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UPTET
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भारतीय संविधान की सातवीं अनुसूची के अंतर्गत संघ सूची, राज्य सूची और समवर्ती सूची में विषयों के वितरण तथा संवैधानिक प्रावधानों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. मूल संविधान में संघ सूची में 97 विषय थे, जबकि वर्तमान में गणना की दृष्टि से इसमें लगभग 100 विषय शामिल हैं, और राज्य सूची में मूल रूप से 66 विषय थे जिन्हें घटाकर वर्तमान में 61 कर दिया गया है।
- 2. 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा 'शिक्षा', 'वन', 'नापतोल', 'वन्यजीवों एवं पक्षियों का संरक्षण' और 'न्याय का प्रशासन (उच्चतम और उच्च न्यायालयों को छोड़कर)' जैसे कुल 5 विषयों को राज्य सूची से निकालकर समवर्ती सूची में स्थानांतरित किया गया था।
- 3. अवशिष्ट शक्तियाँ (Residual Powers), जो तीनों सूचियों में स्पष्ट रूप से उल्लिखित नहीं हैं, भारतीय संविधान के अनुच्छेद 248 के तहत संसद को प्रदान की गई हैं, और इस मामले में कनाडा के संविधान से प्रेरणा ली गई है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए तीनों कथन पूरी तरह से सत्य हैं। 1. मूल संविधान में संघ सूची में 97 विषय थे जो वर्तमान में बढ़कर लगभग 100 हो गए हैं, जबकि राज्य सूची के विषय 66 से घटाकर 61 कर दिए गए हैं। 2. वर्ष 1976 के 42वें संविधान संशोधन द्वारा पाँच महत्वपूर्ण विषयों—शिक्षा, वन, नापतोल, वन्यजीवों और पक्षियों का संरक्षण तथा न्याय प्रशासन—को राज्य सूची से समवर्ती सूची में डाला गया था। 3. संविधान के अनुच्छेद 248 के अनुसार अवशिष्ट शक्तियाँ संसद में निहित हैं और भारतीय संविधान में संघ को अधिक शक्तिशाली बनाने वाली इस अवशिष्ट शक्तियों की अवधारणा को कनाडा के संविधान से ग्रहण किया गया है। अतः सही विकल्प (d) है।
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प्राचीन भारतीय इतिहास और उत्तर प्रदेश के पुरातात्विक स्थलों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'कौशाम्बी' (जो वर्तमान उत्तर प्रदेश का एक जिला है) प्राचीन काल में वत्स महाजनपद की राजधानी थी, तथा यहाँ की खुदाई से अशोक का प्रसिद्ध 'लौरिया नंदनगढ़ स्तंभ' प्राप्त हुआ है।
2. 'अहिच्छत्र' (वर्तमान बरेली जिला) प्राचीन पंचाल महाजनपद की राजधानी हुआ करता था, जहाँ से गुप्त काल और कुषाण काल की अनेक महत्वपूर्ण टेराकोटा (पकी हुई मिट्टी की मूर्तियाँ) कलाकृतियाँ प्राप्त हुई हैं।
3. 'हस्तिनापुर' (वर्तमान मेरठ जिला) कुरु महाजनपद की राजधानी थी, और यहाँ के पुरातात्विक उत्खनन से चित्रित धूसर मृद्भांड (Painted Grey Ware - PGW) संस्कृति के साक्ष्य मिले हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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बच्चों के भाषा विकास और संज्ञानात्मक विकास के अंतर्संबंधों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जीन पियाजे का मानना था कि भाषा का उद्भव बच्चे के 'अहंप्रकेंद्रित वाक्' (Egocentric Speech) से होता है और भाषा विकास मूलतः संज्ञानात्मक विकास के अधीन (Subordinate) होता है, यानी पहले विचार आता है और बाद में भाषा।
2. लेव वायगोत्स्की के अनुसार भाषा और विचार आरंभिक जीवन (लगभग 2 वर्ष की आयु तक) में दो स्वतंत्र और अलग जड़ें रखते हैं, लेकिन बाद में ये आपस में मिल जाते हैं, जिससे 'सामाजिक वाक्' (Social Speech) और 'आंतरिक वाक्' (Inner Speech) का निर्माण होता है।
3. नॉम चॉम्स्की के अनुसार बच्चों में भाषा सीखने की एक जन्मजात क्षमता होती है, जिसे 'भाषा अर्जन यंत्र' (Language Acquisition Device - LAD) कहा जाता है, और यह क्षमता पर्यावरणीय पुनर्बलन (Reinforcement) और सामाजिक अंतःक्रियाओं के बिना पूरी तरह से निष्क्रिय रहती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम पठार (Plateau of Learning) और मानसिक थकान के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों' के संदर्भ में, आर्थर गेट्स (Arthur Gates) और रटलेज बुचलेस द्वारा प्रतिपादित 'अधिगम पठार के न्यूरो-बायोलॉजिकल कारकों' के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex), 'एंटीरियर सिंगुलेट कॉर्टेक्स' (Anterior Cingulate Cortex) और 'रेटिकुलर एक्टिवेटिंग सिस्टम' (RAS) के बीच संज्ञानात्मक संतृप्ति (Cognitive Saturation), सिनैप्टिक थकान और प्रेरणा ह्रास (Loss of Motivation) की सक्रियण गतिकी, तथा लुईस थर्स्टन (L.L. Thurstone) द्वारा प्रतिपादित 'मानसिक ऊर्जा और कार्यकुशलता के नियमों' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, उपचारात्मक शिक्षण रणनीतियों (Remedial Teaching Strategies) और विद्यार्थियों में संज्ञानात्मक अवरोधों को दूर कर पुनरुत्थान व कौशल दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश के ऊर्जा संसाधनों, तापीय विद्युत गृहों (Thermal Power Plants) और जल विद्युत परियोजनाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश का सबसे पुराना तापीय विद्युत संयंत्र 'हरदुअगंज तापीय विद्युत गृह' (Harduaganj Thermal Power Station) अलीगढ़ जिले में स्थित है, जिसकी स्थापना ब्रिटिश काल में की गई थी।
2. सोनभद्र जिले का 'ओबरा' क्षेत्र तापीय और जल विद्युत दोनों प्रकार की ऊर्जा उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है, जहाँ रिहंद नदी पर 'रिहंद बांध परियोजना' स्थित है जो राज्य की एक प्रमुख बहुउद्देशीय परियोजना है।
3. उत्तर प्रदेश राज्य में परमाणु ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए एकमात्र परमाणु विद्युत संयंत्र 'नरोरा परमाणु ऊर्जा संयंत्र' बुलंदशहर जिले में गंगा नदी के तट पर स्थापित किया गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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उत्तर प्रदेश की मृदा संरचना, कृषि जलवायु क्षेत्रों (Agro-climatic Zones) और प्रमुख फसलों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश को कृषि जलवायु के दृष्टिकोण से कुल 9 (नौ) विशिष्ट कृषि-जलवायु क्षेत्रों में विभाजित किया गया है, जो राज्य की भौगोलिक विविधता, वर्षा के वितरण और मिट्टी के प्रकारों का प्रतिनिधित्व करते हैं।
2. बुंदेलखंड क्षेत्र में पाई जाने वाली 'मार' (Maar) और 'काबर' (Kabar) मृदाएँ अत्यधिक चिकनी और उपजाऊ होती हैं, जिनमें नमी धारण करने की क्षमता (Water Retention Capacity) बहुत अधिक होती है, जिसके कारण बिना सिंचाई के भी रबी की फसलें (जैसे चना और गेहूँ) अच्छी मात्रा में उगाई जाती हैं।
3. उत्तर प्रदेश के पश्चिमी मैदानी क्षेत्र में लाल एवं भूरी मिट्टी (Red and Brown Soil) का विस्तार सबसे अधिक पाया जाता है, जो मुख्य रूप से विंध्यन पर्वतीय क्षेत्र के कटाव से निर्मित हुई है और मोटे अनाजों के लिए सर्वाधिक उपयुक्त है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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