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उत्तर प्रदेश के वन्यजीव संरक्षण, प्रमुख पक्षी विहारों और उनके स्थापना वर्षों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. उत्तर प्रदेश का प्रथम पक्षी विहार 'नवाबगंज पक्षी विहार' (वर्तमान में चंद्रशेखर आजाद पक्षी विहार) उन्नाव जिले में स्थित है, जिसकी स्थापना वर्ष 1984 में की गई थी और यह राज्य का पहला अधिसूचित पक्षी विहार है।
- 2. 'समसपुर पक्षी विहार' रायबरेली जिले में स्थित है, जिसकी स्थापना वर्ष 1987 में की गई थी, तथा यह प्रवासी पक्षियों के लिए एक प्रमुख संरक्षित आद्रभूमि क्षेत्र है।
- 3. 'बखिरा पक्षी विहार' गोरखपुर जिले में स्थित है, जिसे हाल ही में रामसर साइट (Ramsar Site) के रूप में भी मान्यता दी गई है, और इसकी स्थापना वर्ष 1995 में की गई थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: उत्तर प्रदेश का प्रथम पक्षी विहार 'नवाबगंज पक्षी विहार' (अब आधिकारिक नाम 'चंद्रशेखर आजाद पक्षी विहार') उन्नाव जिले में स्थित है और इसकी स्थापना वर्ष 1984 में हुई थी। कथन 2 सही है: 'समसपुर पक्षी विहार' रायबरेली जिले में स्थित है, जिसकी स्थापना वर्ष 1987 में की गई थी। कथन 3 गलत है: 'बखिरा पक्षी विहार' गोरखपुर जिले में नहीं, बल्कि 'संत कबीर नगर' जिले में स्थित है (यद्यपि इसकी स्थापना 1990 में हुई थी और इसे रामसर साइट का दर्जा प्राप्त है, किंतु जिला गोरखपुर होने के कारण यह कथन तथ्यात्मक रूप से गलत हो जाता है)। अतः केवल कथन 1 और 2 सही हैं।
Related Questions
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं जलवायु संदर्भ में, राज्य में ग्रीष्मकाल में चलने वाली गर्म एवं शुष्क हवाओं जिन्हें 'लू' कहा जाता है, तथा यहाँ की वर्षा ऋतु के वितरण के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश में ग्रीष्म ऋतु में चलने वाली उष्ण तथा शुष्क पछुआ हवाओं को 'लू' कहा जाता है, जिनका प्रभाव विशेष रूप से राज्य के पश्चिमी और मध्यवर्ती मैदानी जिलों में सबसे अधिक तीव्रता से महसूस किया जाता है।
2. राज्य में होने वाली कुल वर्षा का लगभग 75% से 80% भाग दक्षिण-पश्चिम मानसून से प्राप्त होता है, जो मुख्य रूप से जून के अंतिम सप्ताह से सितंबर माह तक सक्रिय रहता है।
3. उत्तर प्रदेश में मानसून की वर्षा का वितरण एकसमान है, जिसके कारण राज्य के पूर्वी तराई क्षेत्रों से लेकर पश्चिमी मैदानी तथा दक्षिणी बुंदेलखंड के पठारी क्षेत्रों तक वर्षा की मात्रा में कोई विशेष भिन्नता या गिरावट दर्ज नहीं की जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं भू-आकृतिक प्रदेशों के अंतर्गत नदियों, उनके उद्गम स्थलों और अपवाह तंत्र के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'शारदा नदी' (जिसे मैदानी क्षेत्रों में काली या महाकाली भी कहा जाता है) का उद्गम उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में मिलाम ग्लेशियर के पास से होता है, और यह उत्तर प्रदेश में पीलीभीत जिले के पास प्रवेश करती है।
2. 'राप्ती नदी' का उद्गम नेपाल के लघु हिमालय क्षेत्र में रुकुमकोट के पास से होता है, और यह उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के बरहज के पास घाघरा नदी में मिल जाती है।
3. 'बेतवा नदी' का उद्गम मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के कुमरागाँव (विंध्याचल पर्वतमाला) से होता है, जो उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले के पास यमुना नदी में मिलती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत एवं लेव वायगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक विकास के सिद्धांत के तुलनात्मक संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पियाजे का मानना था कि बालक का संज्ञानात्मक विकास उसकी जैविक परिपक्वता (Biological Maturation) और पर्यावरण के साथ सक्रिय भौतिक अन्वेषण से पहले होता है, जबकि भाषा इस विकास का उपोत्पाद (By-product) मात्र है।
2. वायगोत्स्की के अनुसार भाषा और चिंतन आरंभ में दो स्वतंत्र और अलग गतिविधियाँ होती हैं, लेकिन लगभग 2 वर्ष की आयु के आसपास बालक के भीतर भाषा और विचार आपस में मिल जाते हैं, जिससे बालक 'आंतरिक वाक्' (Inner Speech) के माध्यम से अपने चिंतन को विनियमित करना सीखता है।
3. पियाजे के सिद्धांत में 'बालक को एक छोटा वैज्ञानिक' (Little Scientist) माना गया है जो ज्ञान का निर्माण स्वयं अपने स्वतंत्र प्रयासों से करता है, जबकि वायगोत्स्की के सिद्धांत में ज्ञान के सह-निर्माण (Co-construction) के लिए सामाजिक अंतःक्रिया और सांस्कृतिक उपकरणों को केंद्रीय महत्व दिया गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं कृषि-जलवायु क्षेत्रों (Agro-Climatic Zones) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश को योजना आयोग द्वारा कुल 9 कृषि-जलवायु क्षेत्रों में विभाजित किया गया है, जो राज्य की मृदा प्रकार, वर्षा की मात्रा और तापमान भिन्नता पर आधारित हैं।
2. 'भाबर और तराई क्षेत्र' के अंतर्गत आने वाले जिलों में धान और गन्ने की खेती अत्यधिक मात्रा में की जाती है, क्योंकि यहाँ की मृदा में नमी की पर्याप्त मात्रा और भू-जल स्तर ऊँचा होता है।
3. 'बुंदेलखंड कृषि-जलवायु क्षेत्र' के अंतर्गत लाल मृदा (Red Soil), परवा और मार मिट्टियाँ पाई जाती हैं, जहाँ सिंचाई के साधनों की सीमित उपलब्धता के कारण मुख्यतः चना, मटर और ज्वार जैसी कम पानी की आवश्यकता वाली फसलें उगाई जाती हैं।
4. उत्तर प्रदेश के पश्चिमी मैदानी क्षेत्र (Western Plain Zone) में गेहूं और गन्ने का सर्वाधिक उत्पादन होता है, और यह क्षेत्र देश में हरित क्रांति के सबसे पहले और सर्वाधिक सफल प्रयोग वाले क्षेत्रों में से एक रहा है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक इतिहास, स्वाधीनता संग्राम और प्रमुख जनपदों के परिप्रेक्ष्य में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वर्ष 1902 में उत्तर प्रदेश का नाम बदलकर 'संयुक्त प्रान्त आगरा एवं अवध' (United Provinces of Agra and Oudh) कर दिया गया था, जिसकी राजधानी को वर्ष 1921 में इलाहबाद से पूर्ण रूप से लखनऊ स्थानांतरित कर दिया गया था।
2. वर्ष 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के दौरान, अवध क्षेत्र में विद्रोह का नेतृत्व बेगम हज़रत महल ने किया था, जबकि रोहिलखंड क्षेत्र में इस आन्दोलन की कमान खान बहादुर खान ने संभाली थी।
3. 'चौरी-चौरा कांड' (जो 4 फरवरी 1922 को हुआ था) के परिणामस्वरूप महात्मा गांधी ने असहयोग आंदोलन को तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया था, और यह ऐतिहासिक घटना वर्तमान समय में उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के अंतर्गत आती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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