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हिंदी भाषा और व्याकरण के अंतर्गत 'वाक्य भेद' तथा 'वाच्य' (Voice) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. रचना (बनावट) के आधार पर वाक्यों के तीन मुख्य भेद होते हैं—सरल वाक्य (Simple Sentence), संयुक्त वाक्य (Compound Sentence) और मिश्र वाक्य (Complex Sentence), जहाँ मिश्र वाक्य में एक मुख्य उपवाक्य और एक या एक से अधिक आश्रित उपवाक्य (जैसे संज्ञा, विशेषण और क्रियाविशेषण उपवाक्य) होते हैं जो 'जो', 'कि', 'चूँकि', 'यद्यपि' जैसे व्यधिकरण योजकों से जुड़े होते हैं। 2. 'कर्मवाच्य' (Passive Voice) का प्रयोग केवल अकर्मक क्रियाओं के साथ ही संभव है, क्योंकि इसमें क्रिया का सीधा संबंध कर्म से न होकर हमेशा कर्ता की प्रधानता और उसके लिंग-वचन पर आधारित होता है। 3. 'मोहन ने पत्र लिखा' (कर्तृवाच्य) वाक्य को जब कर्मवाच्य में बदला जाता है, तो उसका रूप 'मोहन द्वारा पत्र लिखा गया' बनता है, जिसमें क्रिया का लिंग और वचन कर्म ('पत्र', जो कि पुल्लिंग और एकवचन है) के अनुसार निर्धारित होता है न कि कर्ता के अनुसार। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि रचना के आधार पर वाक्य के तीन भेद (सरल, संयुक्त, मिश्र) होते हैं और मिश्र वाक्य में व्यधिकरण योजकों द्वारा आश्रित उपवाक्य जुड़े होते हैं। कथन 2 गलत है क्योंकि कर्मवाच्य का प्रयोग केवल 'सकर्मक क्रियाओं' के साथ होता है, अकर्मक क्रियाओं के साथ नहीं। कथन 3 सही है क्योंकि 'मोहन द्वारा पत्र लिखा गया' कर्मवाच्य का उदाहरण है जिसमें क्रिया का रूप कर्म 'पत्र' के लिंग और वचन के अनुसार नियंत्रित होता है। अतः केवल कथन 1 और 3 सही हैं।
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