गोलमेज सम्मेलन' (Round Table Conferences) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. सविनय अवज्ञा आंदोलन की शुरुआत महात्मा गांधी द्वारा 12 मार्च 1930 को प्रसिद्ध 'दांडी मार्च' (Dandi March) के साथ की गई थी, जिसमें गांधीजी ने अपने 78 चुने हुए अनुयायियों के साथ साबरमती आश्रम से दांडी तक की लगभग 240 मील की यात्रा पैदल तय करके 6 अप्रैल 1930 को नमक कानून तोड़ा था। 2. प्रथम गोलमेज सम्मेलन (नवंबर 1930 - जनवरी 1931) में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने आधिकारिक रूप से भाग लिया था, क्योंकि इस सम्मेलन के आयोजन से पूर्व ही वायसराय इरविन और महात्मा गांधी के बीच 'गांधी-इरविन समझौता' हो चुका था जिसके तहत कांग्रेस ने सविनय अवज्ञा आंदोलन को स्थगित कर दिया था। 3. लंडन में आयोजित तीनों गोलमेज सम्मेलनों में भाग लेने वाले एकमात्र भारतीय नेता डॉ. बी. आर. अम्बेडकर थे, जबकि कांग्रेस ने केवल दूसरे गोलमेज सम्मेलन में महात्मा गांधी को अपने एकमात्र प्रतिनिधि के रूप में शामिल किया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि सविनय अवज्ञा आंदोलन का प्रारंभ 12 मार्च 1930 को गांधीजी के ऐतिहासिक दांडी मार्च से हुआ था, जिसमें 78 अनुयायियों ने साबरमती से दांडी तक की यात्रा कर 6 अप्रैल 1930 को नमक कानून तोड़ा था। कथन 2 गलत है क्योंकि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने 'प्रथम गोलमेज सम्मेलन' (1930-31) का बहिष्कार किया था; कांग्रेस ने केवल 'द्वितीय गोलमेज सम्मेलन' (1931) में भाग लिया था जो गांधी-इरविन समझौते के बाद संभव हुआ था। कथन 3 सही है क्योंकि डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ने तीनों (तीनों ही) गोलमेज सम्मेलनों में भाग लिया था और कांग्रेस की ओर से महात्मा गांधी ने केवल दूसरे गोलमेज सम्मेलन में हिस्सा लिया था। अत: केवल कथन 1 और 3 सही हैं।
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