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प्राचीन भारतीय इतिहास और उत्तर प्रदेश के पुरातात्विक स्थलों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 'कौशाम्बी' (जो वर्तमान उत्तर प्रदेश का एक जिला है) प्राचीन काल में वत्स महाजनपद की राजधानी थी, तथा यहाँ की खुदाई से अशोक का प्रसिद्ध 'लौरिया नंदनगढ़ स्तंभ' प्राप्त हुआ है।
- 2. 'अहिच्छत्र' (वर्तमान बरेली जिला) प्राचीन पंचाल महाजनपद की राजधानी हुआ करता था, जहाँ से गुप्त काल और कुषाण काल की अनेक महत्वपूर्ण टेराकोटा (पकी हुई मिट्टी की मूर्तियाँ) कलाकृतियाँ प्राप्त हुई हैं।
- 3. 'हस्तिनापुर' (वर्तमान मेरठ जिला) कुरु महाजनपद की राजधानी थी, और यहाँ के पुरातात्विक उत्खनन से चित्रित धूसर मृद्भांड (Painted Grey Ware - PGW) संस्कृति के साक्ष्य मिले हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 गलत है क्योंकि कौशाम्बी वत्स महाजनपद की राजधानी थी, लेकिन अशोक का 'लौरिया नंदनगढ़ स्तंभ' बिहार के पश्चिम चंपारण जिले में स्थित है, कौशाम्बी में तो अशोक का प्रसिद्ध 'कौशाम्बी स्तंभ लेख' (जिसे बाद में इलाहाबाद किले में स्थापित किया गया) पाया गया था। कथन 2 बिल्कुल सही है; अहिच्छत्र प्राचीन उत्तरी पंचाल की राजधानी थी और यहाँ से कुषाण व गुप्त कालीन ऐतिहासिक अवशेष व टेराकोटा मूर्तियाँ मिली हैं। कथन 3 भी बिल्कुल सही है; हस्तिनापुर कुरु महाजनपद की राजधानी थी और यह चित्रित धूसर मृद्भांड (PGW) संस्कृति का एक प्रमुख स्थल है।
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'लेव वायगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत' (Socio-Cultural Theory) के संदर्भ में, उनके द्वारा प्रतिपादित 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) और 'मचान या पाड़ बाँधना' (Scaffolding) की अवधारणाओं के वैज्ञानिक स्वरूप तथा जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) द्वारा इसमें दिए गए योगदान, भाषा और चिंतन के विकास में 'आंतरिक वाक' (Inner Speech) और 'सामाजिक वाक' (Social Speech) के अंतर्संबंधों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण-अधिगम में 'मानचित्र कौशल' (Mapping Skills) के विकास के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. प्राथमिक कक्षाओं में मानचित्र पठन और अंकन सिखाने का मुख्य उद्देश्य बच्चों में दिशाओं का सापेक्षिक ज्ञान, स्थानों की स्थिति का अनुमान और प्रतीकों (Symbols) को समझने की तार्किक क्षमता का विकास करना है, न कि उन्हें पेशेवर कार्टोग्राफर बनाना।
2. पर्यावरण अध्ययन के पाठ्यक्रम में मानचित्र का प्रयोग केवल उच्च प्राथमिक और माध्यमिक कक्षाओं के भूगोल विषय के लिए आरक्षित होना चाहिए, क्योंकि प्राथमिक स्तर के बच्चे अमूर्त संकेतों और पैमाना (Scale) आधारित गणनाओं को समझने में पूरी तरह अक्षम होते हैं।
3. प्राथमिक स्तर पर बच्चों को उनके घर से विद्यालय तक के मार्ग का रेखाचित्र (Sketch) बनाने के लिए प्रोत्साहित करना उनकी स्थानिक समझ (Spatial Understanding) और अवलोकन कौशल को मजबूत करने की एक अत्यंत प्रभावी शिक्षण रणनीति है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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उत्तर प्रदेश के प्रमुख पर्यावरणीय संस्थानों, अनुसंधान केंद्रों और उनकी अवस्थिति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'राष्ट्रीय पर्यावरण अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान' (NEERI) की मुख्य प्रयोगशाला नागपुर में स्थित है, परंतु उत्तर प्रदेश के लखनऊ शहर में इसका एक क्षेत्रीय केंद्र (Zonal Centre) संचालित होता है जो इस क्षेत्र के पर्यावरणीय शोध और प्रदूषण नियंत्रण में सहयोग करता है।
2. 'उत्तर प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड' (UPPCB) की स्थापना जल (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम, 1974 के प्रावधानों के अंतर्गत राज्य में पर्यावरणीय प्रदूषण के नियमन हेतु की गई थी, जिसका मुख्यालय लखनऊ में स्थित है।
3. 'वन अनुसंधान संस्थान' (FRI) देहरादून में स्थित है, जबकि उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में 'राष्ट्रीय शुगर संस्थान' और 'भारतीय दलहन अनुसंधान संस्थान' के साथ-साथ राज्य का एकमात्र सरकारी वानिकी अनुसंधान केंद्र स्थित है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में बाल विकास एवं शिक्षण विधि के अंतर्गत, लॉरेंस कोहलवर्ग (Lawrence Kohlberg) के नैतिक विकास के सिद्धांत की किस अवस्था में व्यक्ति पारंपरिक नैतिकता से उत्तर-पारंपरिक नैतिकता की ओर संक्रमण करता है, जहाँ वह समाज के नियमों को निरपेक्ष मानने के बजाय सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकारों को अधिक प्राथमिकता देता है?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं भूगर्भीय संरचना के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश का सबसे दक्षिणी भाग प्राचीनतम गोंडवाना लैंड के प्रायद्वीपीय पठार का हिस्सा है, जिसे 'बुंदेलखंड का पठार' कहा जाता है। 2. विंध्य पर्वत श्रेणी का विस्तार उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर, सोनभद्र और बांदा जिलों के कुछ हिस्सों तक पाया जाता है, जो मुख्य रूप से बलुआ पत्थर के लिए प्रसिद्ध है। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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