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उत्तर प्रदेश के वन्यजीव संरक्षण, पक्षी विहारों और जैव विविधता क्षेत्रों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश का प्रथम वन्यजीव विहार 'चंद्रप्रभा वन्यजीव विहार' है, जो चंदौली जिले में स्थित है, तथा राज्य का सबसे बड़ा वन्यजीव विहार 'हस्तिनापुर वन्यजीव विहार' है जो मेरठ, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, अमरोहा और गाजियाबाद जिलों तक फैला हुआ है। 2. राज्य का सबसे छोटा वन्यजीव विहार ललितपुर जिले में स्थित 'महावीर स्वामी वन्यजीव विहार' है, जिसकी स्थापना वर्ष 1977 में की गई थी, और यह विशेष रूप से भारतीय तेंदुओं और काले हिरणों के संरक्षण के लिए जाना जाता है। 3. उत्तर प्रदेश का प्रथम पक्षी विहार 'नवाबगंज पक्षी विहार' (वर्तमान में चंद्रशेखर आजाद पक्षी विहार) उन्नाव जिले में स्थित है, जिसकी स्थापना वर्ष 1984 में की गई थी, जबकि सबसे बड़ा पक्षी विहार कन्नौज जिले में स्थित 'लाख बहोसी पक्षी विहार' है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए तीनों कथन उत्तर प्रदेश के वन्यजीव एवं पक्षी विहारों के संदर्भ में पूर्णतः सत्य हैं। 1. चंद्रप्रभा वन्यजीव विहार (चंदौली) राज्य का पहला वन्यजीव विहार (स्थापना 1957) है और हस्तिनापुर सबसे बड़ा है। 2. महावीर स्वामी वन्यजीव विहार (ललितपुर) क्षेत्रफल की दृष्टि से राज्य का सबसे छोटा वन्यजीव विहार है। 3. उन्नाव स्थित नवाबगंज पक्षी विहार (चन्द्रशेखर आजाद पक्षी विहार) उत्तर प्रदेश का पहला पक्षी विहार है और लाख बहोसी पक्षी विहार (कन्नौज) सबसे बड़ा पक्षी विहार है।
Related Questions
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उत्तर प्रदेश के खनिज संसाधनों और उनकी प्राप्ति वाले प्रमुख जिलों के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. 'यूरेनियम' - ललितपुर जिला (यह उत्तर प्रदेश का एकमात्र ऐसा जिला है जहाँ यूरेनियम के सीमित भंडार पाए जाते हैं।)
2. 'डोलोमाइट' - सोनभद्र जिला (इसके कजरी क्षेत्र में डोलोमाइट के प्रचुर भंडार हैं, जिसका उपयोग इस्पात उद्योग और refractories में किया जाता है।)
3. 'कांच बालू (Glass Sand)' - इलाहाबाद (प्रयागराज) और चित्रकूट जिले (यहाँ की गंगा और यमुना नदियों के किनारे मिलने वाली बालू उच्च कोटि के कांच निर्माण के लिए प्रसिद्ध है।)
4. 'रॉक फॉस्फेट' - बांदा और ललितपुर जिले (इस खनिज का मुख्य उपयोग रासायनिक उर्वरकों के निर्माण में कृषि क्षेत्र के लिए किया जाता है।)
उपर्युक्त युग्मों में से कौन सा/से सही सुमेलित है/हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम की रणनीतियाँ और metacognition (अधि-संज्ञानात्मक्ता)' के संदर्भ में, जॉन फ्लैवेल (John Flavell) द्वारा प्रतिपादित 'अधि-संज्ञानात्मक ज्ञान और विनियमन' (Metacognitive Knowledge and Regulation) के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डorsolateral प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Dorsolateral Prefrontal Cortex - dlPFC), 'पूर्ववर्ती सिंगुलेट कॉर्टेक्स' (Anterior Cingulate Cortex - ACC) और 'इंसुला' (Insula) के बीच स्व-निगरानी (Self-Monitoring), त्रुटि पहचान (Error Detection) और संज्ञानात्मक नियंत्रण (Cognitive Control) की सक्रियण गतिकी, तथा रेमंड ब्राउन (Ann L. Brown) द्वारा प्रतिपादित 'अधि-संज्ञानात्मक रणनीतियों के कार्यकारी प्रबंधन' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक व उच्च प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, स्व-नियामक अधिगम (Self-Regulated Learning - SRL) और विद्यार्थियों में उच्च-क्रम के संज्ञानात्मक प्रसंस्करण, स्वायत्त समस्या-समाधान व चिंतन कौशल के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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प्राचीन भारतीय शिक्षा प्रणाली और दर्शन के संदर्भ में, मीमांसा (पूर्व मीमांसा) दर्शन और उसके प्रणेता के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पूर्व मीमांसा दर्शन के संस्थापक महर्षि जैमिनी हैं, जिनका मुख्य उद्देश्य वेदों के कर्मकांडीय हिस्से (ब्राह्मण ग्रंथों) की व्याख्या करना और वैदिक यज्ञों व अनुष्ठानों की अनिवार्यता को स्थापित करना है।
2. इस दर्शन के अनुसार, धर्म ही वह सर्वोच्च नियम है जो मनुष्य को उसके कर्तव्यों का बोध कराता है, और वेदों को 'अपौरुषेय' (किसी पुरुष या देवता द्वारा रचित नहीं बल्कि शाश्वत) माना गया है।
3. उत्तर मीमांसा (वेदांत दर्शन), जिसे बादरायण द्वारा रचित ब्रह्मसूत्र पर आधारित माना जाता है, पूर्व मीमांसा के बिल्कुल विपरीत केवल ज्ञान मार्ग पर बल देती है, जबकि पूर्व मीमांसा कर्म मार्ग पर जोर देती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम के शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत' (Classical Conditioning Theory) के संदर्भ में, रूसी physiologist इवान पावलोव (Ivan Pavlov) के प्रयोगों में 'विलुप्तिकरण' (Extinction), 'स्वतः पुनःप्रकट होना' (Spontaneous Recovery), और 'उत्तेजना सामान्यीकरण' (Stimulus Generalization) की अवधारणाओं के वैज्ञानिक स्वरूप तथा उनके अधिगम प्रक्रियाओं में अंतर्संबंधों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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हिंदी भाषा के विकास और उसके ऐतिहासिक क्रम के संदर्भ में, अपभ्रंश के विभिन्न रूपों से आधुनिक भारतीय भाषाओं का विकास हुआ है। इसके तहत 'शौरसेनी अपभ्रंश' से निम्नलिखित में से किस आधुनिक भारतीय भाषा समूह का विकास नहीं हुआ है?
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